Friday, May 15, 2015

यूपी आईपीएस द्वारा छुपाई गयी अचल संपत्तियों के मामले में राजभवन ने दिखाई सख्ती : सामाजिक संगठन 'तहरीर' की शिकायत पर यूपी के राज्यपाल ने नागरिक सुरक्षा के महानिदेशक को दिए नागरिक सुरक्षा के संयुक्त निदेशक आईजी की छुपाई गयी अचल संपत्तियों की जाँच के आदेश.




Lucknow.TAHRIR.15-05-15. यूपी आईपीएस द्वारा छुपाई गयी अचल संपत्तियों के मामले में यूपी के राजभवन ने  सख्ती दिखाते हुए  सामाजिक संगठन 'तहरीर' की शिकायत पर  नागरिक सुरक्षा के महानिदेशक को  नागरिक सुरक्षा के  संयुक्त निदेशक आईजी अमिताभ ठाकुर की छुपाई गयी अचल संपत्तियों की जाँच के आदेश दिए हैं .


दरअसल पारदर्शिता,जबाबदेही और मानवाधिकार संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत सामाजिक संगठन 'तहरीर' को पता चला था कि 1992 बैच के आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने वर्ष 2010 में केन्द्रीय गृह मंत्रालय को दी गयी अपनी अचल संपत्ति की जानकारी(इम्मूवेबिल प्रोपर्टी रिटर्न) में बताया था कि उनके और उनकी पत्नी के नाम से लखनऊ व बिहार में दस संपत्तियां थी.इनमें राजधानी के गोमतीनगर स्थित विरामखंड में एक एचआईजी मकान, खरगापुर में पांच प्लाट व उजरियांव में एक पांच हजार स्क्वायर फिट में मकान भी थे.इसके अलावा बिहार के मुजफ्फरपुर, पटना, सीतामढ़ी में भी उनके पास मकान व कृषि भूमि थी. इन सभी संपत्तियों से उनकी वार्षिक आय दो लाख 88 हजार 390 रुपये थी. उनके पास इतनी संपत्तियां होने के मामले ने जब तूल पकड़ा था तो उन्होंने बाद के वर्षो में दाखिल किये गये अपने आईपीआर में उनके नाम केवल दो संपत्तियां ही होने का दावा किया था. अमिताभ ठाकुर अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम आठ संपत्तियों की जानकारी छुपा गये थे.

गौरतलब है कि इससे पहले भी अचल सम्पत्तियां छुपाने के  मामले में आईपीएस अमिताभ ठाकुर के खिलाफ डीजीपी के निर्देश पर आईजी कार्मिक ने उनकी संपत्ति की प्रारंभिक जांच की थी. जांच में उनके खिलाफ लगे आरोपों के पक्ष में कई अहम प्रमाण भी मिले थे पर कोई अंतिम कार्यवाही नही हो पाई थी.

अमिताभ ठाकुर और नूतन ठाकुर ने इन परिसंपत्तियों में से एक को अपने एनजीओ 'पीपल्स फोरम' को देकर उस पर ‘बलात्कार पीड़ित महिलाओं का स्मारक’ बनाने की घोषणा भी की थी परंतु शायद 'तहरीर' द्वारा अचल संपत्तियों का प्रकरण उठा देने पर इस संपत्ति का स्थानांतरण नहीं हो सका और शायद इसीलिए अभी तक इस स्मारक का निर्माण भी नहीं कराया गया है और स्मारक बनाने की घोषणा राजनेताओं की वयानबाजी की तरह महज समाचारों तक ही सीमित होकर रह गयी है.

तहरीर के संस्थापक अध्यक्ष के रूप  में मैने इस प्रकरण की जाँच हेतु सूबे के राज्यपाल को पत्र लिखा था. अब राज्यपाल ने प्रकरण को जाँच हेतु नागरिक सुरक्षा के महानिदेशक  को भेज दिया है.

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Letter as sent by TAHRIR to Governor of Uttar Pradesh 
         101,Narain Tower,F Block,Rajajipuram                                                                                  
           Lucknow,Uttar Pradesh-226017

                                                   Website :http://tahririndia.blogspot.in/

E-mail : tahririndia@gmail.com                                                                   Twitter Handle : @tahririndia                                                                        Mobile : 9369613513

 

  



 
 Transparency, Accountability & Human Rights Initiative for Revolution         
logo tahrir low pixel.jpg                       

Letter No. : TAHRIR/02/2014-15/150303                                 Date : 03-03-2015
To,
Director General - Uttar Pradesh Civil Defense
Civil Defense Directorate, Uttar Pradesh
531,Jawahar Bhavan, Ashok Marg, Lucknow

Sub.: Discrepancies in Immovable Property Returns ( IPRs ) and non-filing of IPRs  of  
IPS No. 19921024,a 1992 batch UP cadre IPS Amitabh Thakur, presently posted as Joint Director – Civil Defense : Request to get the matter inquired appropriately and take subsequent action in accordance with the law of the land.

Sir/Madam,
TAHRIR ( Transparency, Accountability & Human Rights initiative for revolution ) is a Bareilly/Lucknow based Social Organization, working at grass-root level by taking up & solving issues related to strengthening transparency & accountability in public life and protection of Human Rights in India.

We have come to know through news website www.samaylive.com that in year 2010, Amitabh Thakur submitted his IPR showing some 10 properties but hide 8 properties in his IPR submitted in following year 2011 as he declared only 2 properties. Two page photocopy of news item is attached for your perusal.

When we searched website of Ministry of Home Affairs http://mha1.nic.in/ipr/iprrpt.aspx , we came to know this IPS has not submitted his IPRs for the year 2012,2013 & 2014.  

Through this memorandum, we are raising our demand to initiate a formal inquiry into the Discrepancies in Immovable Property Returns ( IPRs ) and non-filing of IPRs  of  IPS No. 19921024,a 1992 batch UP cadre IPS Amitabh Thakur, presently posted as Joint Director – Civil Defense and take subsequent action in accordance with the law of the land.

Attachments : As above ( Two Pages )

Copy to : The Governor of Uttar Pradesh, Uttar Pradesh Government ,Lucknow.

Humbly sent with lots of expectations for immediate action.
Sincerely yours,

Sanjay Sharma سنجے شرما संजय शर्मा
( Founder & Chairman)

Tuesday, May 12, 2015

यूपी के एडीजी - लॉ एण्ड आर्डर करेंगे आइपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के सहयोग से बलात्कार किए जाने के मामले में आइपीएस की पत्नी द्वारा छुपकर पीड़िता के जिले गाज़ियाबाद जाने का सच जानने के लिए जाँच और नार्को टेस्ट की माँग बाली सामाजिक संस्था 'तहरीर' की शिकायत पर कार्यवाही।



यूपी के एडीजी - लॉ एण्ड आर्डर करेंगे आइपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के सहयोग से बलात्कार किए जाने के मामले में आइपीएस की पत्नी द्वारा छुपकर पीड़िता  के  जिले गाज़ियाबाद जाने का सच जानने के लिए जाँच  और नार्को टेस्ट की माँग  बाली  सामाजिक संस्था  'तहरीर' की  शिकायत पर कार्यवाही।


यूपी के एडीजी - लॉ एण्ड आर्डर को यूपी पुलिस कंप्यूटर सेण्टर द्वारा  अग्रेषित पत्र  यहां पाएं : http://tahririndia.blogspot.in/2015/05/up-police-computer-center-forwards.html


सामाजिक संस्था  'तहरीर' की  शिकायत यहां पाएं : http://tahririndia.blogspot.in/2015/05/02-16-2015.html

TAHRIR's complaint for inquiry & Narco test of IPS Amitabh Thakur's social & RTI activist, advocate wife Dr. Nutan Thakur in alleged 'Rape,Molestation & Sexual Harassment by Amitabh with the help of Nutan' forwarded to UP ADG Law and Order by UP Police Computer Center.


TAHRIR's complaint for inquiry & Narco test of IPS Amitabh Thakur's social & RTI activist, advocate wife Dr. Nutan Thakur in alleged 'Rape,Molestation & Sexual Harassment by Amitabh  with the help of Nutan' forwarded to UP ADG Law and Order by UP Police Computer Center.

UPPCC

<uppcc-up@nic.in>
AttachmentTue, May 12, 2015 at 3:27 PM
To: "Law and Order UP, ADG" <adglo@up.nic.in>
Cc: Sanjay Sharma <tahririndia@gmail.com>

Sir
The complaint email is forwarded to your attention

--
SP/AD
UP Police Computer Center
IV floor Jawahar Bhawan Lucknow.


---------- Forwarded message ----------
From: Sanjay Sharma <tahririndia@gmail.com>
To: satyendrakumarraghuvanshi@yahoo.in, saksenak@gmail.com, secup.home1@nic.in, secup.home2@nic.in, secup.home3@nic.in
Cc: hgovup <hgovup@gov.in>, hgovup <hgovup@up.nic.in>, hgovup <hgovup@nic.in>, cmup <cmup@nic.in>, cmup <cmup@up.nic.in>, csup <csup@up.nic.in>, dgp <dgp@up.nic.in>, dgpolice <dgpolice@sify.com>, uppcc <uppcc@up.nic.in>, uppcc-up <uppcc-up@nic.in>, "dmluc@up.nic.in" <dmluc@up.nic.in>, dmluc <dmluc@nic.in>, ssplkw-up@nic.in
Date: Tue, 12 May 2015 14:30:03 +0530
Subject: वरिष्ठ आइपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन ठाकुर के सहयोग से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के साथ बलात्कार किए जाने के मामले में राज्य महिला आयोग में शिकायत होने के 02 दिन बाद आईजी की पत्नी के 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को गाज़ियाबाद जाने का कारण जानने के लिए जाँच और नार्को टेस्ट की माँग
सेवा में,
प्रमुख सचिव / सचिव – गृह विभाग
उत्तर प्रदेश शासन ,लखनऊ - उत्तर प्रदेश satyendrakumarraghuvanshi@yahoo.in
,saksenak@gmail.com ,  secup.home1@nic.in ,  secup.home2@nic.in ,
secup.home3@nic.in

विषय :  वरिष्ठ आइपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री
अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन ठाकुर के सहयोग से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के
साथ बलात्कार किए जाने के मामले में राज्य महिला आयोग में शिकायत होने के
02 दिन बाद आईजी की पत्नी  के 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को गाज़ियाबाद
जाने का कारण जानने के लिए  जाँच  और नार्को टेस्ट की माँग

महोदय,
अवगत कराना है कि तहरीर TAHRIR ( Transparency, Accountability & Human
Rights’ Initiative for Revolution - पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवाधिकार
क्रांति के लिए पहल  )  भारत में लोक जीवन में पारदर्शिता संवर्धन,
जबाबदेही निर्धारण और आमजन के मानवाधिकारों के संरक्षण के हितार्थ  जमीनी
स्तर पर कार्यशील संस्था  है  l

सूबे के राज्यपाल राम नाईक ने मेरी एक शिकायत पर आप को वरिष्ठ आइपीएस
अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन
ठाकुर के सहयोग से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के साथ बलात्कार किए जाने के
मामले की शीघ्र जाँच कर प्रकरण में विधिअनुसार न्यायोचित कार्यवाही करने
का निर्देश दिया है (प्रति संलग्न) .


दरअसल बीते जनवरी में गाजियाबाद और एटा की अलग-अलग महिलाओं द्वारा राज्य
महिला आयोग की शरण में जाकर पुलिस महानिरीक्षक (नागरिक रक्षा) अमिताभ
ठाकुर द्वारा अपनी समाजसेविका पत्नी नूतन ठाकुर की मदद से जबरन बलात्कार
करने और जबरन सेक्सुअल हेरेसमेंट करने के आरोप लगाते हुए कार्यवाही के
लिए अर्जियाँ दीं गयीं थीं. राज्य महिला आयोग ने यह मामले जाँच हेतु
स्थानीय एसएसपी को भेज दिए थे. गाजियाबाद की महिला ने आरोप लगाया था कि
नूतन ने नौकरी का लालच देकर उन्हें लखनऊ के गोमतीनगर स्थित आवस पर
बुलाया. देर रात नूतन के पति अमिताभ ठाकुर ने उसके साथ रेप किया. एटा की
लड़की का कहना था कि नूतन ठाकुर एनजीओ के नाम पर लड़की सप्लाई करती हैं और
नूतन ने उस औरत को जबरदस्ती अपने पति अमिताभ के पास तेल मालिश और दुराचार
के लिए भेजा था. ये दोनों शिकायतें 14 जनवरी 2015 ( बुधवार ) को लगातार
क्रम संख्या 1501 और 1502 पर राज्य महिला आयोग में दर्ज हुईं.


उस समय इस संबंध में नूतन ठाकुर का कहना था कि वे मामले से अनभिज्ञ थीं
और उनको इस घटना की जानकारी दिनांक 17/01/2015 ( शनिवार ) की शाम को समय
19.09 पर एक अखबार से फोन आने पर हुई जबकि मुझे विश्वष्त सूत्रों से पता
चला था कि गाजियाबाद की महिला द्वारा राज्य महिला आयोग में शिकायत करने
के 02 दिन बाद 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को नूतन ठाकुर गाज़ियाबाद गयी थी
हालाँकि नूतन ने 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को अपने गाज़ियाबाद जाने की
बात को स्वयं तो कभी स्वीकारा ही नहीं और तो और जानकारी करने पर हमेशा ही
इसे नकारा था. नूतन के इस झूंठ से यह स्पष्ट हो रहा था कि इस मामले में
ठाकुर दंपत्ति अवश्य कुछ न कुछ छुपा रही थी और इसीलिए संदेह होने पर इस
मामले में पूरा सच सामने लाने के उद्देश्य से  मैंने इस सम्बन्ध में कई
शिकायत   राज्यपाल को भेजी थी.


मानवाधिकार कार्यकर्ता के रूप में मेरा प्रयास  रहता है कि अपराध करने के
बाद कोई भी व्यक्ति अपनी उच्च पंहुच और उच्च संबंधों के चलते तिगड़म
लगाकर छूटना नहीं चाहिए और यह भी कि आपराधिक आरोप के प्रत्येक   मामले
में पूरा सच सामने आना ही चाहिए.


गाजियाबाद की महिला द्वारा राज्य महिला आयोग में शिकायत करने के 02 दिन
बाद 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को नूतन ठाकुर द्वारा गाज़ियाबाद जाने पर
भी वहाँ जाने से मना करने से नूतन-अमिताभ द्वारा घटना का पता लगने पर
गाज़ियाबाद जाकर अपनी उच्च स्थिति और पंहुच का प्रयोग कर पीड़ित महिला को
साम-दाम-दंड-भेद द्वारा शांत कर देने की आशंका भी जन्म ले रही है और
अखवारों की खबरों के आधार पर उच्च न्यायालय में पीआईएल कर 'सूनामी' का
खिताव पाने बाली अधिवक्ता नूतन ठाकुर और अमिताभ ठाकुर का अपनी प्रतिष्ठा
से जुड़ी इस लड़ाई में तीन महीने बाद भी उच्च न्यायालय जाने जैसा कोई ठोस
कदम उठाने के स्थान पर महज कुछ प्रत्यावेदन देकर मामले की लीपापोती मात्र
काराने के उद्देश्य से शांत हो कर बैठने से यह आशंका और भी बलवती हो रही
है.यही कारण हैं जिनकी बजह से मैं अब नूतन ठाकुर के 16 जनवरी 2015
(शुक्रवार) को गाज़ियाबाद में होने के प्रमाण  ( स्क्रीनशॉट् की प्रति )
आप प्रमुख सचिव गृह को देकर नूतन और अमिताभ का नार्को टेस्ट कराते हुए इस
हाइ प्रोफाइल मामले का पूरा सच सामने लाने के लिए जाँच का अनुरोध कर रहा
हूँ.

In this regard, I posted a facebook status also.Details  of facebook
status and subsequent discussion is available at under-given link.
https://www.facebook.com/photo.php?fbid=1616857051864113&set=a.1510248059191680.1073741828.100006195014817&type=1&comment_tracking={%22tn%22%3A%22O%22}

उपरोक्त के आलोक में आपसे अनुरोध है कि  वरिष्ठ आइपीएस अमिताभ ठाकुर
द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन ठाकुर के सहयोग
से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के साथ बलात्कार किए जाने के मामले में राज्य
महिला आयोग में शिकायत होने के 02 दिन बाद आईजी की पत्नी  के 16 जनवरी
2015 (शुक्रवार) को गाज़ियाबाद जाने का कारण जानने के लिए  जाँच  और
नार्को टेस्ट करायें I

प्रतिलिपि ( for necessary action at their end ) ई-मेल द्वारा प्रेषित :
1-      महामहिम श्री राज्यपाल -उत्तर प्रदेश
लखनऊ - उत्तर प्रदेश "hgovup" <hgovup@nic.in>, "hgovup" <hgovup@up.nic.in>,
2-      मुख्य मंत्री -उत्तर प्रदेश
लखनऊ - उत्तर प्रदेश "cmup" <cmup@nic.in>, "cmup" <cmup@up.nic.in>,
3-      मुख्य सचिव-उत्तर प्रदेश
लखनऊ - उत्तर प्रदेश "csup" <csup@up.nic.in>,
4- पुलिस महानिदेशक - उत्तर प्रदेश "dgp" <dgp@up.nic.in>, "dgpolice"
<dgpolice@sify.com>, "uppcc" <uppcc@up.nic.in>, "uppcc-up"
<uppcc-up@nic.in>,
5-   जिलाधिकारी - जनपद लखनऊ
     उत्तर प्रदेश, भारत,पिन कोड -226001
ई. मेल "dmluc@up.nic.in" <dmluc@up.nic.in>, "dmluc" <dmluc@nic.in>,
6- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  - जनपद लखनऊ
 उत्तर प्रदेश, भारत,पिन कोड -226001
ssplkw-up@nic.in

संलग्नक : उपरोक्तानुसार 02 पेज
दिनांक : 12-05-2015
भवदीय,

(इं० संजय शर्मा )
संस्थापक एवं अध्यक्ष - तहरीर
101,नारायण टॉवर, F ब्लॉक ईदगाह के सामने,राजाजीपुरम, लखनऊ उत्तर प्रदेश,
पिन कोड 226017
मोबाइल 8081898081 ई-मेल tahririndia@gmail.com


--
Sanjay Sharma سنجے شرما संजय शर्मा
( Founder & Chairman)
Transparency, Accountability & Human Rights Initiative for Revolution
( TAHRIR )
101,Narain Tower,F Block, Rajajipuram
                                Lucknow,Uttar Pradesh-226017
Facebook : https://www.facebook.com/sanjay.sharma.tahrir
Website :http://tahririndia.blogspot.in/
E-mail : tahririndia@gmail.com
Twitter Handle : @tahririndia
Mobile : 9369613513


 TAHRIR ( Transparency, Accountability & Human Rights initiative for
revolution ) is a Bareilly/Lucknow based Social Organization, working
at grass-root level by taking up & solving issues related to
strengthening transparency & accountability in public life and
protection of Human Rights in India.   तहरीर (पारदर्शिता, जवाबदेही और
मानवाधिकार क्रांति के लिए पहल  )  भारत में लोक जीवन में पारदर्शिता
संवर्धन, जबाबदेही निर्धारण और आमजन के मानवाधिकारों के संरक्षण के
हितार्थ  जमीनी स्तर पर कार्यशील संस्था  है  l


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वरिष्ठ आइपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन ठाकुर के सहयोग से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के साथ बलात्कार किए जाने के मामले में राज्य महिला आयोग में शिकायत होने के 02 दिन बाद आईजी की पत्नी के 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को गाज़ियाबाद जाने का कारण जानने के लिए जाँच और नार्को टेस्ट की माँग


वरिष्ठ आइपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन ठाकुर के सहयोग से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के साथ बलात्कार किए जाने के मामले में राज्य महिला आयोग में शिकायत होने के 02 दिन बाद आईजी की पत्नी के 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को गाज़ियाबाद जाने का कारण जानने के लिए जाँच और नार्को टेस्ट की माँग

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Sanjay Sharma

<tahririndia@gmail.com>
AttachmentTue, May 12, 2015 at 2:30 PM
To: satyendrakumarraghuvanshi@yahoo.in, saksenak@gmail.com, secup.home1@nic.in, secup.home2@nic.in, secup.home3@nic.in
Cc: hgovup <hgovup@gov.in>, hgovup <hgovup@up.nic.in>, hgovup <hgovup@nic.in>, cmup <cmup@nic.in>, cmup <cmup@up.nic.in>, csup <csup@up.nic.in>, dgp <dgp@up.nic.in>, dgpolice <dgpolice@sify.com>, uppcc <uppcc@up.nic.in>, uppcc-up <uppcc-up@nic.in>, "dmluc@up.nic.in" <dmluc@up.nic.in>, dmluc <dmluc@nic.in>, ssplkw-up@nic.in

सेवा में,
प्रमुख सचिव / सचिव – गृह विभाग
उत्तर प्रदेश शासन ,लखनऊ - उत्तर प्रदेश satyendrakumarraghuvanshi@yahoo.in
,saksenak@gmail.com ,  secup.home1@nic.in ,  secup.home2@nic.in ,
secup.home3@nic.in

विषय :  वरिष्ठ आइपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री
अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन ठाकुर के सहयोग से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के
साथ बलात्कार किए जाने के मामले में राज्य महिला आयोग में शिकायत होने के
02 दिन बाद आईजी की पत्नी  के 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को गाज़ियाबाद
जाने का कारण जानने के लिए  जाँच  और नार्को टेस्ट की माँग

महोदय,
अवगत कराना है कि तहरीर TAHRIR ( Transparency, Accountability & Human
Rights’ Initiative for Revolution - पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवाधिकार
क्रांति के लिए पहल  )  भारत में लोक जीवन में पारदर्शिता संवर्धन,
जबाबदेही निर्धारण और आमजन के मानवाधिकारों के संरक्षण के हितार्थ  जमीनी
स्तर पर कार्यशील संस्था  है  l

सूबे के राज्यपाल राम नाईक ने मेरी एक शिकायत पर आप को वरिष्ठ आइपीएस
अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन
ठाकुर के सहयोग से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के साथ बलात्कार किए जाने के
मामले की शीघ्र जाँच कर प्रकरण में विधिअनुसार न्यायोचित कार्यवाही करने
का निर्देश दिया है (प्रति संलग्न) .


दरअसल बीते जनवरी में गाजियाबाद और एटा की अलग-अलग महिलाओं द्वारा राज्य
महिला आयोग की शरण में जाकर पुलिस महानिरीक्षक (नागरिक रक्षा) अमिताभ
ठाकुर द्वारा अपनी समाजसेविका पत्नी नूतन ठाकुर की मदद से जबरन बलात्कार
करने और जबरन सेक्सुअल हेरेसमेंट करने के आरोप लगाते हुए कार्यवाही के
लिए अर्जियाँ दीं गयीं थीं. राज्य महिला आयोग ने यह मामले जाँच हेतु
स्थानीय एसएसपी को भेज दिए थे. गाजियाबाद की महिला ने आरोप लगाया था कि
नूतन ने नौकरी का लालच देकर उन्हें लखनऊ के गोमतीनगर स्थित आवस पर
बुलाया. देर रात नूतन के पति अमिताभ ठाकुर ने उसके साथ रेप किया. एटा की
लड़की का कहना था कि नूतन ठाकुर एनजीओ के नाम पर लड़की सप्लाई करती हैं और
नूतन ने उस औरत को जबरदस्ती अपने पति अमिताभ के पास तेल मालिश और दुराचार
के लिए भेजा था. ये दोनों शिकायतें 14 जनवरी 2015 ( बुधवार ) को लगातार
क्रम संख्या 1501 और 1502 पर राज्य महिला आयोग में दर्ज हुईं.


उस समय इस संबंध में नूतन ठाकुर का कहना था कि वे मामले से अनभिज्ञ थीं
और उनको इस घटना की जानकारी दिनांक 17/01/2015 ( शनिवार ) की शाम को समय
19.09 पर एक अखबार से फोन आने पर हुई जबकि मुझे विश्वष्त सूत्रों से पता
चला था कि गाजियाबाद की महिला द्वारा राज्य महिला आयोग में शिकायत करने
के 02 दिन बाद 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को नूतन ठाकुर गाज़ियाबाद गयी थी
हालाँकि नूतन ने 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को अपने गाज़ियाबाद जाने की
बात को स्वयं तो कभी स्वीकारा ही नहीं और तो और जानकारी करने पर हमेशा ही
इसे नकारा था. नूतन के इस झूंठ से यह स्पष्ट हो रहा था कि इस मामले में
ठाकुर दंपत्ति अवश्य कुछ न कुछ छुपा रही थी और इसीलिए संदेह होने पर इस
मामले में पूरा सच सामने लाने के उद्देश्य से  मैंने इस सम्बन्ध में कई
शिकायत   राज्यपाल को भेजी थी.


मानवाधिकार कार्यकर्ता के रूप में मेरा प्रयास  रहता है कि अपराध करने के
बाद कोई भी व्यक्ति अपनी उच्च पंहुच और उच्च संबंधों के चलते तिगड़म
लगाकर छूटना नहीं चाहिए और यह भी कि आपराधिक आरोप के प्रत्येक   मामले
में पूरा सच सामने आना ही चाहिए.


गाजियाबाद की महिला द्वारा राज्य महिला आयोग में शिकायत करने के 02 दिन
बाद 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को नूतन ठाकुर द्वारा गाज़ियाबाद जाने पर
भी वहाँ जाने से मना करने से नूतन-अमिताभ द्वारा घटना का पता लगने पर
गाज़ियाबाद जाकर अपनी उच्च स्थिति और पंहुच का प्रयोग कर पीड़ित महिला को
साम-दाम-दंड-भेद द्वारा शांत कर देने की आशंका भी जन्म ले रही है और
अखवारों की खबरों के आधार पर उच्च न्यायालय में पीआईएल कर 'सूनामी' का
खिताव पाने बाली अधिवक्ता नूतन ठाकुर और अमिताभ ठाकुर का अपनी प्रतिष्ठा
से जुड़ी इस लड़ाई में तीन महीने बाद भी उच्च न्यायालय जाने जैसा कोई ठोस
कदम उठाने के स्थान पर महज कुछ प्रत्यावेदन देकर मामले की लीपापोती मात्र
काराने के उद्देश्य से शांत हो कर बैठने से यह आशंका और भी बलवती हो रही
है.यही कारण हैं जिनकी बजह से मैं अब नूतन ठाकुर के 16 जनवरी 2015
(शुक्रवार) को गाज़ियाबाद में होने के प्रमाण  ( स्क्रीनशॉट् की प्रति )
आप प्रमुख सचिव गृह को देकर नूतन और अमिताभ का नार्को टेस्ट कराते हुए इस
हाइ प्रोफाइल मामले का पूरा सच सामने लाने के लिए जाँच का अनुरोध कर रहा
हूँ.

In this regard, I posted a facebook status also.Details  of facebook
status and subsequent discussion is available at under-given link.
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उपरोक्त के आलोक में आपसे अनुरोध है कि  वरिष्ठ आइपीएस अमिताभ ठाकुर
द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन ठाकुर के सहयोग
से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के साथ बलात्कार किए जाने के मामले में राज्य
महिला आयोग में शिकायत होने के 02 दिन बाद आईजी की पत्नी  के 16 जनवरी
2015 (शुक्रवार) को गाज़ियाबाद जाने का कारण जानने के लिए  जाँच  और
नार्को टेस्ट करायें I

प्रतिलिपि ( for necessary action at their end ) ई-मेल द्वारा प्रेषित :
1-      महामहिम श्री राज्यपाल -उत्तर प्रदेश
लखनऊ - उत्तर प्रदेश "hgovup" <hgovup@nic.in>, "hgovup" <hgovup@up.nic.in>,
2-      मुख्य मंत्री -उत्तर प्रदेश
लखनऊ - उत्तर प्रदेश "cmup" <cmup@nic.in>, "cmup" <cmup@up.nic.in>,
3-      मुख्य सचिव-उत्तर प्रदेश
लखनऊ - उत्तर प्रदेश "csup" <csup@up.nic.in>,
4- पुलिस महानिदेशक - उत्तर प्रदेश "dgp" <dgp@up.nic.in>, "dgpolice"
<dgpolice@sify.com>, "uppcc" <uppcc@up.nic.in>, "uppcc-up"
<uppcc-up@nic.in>,
5-   जिलाधिकारी - जनपद लखनऊ
     उत्तर प्रदेश, भारत,पिन कोड -226001
ई. मेल "dmluc@up.nic.in" <dmluc@up.nic.in>, "dmluc" <dmluc@nic.in>,
6- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  - जनपद लखनऊ
 उत्तर प्रदेश, भारत,पिन कोड -226001
ssplkw-up@nic.in

संलग्नक : उपरोक्तानुसार 02 पेज
दिनांक : 12-05-2015
भवदीय,

(इं० संजय शर्मा )
संस्थापक एवं अध्यक्ष - तहरीर
101,नारायण टॉवर, F ब्लॉक ईदगाह के सामने,राजाजीपुरम, लखनऊ उत्तर प्रदेश,
पिन कोड 226017
मोबाइल 8081898081 ई-मेल tahririndia@gmail.com


--
Sanjay Sharma سنجے شرما संजय शर्मा
( Founder & Chairman)
Transparency, Accountability & Human Rights Initiative for Revolution
( TAHRIR )
101,Narain Tower,F Block, Rajajipuram
                                Lucknow,Uttar Pradesh-226017
Facebook : https://www.facebook.com/sanjay.sharma.tahrir
Website :http://tahririndia.blogspot.in/
E-mail : tahririndia@gmail.com
Twitter Handle : @tahririndia
Mobile : 9369613513


 TAHRIR ( Transparency, Accountability & Human Rights initiative for
revolution ) is a Bareilly/Lucknow based Social Organization, working
at grass-root level by taking up & solving issues related to
strengthening transparency & accountability in public life and
protection of Human Rights in India.   तहरीर (पारदर्शिता, जवाबदेही और
मानवाधिकार क्रांति के लिए पहल  )  भारत में लोक जीवन में पारदर्शिता
संवर्धन, जबाबदेही निर्धारण और आमजन के मानवाधिकारों के संरक्षण के
हितार्थ  जमीनी स्तर पर कार्यशील संस्था  है  l

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Wednesday, May 6, 2015

यूपी आईजी द्वारा बलात्कार मामले में शीघ्र जाँच कर कार्यवाही करें प्रमुख सचिव गृह - राज्यपाल का आदेश : आईजी की पत्नी का झूंठ उजागर करने के लिए नार्को टेस्ट की माँग करेगा सामाजिक संगठन तहरीर.





Pressnote. TAHRIR. लखनऊ. 07 मई 2015 . सूबे के राज्यपाल राम नाईक ने सामाजिक संगठन तहरीर की शिकायत पर उत्तर प्रदेश के गृह विभाग के प्रमुख सचिव को वरिष्ठ आइपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन ठाकुर के सहयोग से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के साथ बलात्कार किए जाने के मामले की  शीघ्र जाँच कर प्रकरण में विधिअनुसार न्यायोचित कार्यवाही करने का निर्देश दिया है.

दरअसल बीते जनवरी में  गाजियाबाद और एटा की अलग-अलग महिलाओं द्वारा राज्य महिला आयोग की शरण में जाकर  पुलिस महानिरीक्षक (नागरिक रक्षा) अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी समाजसेविका पत्नी नूतन ठाकुर की मदद से जबरन बलात्कार करने और जबरन सेक्सुअल हेरेसमेंट करने के आरोप लगाते हुए कार्यवाही के लिए अर्जियाँ दीं गयीं थीं. राज्य महिला आयोग ने यह मामले जाँच हेतु स्थानीय एसएसपी को भेज दिए थे. गाजियाबाद की महिला ने आरोप लगाया था कि नूतन ने नौकरी का लालच देकर उन्हें लखनऊ के गोमतीनगर स्थित आवस पर बुलाया. देर रात नूतन के पति अमिताभ ठाकुर ने उसके साथ रेप किया. एटा की लड़की का कहना था कि नूतन ठाकुर एनजीओ के नाम पर लड़की सप्लाई करती हैं और नूतन ने उस औरत को जबरदस्ती अपने पति अमिताभ के पास तेल मालिश और दुराचार के लिए भेजा था. ये दोनों शिकायतें 14 जनवरी 2015 ( बुधवार ) को लगातार क्रम संख्या 1501 और 1502 पर  राज्य महिला आयोग में दर्ज हुईं.


उस समय इस संबंध में नूतन ठाकुर का कहना था कि वे मामले से अनभिज्ञ थीं और उनको इस घटना की जानकारी  दिनांक 17/01/2015 ( शनिवार )  की शाम को समय 19.09 पर एक अखबार से फोन आने पर हुई जबकि सामाजिक संगठन तहरीर को विश्वष्त सूत्रों से पता चला था कि गाजियाबाद की महिला द्वारा राज्य महिला आयोग में शिकायत करने के 02 दिन बाद 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को नूतन ठाकुर गाज़ियाबाद गयी थी हालाँकि नूतन ने इस शुक्रवार  अपने गाज़ियाबाद जाने की बात को स्वयं तो कभी स्वीकारा ही नहीं और तो और जानकारी करने पर हमेशा ही इसे नकारा था.
 
नूतन के इस झूंठ से यह स्पष्ट हो रहा था कि इस मामले में ठाकुर दंपत्ति अवश्य कुछ न कुछ छुपा रही थी और इसीलिए संदेह होने पर इस मामले में पूरा सच सामने लाने के उद्देश्य से तहरीर ने यह शिकायत दिनांक 18 जनवरी 2015 (रविवार) को राज्यपाल को भेजी थी. http://tahririndia.blogspot.in/2015/01/seeking-high-level-enquiry-based-on.html

सामाजिक संगठन तहरीर का मानना है कि अपराध करने के बाद  कोई भी व्यक्ति अपनी उच्च पंहुच और उच्च संबंधों के चलते तिगड़म लगाकर छूटना नहीं चाहिए और यह भी कि प्रत्येक मामले में पूरा सच सामने आना ही चाहिए.

तहरीर के संस्थापक इंजिनियर संजय शर्मा का कहना है कि गाजियाबाद की महिला द्वारा राज्य महिला आयोग में शिकायत करने के 02 दिन बाद 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को नूतन ठाकुर द्वारा  गाज़ियाबाद जाने पर भी वहाँ जाने से मना करने से नूतन-अमिताभ द्वारा घटना का पता लगने पर गाज़ियाबाद जाकर अपनी उच्च स्थिति और पंहुच का प्रयोग कर पीड़ित महिला को साम-दाम-दंड-भेद द्वारा शांत कर देने की आशंका भी जन्म ले रही है और अखवारों की खबरों के आधार पर उच्च न्यायालय में पीआईएल कर 'सूनामी' का खिताव पाने बाली अधिवक्ता नूतन ठाकुर और अमिताभ ठाकुर का अपनी प्रतिष्ठा से जुड़ी इस लड़ाई में तीन महीने बाद भी उच्च न्यायालय जाने जैसा कोई ठोस कदम उठाने के स्थान पर महज कुछ प्रत्यावेदन देकर मामले की लीपापोती मात्र काराने के उद्देश्य से  शांत हो कर बैठने से यह आशंका और भी बलवती हो रही है.

संजय ने बताया कि यही कारण हैं जिनकी बजह से उनका संगठन अब नूतन ठाकुर के 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को गाज़ियाबाद में होने के प्रमाण प्रमुख सचिव गृह को देकर नूतन और अमिताभ का नार्को टेस्ट कराते हुए इस हाइ प्रोफाइल मामले का पूरा सच सामने लाने के लिए जाँच का अनुरोध करेगा.