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Tuesday, May 12, 2015

TAHRIR's complaint for inquiry & Narco test of IPS Amitabh Thakur's social & RTI activist, advocate wife Dr. Nutan Thakur in alleged 'Rape,Molestation & Sexual Harassment by Amitabh with the help of Nutan' forwarded to UP ADG Law and Order by UP Police Computer Center.


TAHRIR's complaint for inquiry & Narco test of IPS Amitabh Thakur's social & RTI activist, advocate wife Dr. Nutan Thakur in alleged 'Rape,Molestation & Sexual Harassment by Amitabh  with the help of Nutan' forwarded to UP ADG Law and Order by UP Police Computer Center.

UPPCC

<uppcc-up@nic.in>
AttachmentTue, May 12, 2015 at 3:27 PM
To: "Law and Order UP, ADG" <adglo@up.nic.in>
Cc: Sanjay Sharma <tahririndia@gmail.com>

Sir
The complaint email is forwarded to your attention

--
SP/AD
UP Police Computer Center
IV floor Jawahar Bhawan Lucknow.


---------- Forwarded message ----------
From: Sanjay Sharma <tahririndia@gmail.com>
To: satyendrakumarraghuvanshi@yahoo.in, saksenak@gmail.com, secup.home1@nic.in, secup.home2@nic.in, secup.home3@nic.in
Cc: hgovup <hgovup@gov.in>, hgovup <hgovup@up.nic.in>, hgovup <hgovup@nic.in>, cmup <cmup@nic.in>, cmup <cmup@up.nic.in>, csup <csup@up.nic.in>, dgp <dgp@up.nic.in>, dgpolice <dgpolice@sify.com>, uppcc <uppcc@up.nic.in>, uppcc-up <uppcc-up@nic.in>, "dmluc@up.nic.in" <dmluc@up.nic.in>, dmluc <dmluc@nic.in>, ssplkw-up@nic.in
Date: Tue, 12 May 2015 14:30:03 +0530
Subject: वरिष्ठ आइपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन ठाकुर के सहयोग से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के साथ बलात्कार किए जाने के मामले में राज्य महिला आयोग में शिकायत होने के 02 दिन बाद आईजी की पत्नी के 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को गाज़ियाबाद जाने का कारण जानने के लिए जाँच और नार्को टेस्ट की माँग
सेवा में,
प्रमुख सचिव / सचिव – गृह विभाग
उत्तर प्रदेश शासन ,लखनऊ - उत्तर प्रदेश satyendrakumarraghuvanshi@yahoo.in
,saksenak@gmail.com ,  secup.home1@nic.in ,  secup.home2@nic.in ,
secup.home3@nic.in

विषय :  वरिष्ठ आइपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री
अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन ठाकुर के सहयोग से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के
साथ बलात्कार किए जाने के मामले में राज्य महिला आयोग में शिकायत होने के
02 दिन बाद आईजी की पत्नी  के 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को गाज़ियाबाद
जाने का कारण जानने के लिए  जाँच  और नार्को टेस्ट की माँग

महोदय,
अवगत कराना है कि तहरीर TAHRIR ( Transparency, Accountability & Human
Rights’ Initiative for Revolution - पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवाधिकार
क्रांति के लिए पहल  )  भारत में लोक जीवन में पारदर्शिता संवर्धन,
जबाबदेही निर्धारण और आमजन के मानवाधिकारों के संरक्षण के हितार्थ  जमीनी
स्तर पर कार्यशील संस्था  है  l

सूबे के राज्यपाल राम नाईक ने मेरी एक शिकायत पर आप को वरिष्ठ आइपीएस
अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन
ठाकुर के सहयोग से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के साथ बलात्कार किए जाने के
मामले की शीघ्र जाँच कर प्रकरण में विधिअनुसार न्यायोचित कार्यवाही करने
का निर्देश दिया है (प्रति संलग्न) .


दरअसल बीते जनवरी में गाजियाबाद और एटा की अलग-अलग महिलाओं द्वारा राज्य
महिला आयोग की शरण में जाकर पुलिस महानिरीक्षक (नागरिक रक्षा) अमिताभ
ठाकुर द्वारा अपनी समाजसेविका पत्नी नूतन ठाकुर की मदद से जबरन बलात्कार
करने और जबरन सेक्सुअल हेरेसमेंट करने के आरोप लगाते हुए कार्यवाही के
लिए अर्जियाँ दीं गयीं थीं. राज्य महिला आयोग ने यह मामले जाँच हेतु
स्थानीय एसएसपी को भेज दिए थे. गाजियाबाद की महिला ने आरोप लगाया था कि
नूतन ने नौकरी का लालच देकर उन्हें लखनऊ के गोमतीनगर स्थित आवस पर
बुलाया. देर रात नूतन के पति अमिताभ ठाकुर ने उसके साथ रेप किया. एटा की
लड़की का कहना था कि नूतन ठाकुर एनजीओ के नाम पर लड़की सप्लाई करती हैं और
नूतन ने उस औरत को जबरदस्ती अपने पति अमिताभ के पास तेल मालिश और दुराचार
के लिए भेजा था. ये दोनों शिकायतें 14 जनवरी 2015 ( बुधवार ) को लगातार
क्रम संख्या 1501 और 1502 पर राज्य महिला आयोग में दर्ज हुईं.


उस समय इस संबंध में नूतन ठाकुर का कहना था कि वे मामले से अनभिज्ञ थीं
और उनको इस घटना की जानकारी दिनांक 17/01/2015 ( शनिवार ) की शाम को समय
19.09 पर एक अखबार से फोन आने पर हुई जबकि मुझे विश्वष्त सूत्रों से पता
चला था कि गाजियाबाद की महिला द्वारा राज्य महिला आयोग में शिकायत करने
के 02 दिन बाद 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को नूतन ठाकुर गाज़ियाबाद गयी थी
हालाँकि नूतन ने 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को अपने गाज़ियाबाद जाने की
बात को स्वयं तो कभी स्वीकारा ही नहीं और तो और जानकारी करने पर हमेशा ही
इसे नकारा था. नूतन के इस झूंठ से यह स्पष्ट हो रहा था कि इस मामले में
ठाकुर दंपत्ति अवश्य कुछ न कुछ छुपा रही थी और इसीलिए संदेह होने पर इस
मामले में पूरा सच सामने लाने के उद्देश्य से  मैंने इस सम्बन्ध में कई
शिकायत   राज्यपाल को भेजी थी.


मानवाधिकार कार्यकर्ता के रूप में मेरा प्रयास  रहता है कि अपराध करने के
बाद कोई भी व्यक्ति अपनी उच्च पंहुच और उच्च संबंधों के चलते तिगड़म
लगाकर छूटना नहीं चाहिए और यह भी कि आपराधिक आरोप के प्रत्येक   मामले
में पूरा सच सामने आना ही चाहिए.


गाजियाबाद की महिला द्वारा राज्य महिला आयोग में शिकायत करने के 02 दिन
बाद 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को नूतन ठाकुर द्वारा गाज़ियाबाद जाने पर
भी वहाँ जाने से मना करने से नूतन-अमिताभ द्वारा घटना का पता लगने पर
गाज़ियाबाद जाकर अपनी उच्च स्थिति और पंहुच का प्रयोग कर पीड़ित महिला को
साम-दाम-दंड-भेद द्वारा शांत कर देने की आशंका भी जन्म ले रही है और
अखवारों की खबरों के आधार पर उच्च न्यायालय में पीआईएल कर 'सूनामी' का
खिताव पाने बाली अधिवक्ता नूतन ठाकुर और अमिताभ ठाकुर का अपनी प्रतिष्ठा
से जुड़ी इस लड़ाई में तीन महीने बाद भी उच्च न्यायालय जाने जैसा कोई ठोस
कदम उठाने के स्थान पर महज कुछ प्रत्यावेदन देकर मामले की लीपापोती मात्र
काराने के उद्देश्य से शांत हो कर बैठने से यह आशंका और भी बलवती हो रही
है.यही कारण हैं जिनकी बजह से मैं अब नूतन ठाकुर के 16 जनवरी 2015
(शुक्रवार) को गाज़ियाबाद में होने के प्रमाण  ( स्क्रीनशॉट् की प्रति )
आप प्रमुख सचिव गृह को देकर नूतन और अमिताभ का नार्को टेस्ट कराते हुए इस
हाइ प्रोफाइल मामले का पूरा सच सामने लाने के लिए जाँच का अनुरोध कर रहा
हूँ.

In this regard, I posted a facebook status also.Details  of facebook
status and subsequent discussion is available at under-given link.
https://www.facebook.com/photo.php?fbid=1616857051864113&set=a.1510248059191680.1073741828.100006195014817&type=1&comment_tracking={%22tn%22%3A%22O%22}

उपरोक्त के आलोक में आपसे अनुरोध है कि  वरिष्ठ आइपीएस अमिताभ ठाकुर
द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन ठाकुर के सहयोग
से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के साथ बलात्कार किए जाने के मामले में राज्य
महिला आयोग में शिकायत होने के 02 दिन बाद आईजी की पत्नी  के 16 जनवरी
2015 (शुक्रवार) को गाज़ियाबाद जाने का कारण जानने के लिए  जाँच  और
नार्को टेस्ट करायें I

प्रतिलिपि ( for necessary action at their end ) ई-मेल द्वारा प्रेषित :
1-      महामहिम श्री राज्यपाल -उत्तर प्रदेश
लखनऊ - उत्तर प्रदेश "hgovup" <hgovup@nic.in>, "hgovup" <hgovup@up.nic.in>,
2-      मुख्य मंत्री -उत्तर प्रदेश
लखनऊ - उत्तर प्रदेश "cmup" <cmup@nic.in>, "cmup" <cmup@up.nic.in>,
3-      मुख्य सचिव-उत्तर प्रदेश
लखनऊ - उत्तर प्रदेश "csup" <csup@up.nic.in>,
4- पुलिस महानिदेशक - उत्तर प्रदेश "dgp" <dgp@up.nic.in>, "dgpolice"
<dgpolice@sify.com>, "uppcc" <uppcc@up.nic.in>, "uppcc-up"
<uppcc-up@nic.in>,
5-   जिलाधिकारी - जनपद लखनऊ
     उत्तर प्रदेश, भारत,पिन कोड -226001
ई. मेल "dmluc@up.nic.in" <dmluc@up.nic.in>, "dmluc" <dmluc@nic.in>,
6- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  - जनपद लखनऊ
 उत्तर प्रदेश, भारत,पिन कोड -226001
ssplkw-up@nic.in

संलग्नक : उपरोक्तानुसार 02 पेज
दिनांक : 12-05-2015
भवदीय,

(इं० संजय शर्मा )
संस्थापक एवं अध्यक्ष - तहरीर
101,नारायण टॉवर, F ब्लॉक ईदगाह के सामने,राजाजीपुरम, लखनऊ उत्तर प्रदेश,
पिन कोड 226017
मोबाइल 8081898081 ई-मेल tahririndia@gmail.com


--
Sanjay Sharma سنجے شرما संजय शर्मा
( Founder & Chairman)
Transparency, Accountability & Human Rights Initiative for Revolution
( TAHRIR )
101,Narain Tower,F Block, Rajajipuram
                                Lucknow,Uttar Pradesh-226017
Facebook : https://www.facebook.com/sanjay.sharma.tahrir
Website :http://tahririndia.blogspot.in/
E-mail : tahririndia@gmail.com
Twitter Handle : @tahririndia
Mobile : 9369613513


 TAHRIR ( Transparency, Accountability & Human Rights initiative for
revolution ) is a Bareilly/Lucknow based Social Organization, working
at grass-root level by taking up & solving issues related to
strengthening transparency & accountability in public life and
protection of Human Rights in India.   तहरीर (पारदर्शिता, जवाबदेही और
मानवाधिकार क्रांति के लिए पहल  )  भारत में लोक जीवन में पारदर्शिता
संवर्धन, जबाबदेही निर्धारण और आमजन के मानवाधिकारों के संरक्षण के
हितार्थ  जमीनी स्तर पर कार्यशील संस्था  है  l


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वरिष्ठ आइपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन ठाकुर के सहयोग से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के साथ बलात्कार किए जाने के मामले में राज्य महिला आयोग में शिकायत होने के 02 दिन बाद आईजी की पत्नी के 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को गाज़ियाबाद जाने का कारण जानने के लिए जाँच और नार्को टेस्ट की माँग


वरिष्ठ आइपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन ठाकुर के सहयोग से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के साथ बलात्कार किए जाने के मामले में राज्य महिला आयोग में शिकायत होने के 02 दिन बाद आईजी की पत्नी के 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को गाज़ियाबाद जाने का कारण जानने के लिए जाँच और नार्को टेस्ट की माँग

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Sanjay Sharma

<tahririndia@gmail.com>
AttachmentTue, May 12, 2015 at 2:30 PM
To: satyendrakumarraghuvanshi@yahoo.in, saksenak@gmail.com, secup.home1@nic.in, secup.home2@nic.in, secup.home3@nic.in
Cc: hgovup <hgovup@gov.in>, hgovup <hgovup@up.nic.in>, hgovup <hgovup@nic.in>, cmup <cmup@nic.in>, cmup <cmup@up.nic.in>, csup <csup@up.nic.in>, dgp <dgp@up.nic.in>, dgpolice <dgpolice@sify.com>, uppcc <uppcc@up.nic.in>, uppcc-up <uppcc-up@nic.in>, "dmluc@up.nic.in" <dmluc@up.nic.in>, dmluc <dmluc@nic.in>, ssplkw-up@nic.in

सेवा में,
प्रमुख सचिव / सचिव – गृह विभाग
उत्तर प्रदेश शासन ,लखनऊ - उत्तर प्रदेश satyendrakumarraghuvanshi@yahoo.in
,saksenak@gmail.com ,  secup.home1@nic.in ,  secup.home2@nic.in ,
secup.home3@nic.in

विषय :  वरिष्ठ आइपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री
अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन ठाकुर के सहयोग से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के
साथ बलात्कार किए जाने के मामले में राज्य महिला आयोग में शिकायत होने के
02 दिन बाद आईजी की पत्नी  के 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को गाज़ियाबाद
जाने का कारण जानने के लिए  जाँच  और नार्को टेस्ट की माँग

महोदय,
अवगत कराना है कि तहरीर TAHRIR ( Transparency, Accountability & Human
Rights’ Initiative for Revolution - पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवाधिकार
क्रांति के लिए पहल  )  भारत में लोक जीवन में पारदर्शिता संवर्धन,
जबाबदेही निर्धारण और आमजन के मानवाधिकारों के संरक्षण के हितार्थ  जमीनी
स्तर पर कार्यशील संस्था  है  l

सूबे के राज्यपाल राम नाईक ने मेरी एक शिकायत पर आप को वरिष्ठ आइपीएस
अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन
ठाकुर के सहयोग से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के साथ बलात्कार किए जाने के
मामले की शीघ्र जाँच कर प्रकरण में विधिअनुसार न्यायोचित कार्यवाही करने
का निर्देश दिया है (प्रति संलग्न) .


दरअसल बीते जनवरी में गाजियाबाद और एटा की अलग-अलग महिलाओं द्वारा राज्य
महिला आयोग की शरण में जाकर पुलिस महानिरीक्षक (नागरिक रक्षा) अमिताभ
ठाकुर द्वारा अपनी समाजसेविका पत्नी नूतन ठाकुर की मदद से जबरन बलात्कार
करने और जबरन सेक्सुअल हेरेसमेंट करने के आरोप लगाते हुए कार्यवाही के
लिए अर्जियाँ दीं गयीं थीं. राज्य महिला आयोग ने यह मामले जाँच हेतु
स्थानीय एसएसपी को भेज दिए थे. गाजियाबाद की महिला ने आरोप लगाया था कि
नूतन ने नौकरी का लालच देकर उन्हें लखनऊ के गोमतीनगर स्थित आवस पर
बुलाया. देर रात नूतन के पति अमिताभ ठाकुर ने उसके साथ रेप किया. एटा की
लड़की का कहना था कि नूतन ठाकुर एनजीओ के नाम पर लड़की सप्लाई करती हैं और
नूतन ने उस औरत को जबरदस्ती अपने पति अमिताभ के पास तेल मालिश और दुराचार
के लिए भेजा था. ये दोनों शिकायतें 14 जनवरी 2015 ( बुधवार ) को लगातार
क्रम संख्या 1501 और 1502 पर राज्य महिला आयोग में दर्ज हुईं.


उस समय इस संबंध में नूतन ठाकुर का कहना था कि वे मामले से अनभिज्ञ थीं
और उनको इस घटना की जानकारी दिनांक 17/01/2015 ( शनिवार ) की शाम को समय
19.09 पर एक अखबार से फोन आने पर हुई जबकि मुझे विश्वष्त सूत्रों से पता
चला था कि गाजियाबाद की महिला द्वारा राज्य महिला आयोग में शिकायत करने
के 02 दिन बाद 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को नूतन ठाकुर गाज़ियाबाद गयी थी
हालाँकि नूतन ने 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को अपने गाज़ियाबाद जाने की
बात को स्वयं तो कभी स्वीकारा ही नहीं और तो और जानकारी करने पर हमेशा ही
इसे नकारा था. नूतन के इस झूंठ से यह स्पष्ट हो रहा था कि इस मामले में
ठाकुर दंपत्ति अवश्य कुछ न कुछ छुपा रही थी और इसीलिए संदेह होने पर इस
मामले में पूरा सच सामने लाने के उद्देश्य से  मैंने इस सम्बन्ध में कई
शिकायत   राज्यपाल को भेजी थी.


मानवाधिकार कार्यकर्ता के रूप में मेरा प्रयास  रहता है कि अपराध करने के
बाद कोई भी व्यक्ति अपनी उच्च पंहुच और उच्च संबंधों के चलते तिगड़म
लगाकर छूटना नहीं चाहिए और यह भी कि आपराधिक आरोप के प्रत्येक   मामले
में पूरा सच सामने आना ही चाहिए.


गाजियाबाद की महिला द्वारा राज्य महिला आयोग में शिकायत करने के 02 दिन
बाद 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को नूतन ठाकुर द्वारा गाज़ियाबाद जाने पर
भी वहाँ जाने से मना करने से नूतन-अमिताभ द्वारा घटना का पता लगने पर
गाज़ियाबाद जाकर अपनी उच्च स्थिति और पंहुच का प्रयोग कर पीड़ित महिला को
साम-दाम-दंड-भेद द्वारा शांत कर देने की आशंका भी जन्म ले रही है और
अखवारों की खबरों के आधार पर उच्च न्यायालय में पीआईएल कर 'सूनामी' का
खिताव पाने बाली अधिवक्ता नूतन ठाकुर और अमिताभ ठाकुर का अपनी प्रतिष्ठा
से जुड़ी इस लड़ाई में तीन महीने बाद भी उच्च न्यायालय जाने जैसा कोई ठोस
कदम उठाने के स्थान पर महज कुछ प्रत्यावेदन देकर मामले की लीपापोती मात्र
काराने के उद्देश्य से शांत हो कर बैठने से यह आशंका और भी बलवती हो रही
है.यही कारण हैं जिनकी बजह से मैं अब नूतन ठाकुर के 16 जनवरी 2015
(शुक्रवार) को गाज़ियाबाद में होने के प्रमाण  ( स्क्रीनशॉट् की प्रति )
आप प्रमुख सचिव गृह को देकर नूतन और अमिताभ का नार्को टेस्ट कराते हुए इस
हाइ प्रोफाइल मामले का पूरा सच सामने लाने के लिए जाँच का अनुरोध कर रहा
हूँ.

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उपरोक्त के आलोक में आपसे अनुरोध है कि  वरिष्ठ आइपीएस अमिताभ ठाकुर
द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन ठाकुर के सहयोग
से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के साथ बलात्कार किए जाने के मामले में राज्य
महिला आयोग में शिकायत होने के 02 दिन बाद आईजी की पत्नी  के 16 जनवरी
2015 (शुक्रवार) को गाज़ियाबाद जाने का कारण जानने के लिए  जाँच  और
नार्को टेस्ट करायें I

प्रतिलिपि ( for necessary action at their end ) ई-मेल द्वारा प्रेषित :
1-      महामहिम श्री राज्यपाल -उत्तर प्रदेश
लखनऊ - उत्तर प्रदेश "hgovup" <hgovup@nic.in>, "hgovup" <hgovup@up.nic.in>,
2-      मुख्य मंत्री -उत्तर प्रदेश
लखनऊ - उत्तर प्रदेश "cmup" <cmup@nic.in>, "cmup" <cmup@up.nic.in>,
3-      मुख्य सचिव-उत्तर प्रदेश
लखनऊ - उत्तर प्रदेश "csup" <csup@up.nic.in>,
4- पुलिस महानिदेशक - उत्तर प्रदेश "dgp" <dgp@up.nic.in>, "dgpolice"
<dgpolice@sify.com>, "uppcc" <uppcc@up.nic.in>, "uppcc-up"
<uppcc-up@nic.in>,
5-   जिलाधिकारी - जनपद लखनऊ
     उत्तर प्रदेश, भारत,पिन कोड -226001
ई. मेल "dmluc@up.nic.in" <dmluc@up.nic.in>, "dmluc" <dmluc@nic.in>,
6- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  - जनपद लखनऊ
 उत्तर प्रदेश, भारत,पिन कोड -226001
ssplkw-up@nic.in

संलग्नक : उपरोक्तानुसार 02 पेज
दिनांक : 12-05-2015
भवदीय,

(इं० संजय शर्मा )
संस्थापक एवं अध्यक्ष - तहरीर
101,नारायण टॉवर, F ब्लॉक ईदगाह के सामने,राजाजीपुरम, लखनऊ उत्तर प्रदेश,
पिन कोड 226017
मोबाइल 8081898081 ई-मेल tahririndia@gmail.com


--
Sanjay Sharma سنجے شرما संजय शर्मा
( Founder & Chairman)
Transparency, Accountability & Human Rights Initiative for Revolution
( TAHRIR )
101,Narain Tower,F Block, Rajajipuram
                                Lucknow,Uttar Pradesh-226017
Facebook : https://www.facebook.com/sanjay.sharma.tahrir
Website :http://tahririndia.blogspot.in/
E-mail : tahririndia@gmail.com
Twitter Handle : @tahririndia
Mobile : 9369613513


 TAHRIR ( Transparency, Accountability & Human Rights initiative for
revolution ) is a Bareilly/Lucknow based Social Organization, working
at grass-root level by taking up & solving issues related to
strengthening transparency & accountability in public life and
protection of Human Rights in India.   तहरीर (पारदर्शिता, जवाबदेही और
मानवाधिकार क्रांति के लिए पहल  )  भारत में लोक जीवन में पारदर्शिता
संवर्धन, जबाबदेही निर्धारण और आमजन के मानवाधिकारों के संरक्षण के
हितार्थ  जमीनी स्तर पर कार्यशील संस्था  है  l

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Wednesday, May 6, 2015

यूपी आईजी द्वारा बलात्कार मामले में शीघ्र जाँच कर कार्यवाही करें प्रमुख सचिव गृह - राज्यपाल का आदेश : आईजी की पत्नी का झूंठ उजागर करने के लिए नार्को टेस्ट की माँग करेगा सामाजिक संगठन तहरीर.





Pressnote. TAHRIR. लखनऊ. 07 मई 2015 . सूबे के राज्यपाल राम नाईक ने सामाजिक संगठन तहरीर की शिकायत पर उत्तर प्रदेश के गृह विभाग के प्रमुख सचिव को वरिष्ठ आइपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी सामाजिक कार्यकत्री अधिवक्ता पत्नी डा० नूतन ठाकुर के सहयोग से ग़ाज़ियाबाद की एक महिला के साथ बलात्कार किए जाने के मामले की  शीघ्र जाँच कर प्रकरण में विधिअनुसार न्यायोचित कार्यवाही करने का निर्देश दिया है.

दरअसल बीते जनवरी में  गाजियाबाद और एटा की अलग-अलग महिलाओं द्वारा राज्य महिला आयोग की शरण में जाकर  पुलिस महानिरीक्षक (नागरिक रक्षा) अमिताभ ठाकुर द्वारा अपनी समाजसेविका पत्नी नूतन ठाकुर की मदद से जबरन बलात्कार करने और जबरन सेक्सुअल हेरेसमेंट करने के आरोप लगाते हुए कार्यवाही के लिए अर्जियाँ दीं गयीं थीं. राज्य महिला आयोग ने यह मामले जाँच हेतु स्थानीय एसएसपी को भेज दिए थे. गाजियाबाद की महिला ने आरोप लगाया था कि नूतन ने नौकरी का लालच देकर उन्हें लखनऊ के गोमतीनगर स्थित आवस पर बुलाया. देर रात नूतन के पति अमिताभ ठाकुर ने उसके साथ रेप किया. एटा की लड़की का कहना था कि नूतन ठाकुर एनजीओ के नाम पर लड़की सप्लाई करती हैं और नूतन ने उस औरत को जबरदस्ती अपने पति अमिताभ के पास तेल मालिश और दुराचार के लिए भेजा था. ये दोनों शिकायतें 14 जनवरी 2015 ( बुधवार ) को लगातार क्रम संख्या 1501 और 1502 पर  राज्य महिला आयोग में दर्ज हुईं.


उस समय इस संबंध में नूतन ठाकुर का कहना था कि वे मामले से अनभिज्ञ थीं और उनको इस घटना की जानकारी  दिनांक 17/01/2015 ( शनिवार )  की शाम को समय 19.09 पर एक अखबार से फोन आने पर हुई जबकि सामाजिक संगठन तहरीर को विश्वष्त सूत्रों से पता चला था कि गाजियाबाद की महिला द्वारा राज्य महिला आयोग में शिकायत करने के 02 दिन बाद 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को नूतन ठाकुर गाज़ियाबाद गयी थी हालाँकि नूतन ने इस शुक्रवार  अपने गाज़ियाबाद जाने की बात को स्वयं तो कभी स्वीकारा ही नहीं और तो और जानकारी करने पर हमेशा ही इसे नकारा था.
 
नूतन के इस झूंठ से यह स्पष्ट हो रहा था कि इस मामले में ठाकुर दंपत्ति अवश्य कुछ न कुछ छुपा रही थी और इसीलिए संदेह होने पर इस मामले में पूरा सच सामने लाने के उद्देश्य से तहरीर ने यह शिकायत दिनांक 18 जनवरी 2015 (रविवार) को राज्यपाल को भेजी थी. http://tahririndia.blogspot.in/2015/01/seeking-high-level-enquiry-based-on.html

सामाजिक संगठन तहरीर का मानना है कि अपराध करने के बाद  कोई भी व्यक्ति अपनी उच्च पंहुच और उच्च संबंधों के चलते तिगड़म लगाकर छूटना नहीं चाहिए और यह भी कि प्रत्येक मामले में पूरा सच सामने आना ही चाहिए.

तहरीर के संस्थापक इंजिनियर संजय शर्मा का कहना है कि गाजियाबाद की महिला द्वारा राज्य महिला आयोग में शिकायत करने के 02 दिन बाद 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को नूतन ठाकुर द्वारा  गाज़ियाबाद जाने पर भी वहाँ जाने से मना करने से नूतन-अमिताभ द्वारा घटना का पता लगने पर गाज़ियाबाद जाकर अपनी उच्च स्थिति और पंहुच का प्रयोग कर पीड़ित महिला को साम-दाम-दंड-भेद द्वारा शांत कर देने की आशंका भी जन्म ले रही है और अखवारों की खबरों के आधार पर उच्च न्यायालय में पीआईएल कर 'सूनामी' का खिताव पाने बाली अधिवक्ता नूतन ठाकुर और अमिताभ ठाकुर का अपनी प्रतिष्ठा से जुड़ी इस लड़ाई में तीन महीने बाद भी उच्च न्यायालय जाने जैसा कोई ठोस कदम उठाने के स्थान पर महज कुछ प्रत्यावेदन देकर मामले की लीपापोती मात्र काराने के उद्देश्य से  शांत हो कर बैठने से यह आशंका और भी बलवती हो रही है.

संजय ने बताया कि यही कारण हैं जिनकी बजह से उनका संगठन अब नूतन ठाकुर के 16 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को गाज़ियाबाद में होने के प्रमाण प्रमुख सचिव गृह को देकर नूतन और अमिताभ का नार्को टेस्ट कराते हुए इस हाइ प्रोफाइल मामले का पूरा सच सामने लाने के लिए जाँच का अनुरोध करेगा.