Friday, July 31, 2015

Anti RTI UP IPS Amitabh Thakur boasts of being an RTI activist !



खुद की अनियमितताएं उजागर होने से रोकने को प्रपंचरत मंचों से पारदर्शिता की बड़ी बड़ी 'गिरगिटी' बातें करने बाला यूपी का कथित आईपीएस एक्टिविस्ट अमिताभ ठाकुर।

आईपीएस ( सम्प्रति निलंबित ) अमिताभ ठाकुर ने अपने से सम्बंधित सूचना का प्रगटन रोकने के लिए अधिनियम का उल्लंघन करने  के साथ साथ जनसूचना अधिकारी के अधिकारों का अवैध अतिक्रमण तक कर डाला।

शातिर अमिताभ ने दिनांक 19-08-14 को प्राप्त आरटीआई आवेदन पर अपने से सम्बंधित सूचना का प्रगटन रोकने के लिए जनसूचना अधिकारी  आन सिंह बिष्ट की अनुपस्थिति में आनन फानन में निर्णय  लिया  और सूचना देने के स्थान पर मुझे अधिनियन की धारा 6(2) के प्रतिकूल अपने कार्यालय बुलाने का आदेश दिनांक 09-09-14 को आन सिंह बिष्ट से जारी कराया। अमिताभ ठाकुर द्वारा  अपने कार्यालय बुलाने का आदेश अपनी पुलिसिया धौंस से  आरटीआई आवेदन बापस कराने का षड्यंत्र था जिसमें मैं नहीं फँसा ।


अपने से सम्बंधित सूचना का प्रगटन रोकने के लिए अधिनियम का उल्लंघन तक करने बाले स्वयंभू आरटीआई एक्टिविस्ट हैं अमिताभ ठाकुर। क्या ऐसे होते हैं आरटीआई एक्टिविस्ट ?


प्रमाण देखिये ->

खुद की अनियमितताएं उजागर होने से रोकने को प्रपंचरत मंचों से पारदर्शिता की बड़ी बड़ी 'गिरगिटी' बातें करने बाला यूपी का कथित आईपीएस एक्टिविस्ट अमिताभ ठाकुर।



आईपीएस ( सम्प्रति निलंबित ) अमिताभ ठाकुर ने अपने से सम्बंधित सूचना का प्रगटन रोकने के लिए अधिनियम का उल्लंघन करने  के साथ साथ जनसूचना अधिकारी के अधिकारों का अवैध अतिक्रमण तक कर डाला। 



शातिर अमिताभ ने दिनांक 19-08-14 को प्राप्त आरटीआई आवेदन पर अपने से सम्बंधित सूचना का प्रगटन रोकने के लिए जनसूचना अधिकारी  आन सिंह बिष्ट की अनुपस्थिति में आनन फानन में निर्णय  लिया  और सूचना देने के स्थान पर मुझे अधिनियन की धारा 6(2) के प्रतिकूल अपने कार्यालय बुलाने का आदेश दि
नांक 09-09-14 को आन सिंह बिष्ट से जारी कराया। अमिताभ ठाकुर द्वारा  अपने कार्यालय बुलाने का आदेश अपनी पुलिसिया धौंस से  आरटीआई आवेदन बापस कराने का षड्यंत्र था जिसमें मैं नहीं फँसा ।


अपने से सम्बंधित सूचना का प्रगटन रोकने के लिए अधिनियम का उल्लंघन तक करने बाले स्वयंभू आरटीआई एक्टिविस्ट हैं अमिताभ ठाकुर। क्या ऐसे होते हैं आरटीआई एक्टिविस्ट ?


प्रमाण देखिये ->


Tuesday, July 28, 2015

Trouble piles on IPS officer: Lokayukta registers DA case against Amitabh Thakur

IAS Amitabh Thakur, DA case, DA case Amitabh Thakur, , RTI activist Sanjay Sharma, lucknow news, Indian Express Thakur, an IG-rank officer, was suspended by the UP government on July 13 on charges of indiscipline. The Lokayukta on Tuesday registered a case of amassing properties disproportionate to his known sources of income and misusing official position against suspended IPS officer Amitabh Thakur.
N K Mehrotra, who registered the case on the basis of a complaint filed by RTI activist Sanjay Sharma, said Thakur has been asked to file his reply by August 6. The Lokayukta has also sought details of Thakur’s properties from the state appointment and personnel department.
“Sharma has also filed a supplementary complaint, in which he has alleged that Thakur has acquired two properties in Lucknow’s Bhainswara and Khargapur in his mother’s name. He added that two properties in Khargapur and Tiwaripur near Janakipuram were acquired by Thakur’s wife Nutan, a social activist,” said Mehrotra.

In his main complaint, Sharma has alleged that while Thakur has two properties in his name, Nutan has nine properties in Bihar and Lucknow, which are disproportionate to their known sources of income. He has further alleged that the couple have invested black money in a construction project and are using his four NGOs for the purpose.
Sharma has alleged that though he is a public servant, Thakur has stakes in NGOs, which he is not allowed to. When asked, Mehrotra said he is yet to find out whether public servants are allowed to be part of NGOs.
On July 23, Thakur had met Mehrotra and submitted details of his properties. He had claimed that Sharma had levelled such allegations on someone’s direction and requested the Lokayukta to take action against the complainant as per UP Lokayukta Act, if his claims were found to be false.
Thakur, an IG-rank officer, was suspended by the UP government on July 13 on charges of indiscipline. The decision came a few days after Thakur had lodged a complaint with the police, claiming he was threatened by Samajwadi Party chief Mulayam Singh Yadav. His wife had also made public the audio clip containing the purported conversation.
Sharma, meanwhile, has claimed that his complaints were based on the replies that he had received as part of his RTI queries.

http://indianexpress.com/article/cities/lucknow/trouble-piles-on-ias-officer-lokayukta-registers-da-case-against-amitabh-thakur/

Monday, July 27, 2015

मिलिए गरीबों के हक़ पर डकैती डाल प्लाट हड़पने बाली समाजसेविका अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर से । दर-दर भटकने को मजबूर हैं बेचारे असली प्लाट मालिक।



जी हाँ।  हमें मिली एक जाँच रिपोर्ट तो यही कह रही है।  भाई अब तो इनको समाजसेवी कहना छोड़ो क्योंकि ये समाजसेवी तो हैं ही नहीं।  हाँ गिरगिट की तरह रंग बदलते कुछ समकालीन नेताओं जैसे जरूर हैं ये। 

माधव दत्त द्विवेदी , अपर जिला सहकारी अधिकारी, तहसील - बी. के.  टी., जनपदीय कार्यालय , लखनऊ की एक जांच आख्या दिनांक 22 -12-2008 के अनुसार अमिताभ ठाकुर की  पत्नी नूतन ठाकुर ने ममता सहकारी गृह निर्माण समिति लिमिटेड लखनऊ के तत्कालीन सचिव के साथ मिलकर दर्जनों व्यक्तिओं के साथ धोखाधड़ी की और  खरगापुर , लखनऊ में 27200 वर्गफुट आवासीय प्लाट खरीदे।  इसी जांच आख्या के अनुसार अमिताभ ठाकुर की  पत्नी नूतन ठाकुर ने नियमों को धता - बताकर  कुल 40000 वर्गफुट जमीन ममता सहकारी गृह निर्माण समिति लिमिटेड से खरीदी है किन्तु इस अतिरिक्त भूमि का विवरण आज तक सरकार से छुपाया है। शायद नूतन ठाकुर ने  ही  अपने आईपीएस पति की मदद से ममता सहकारी गृह निर्माण समिति लिमिटेड लखनऊ के तत्कालीन सचिव को पलायित भी कर  दिया है।

रिपोर्ट  आप भी पढ़ें।


Press Release : 27/07/15 आरटीआई एक्टिविस्ट संजय शर्मा ने लोकायुक्त को सौंपे यूपी के निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर परिवाद में अमिताभ के परिवार की छुपी सम्पत्तियों, धोखाधड़ी और अमिताभ द्वारा अधीनस्थ महिला कार्मिक की जासूसी कराने के साक्ष्य



Press Release  : 27/07/15 आरटीआई एक्टिविस्ट संजय शर्मा ने लोकायुक्त को सौंपे यूपी के निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर परिवाद में अमिताभ के परिवार की छुपी सम्पत्तियों, धोखाधड़ी और अमिताभ द्वारा अधीनस्थ महिला कार्मिक की जासूसी कराने के साक्ष्य

लखनऊ स्थित सामाजिक संगठन 'तहरीर' के मुखिया और  आरटीआई एक्टिविस्ट संजय शर्मा ने आज लोकायुक्त को  यूपी के निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर के विरुद्ध बीते 21 जुलाई को दायर परिवाद में अमिताभ ठाकुर के परिवार की छुपी सम्पत्तियों, अमिताभ की पत्नी नूतन ठाकुर द्वारा एक सोसाइटी के सचिव के साथ धोखाधड़ी कर गरीबों की जमीन हड़पने और अमिताभ द्वारा अपनी अधीनस्थ महिला कार्मिकों की जासूसी कराने के साक्ष्य सौंपकर इनको जांच में सम्मिलित करने का अनुरोध किया है।

संजय की शिकायत के अनुसार माधव दत्त द्विवेदी , अपर जिला सहकारी अधिकारी, तहसील - बी. के.  टी., जनपदीय कार्यालय , लखनऊ की एक जांच आख्या दिनांक 22 -12-2008 के अनुसार अमिताभ ठाकुर की  पत्नी नूतन ठाकुर ने ममता सहकारी गृह निर्माण समिति लिमिटेड लखनऊ के तत्कालीन सचिव के साथ मिलकर दर्जनों व्यक्तिओं के साथ धोखाधड़ी करके खरगापुर , लखनऊ में 27200 वर्गफुट आवासीय प्लाट खरीदे।  इसी जांच आख्या के अनुसार अमिताभ ठाकुर की  पत्नी नूतन ठाकुर ने नियमों को धता - बताकर  कुल 40000 वर्गफुट जमीन ममता सहकारी गृह निर्माण समिति लिमिटेड से खरीदी है किन्तु इस अतिरिक्त भूमि का विवरण आज तक सरकार से छुपाया है। संजय ने जांच आख्या  के 7 पेजों की छायाप्रति लोकायुक्त को दी है   

संजय ने यह भी कहा है कि अमिताभ ठाकुर ने अपनी काली कमाई खपाने के लिए अपने परिवार , सगे-सम्बन्धियों और मित्रों के नामों से रीयल एस्टेट में  भारी-भरकम निवेश किया है। मूल अभिकथन में दी गयी 11 सम्पत्तियों के अतिरिक्त अमिताभ ठाकुर की माताजी श्रीमती माधुरीबाला पत्नी श्री तपेश्वर नारायण ठाकुर के नाम से गाटा संख्या 816 ग्राम भैंसवारा लखनऊ में 4000 वर्गफुट और गाटा संख्या 536 ग्राम खरगापुर लखनऊ में 28000  वर्गफुट के आवासीय  प्लॉट खरीदे गए हैं। संजय ने बताया उन्होंने अमिताभ ठाकुर की माताजी की 2 और पत्नी श्रीमती नूतन ठाकुर की 3 सम्पत्तियों के विवरण भी लोकायुक्त को दिए हैं

लोकायुक्त को साक्ष्य सौंपते हुए  है कि  अमिताभ ठाकुर ने  लोकसेवक की हैसियत से अपने उच्च पद का दुरुपयोग अपने विभाग की कनिष्ठ महिला कार्मिक को अनुचित अपहानि पंहुचाने के लिए किया है।  अमिताभ ठाकुर ने   लैंगिक उत्पीड़न की पीड़िता का फोटो समाचार पत्र में छपवाया और इसी महिला का फ़ोन अपने अधीनस्थ पुरुष कार्मिक से टेप कराया जो अपने विभाग की कनिष्ठ महिला कार्मिक को अनुचित अपहानि पंहुचाने के दुरुद्देश्य से पद के दुरुपयोग का मामला है  जिसके लिए इनको दण्डित किया जाना जरूरी है।

अपने 25 बिन्दुओं बाले 100 पेज के पत्र में संजय ने हिन्दू अविभाज्य परिवार, आयकर एक्ट, लोकपाल अधिनियम समेत तमाम नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि अमिताभ ठाकुर का यह कथन कि उनको अपनी पत्नी नूतन ठाकुर की सम्पत्तिओं से कोई मतलब नहीं है, महज अपने भ्रष्टाचार को छुपाने का प्रयास है और मेरी शिकायत के इस यह इस मामले में लागू नहीं होता है।