Wednesday, May 10, 2023

यूपी के मान्यता प्राप्त पत्रकारों के खिलाफ हंसराज की शिकायत पर हुई कार्यवाहियों की सूचनाएं आरटीआई में उजागर करेगा सूचना निदेशालय.

लखनऊ / गुरूवार, 11 मई 2023 ........................


 

विगत वर्ष के अगस्त महीने में सूबे की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर इलाके के समाजसेवी हंसराज की एक शिकायत ने सूबे की टॉप पत्रकार बिरादरी में हडकंप मचा दिया था. हंसराज की शिकायत का संज्ञान लेकर शासन ने  सूबे के सूचना निदेशक से आख्या तलब कर ली थी. मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सूचना निदेशक शिशिर ने शासन का पत्र जारी होने के पांचवें दिन ही सूबे के कई टॉप मान्यता प्राप्त पत्रकारों को पत्र जारी करके 10 दिन के भीतर 100 रुपये के शपथ पत्र पर आख्या देने का नोटिस जारी कर दिया था.

 


शिशिर ने पत्रकारों को आदेशित किया था कि वे किसी भी समाचार पत्र के संपादक/स्वामी/प्रकाशक होने अथवा न होने, जिस संस्थान से मान्यता है उसके अतिरिक्त किसी अन्य भी संस्थान में कार्यरत होने अथवा न होने,पत्रकारिता के अतिरिक्त कोई अन्य कार्य न किये जाने के साथ ही यदि उनकी मान्यता उर्दू समाचार पत्र / उर्दू चैनल से हो तो उर्दू भाषा की जानकारी से सम्बंधित प्रमाण पत्र के सम्बन्ध में सूचनाएं 100/- के शपथ पत्र पर दें.

 


इसके बाद यूपी की राजधानी के राजाजीपुरम क्षेत्र निवासी कंसलटेंट इंजीनियर और ट्रांसपेरेंसी, एकाउंटेबिलिटी एंड ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव फॉर रेवोलुशन ( तहरीर ) नाम की पंजीकृत संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय शर्मा ने बीते साल के अगस्त महीने में ही सूचना निदेशालय में ऑनलाइन आरटीआई दायर करके इस सम्बन्ध में 8 बिन्दुओं पर सूचना मांगी थी.

 

संजय ने इस मामले के सम्बन्ध में शासन के सूचना विभाग द्वारा जारी पत्र और इसके संलग्नकों,शासन के इस पत्र पर निदेशालय द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट और इसके संलग्नकों के साथ-साथ इस विषय से सम्बंधित निदेशालय की सभी फाइलों के रिकॉर्ड और नोट-शीट्स  की सत्यापित प्रतियाँ मांगीं थीं.

 

निर्धारित समय में सूचना नहीं मिलने पर संजय ने सूचना निदेशालय में प्रथम अपील दायर की थी जिसके बाद सूचना निदेशालय के प्रेस उपनिदेशक ललित मोहन संजय को सूचना देने के लिए राजी हो गए हैं. ललित ने जनसूचना अधिकारी के माध्यम से पत्र जारी करके संजय को बताया है कि मांगी गई सूचनाएं काफी विस्तृत हैं. ललित ने संजय को कार्यालय दिवस में किसी भी समय कार्यालय आकर उनके समक्ष पत्रावली का अवलोकन करने की बात भी पत्र में लिखी है.

 

संजय ने बताया कि वे शीघ्र ही सूचना निदेशालय जाकर सम्बंधित पत्रावली का अवलोकन करके मांगी गई सूचनाएं प्राप्त करेंगे.

 

 


 

Wednesday, May 3, 2023

प्रिंटिंग प्रेसों और अखबारों का फ़र्जीबाड़ा उजागर करेगा कलेक्ट्रेट लखनऊ का आरटीआई जवाब.

 समाचार सार :   लखनऊ की प्रिंटिंग प्रेसों की सूचनाएं आरटीआई में उजागर करें प्रभारी अधिकारी प्रेस : मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश के बाद जिलाधिकारी लखनऊ का फरमान.

 




लखनऊ / बुधवार, 03 मई 2023 .......................

यूपी की राजधानी लखनऊ में अखबार छापने वाली प्रिंटिंग प्रेसों के गड़बड़झालों को उजागर करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में बीते साल 10 दिसम्बर को लखनऊ के राजाजीपुरम क्षेत्र निवासी कंसलटेंट इंजीनियर और ट्रांसपेरेंसी, एकाउंटेबिलिटी एंड ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव फॉर रेवोल्युशन  नाम की पंजीकृत संस्था के संस्थापक अध्यक्ष संजय शर्मा द्वारा  दायर की गई एक आरटीआई अर्जी पर सूबे के मुख्य सूचना आयुक्त भवेश कुमार सिंह के कड़े रुख के बाद सीएम कार्यालय से लेकर लखनऊ के जिलाधिकारी कार्यालय तक हडकंप मच गया है.

 

जहाँ एक तरफ मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुभाग 4 के अनुभाग अधिकारी और जनसूचना अधिकारी रमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने बीती 14 अप्रैल को सूचना आयोग के सचिव को पत्र लिखकर मामले को सूचना कानून की धारा 6 की उपधारा 3 के तहत लखनऊ के जिला मजिस्ट्रेट को ट्रान्सफर करने की बात कहते हुए उनको आयोग में उपस्थिति से छूट की गुहार लगाई है तो वहीँ दूसरी तरफ जिलाधिकारी लखनऊ ने आरटीआई अर्जी को सूचना कानून की धारा 5 की उपधारा 4 के तहत कलेक्ट्रेट लखनऊ के प्रभारी अधिकारी प्रेस को अंतरित करते हुए आदेशित किया है कि वे अपने पास रक्षित सूचना आरटीआई आवेदक संजय को उपलब्ध करायें.

 


संजय बताते हैं कि प्रिंटिंग प्रेसों को प्रेस एक्ट अधिनियम 25 सन 1968 ईस्वी के अंतर्गत लखनऊ के नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य है. बकौल संजय उनको भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन 7991479999 पर शिकायतें मिलीं थीं कि एक ही पते और एक ही प्रिंटिंग मशीन पर कई अलग-अलग नामों से प्रिंटिंग प्रेसों का पंजीकरण कराकर फर्जीबाड़ा किया जा रहा है जिसके बाद मामले की तह तक जाकर सच्चाई उजागर करने के लिए उन्होंने यह आरटीआई दायर करके लखनऊ में पंजीकृत मुद्रणालयों की कुल संख्या,पंजीकृत मुद्रणालयों के नामों और पतों की सूचना के साथ-साथ पंजीकृत मुद्रणालयों के स्वामियों द्वारा प्रेस एक्ट की धारा 4 अधिनियम 25 सन 1968 ईस्वी के तहत दिए गए घोषणा पत्रों की सत्यापित प्रतियाँ मांगीं थीं.

 

 

 

संजय का कहना है कि कलेक्ट्रेट लखनऊ के प्रभारी अधिकारी प्रेस द्वारा सूचनाएं सार्वजनिक करने के बाद प्रिंटिंग प्रेसों के फ़र्जीबाड़े के साथ-साथ  विज्ञापन व अन्य सरकारी लाभ लेने के लिए फर्जी प्रसार संख्या दिखाकर मात्र फाइल कॉपी छापने वाले जेबी अखबारों का फर्जीबाड़ा भी उजागर होगा.

 

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