Wednesday, July 27, 2022

अवैध निर्माण पर सिटी मोंटेसरी स्कूल को आवास विकास परिषद का नोटिस.

 लखनऊ/ गुरूवार, 28 जुलाई 2022…………………

 विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर साल 2019 में गिनीज बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में जगह बनाने वाले और साल 2002 में पीस एजुकेशन के लिए यूनेस्को प्राइज जीतने वाले यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित सिटी मोंटेसरी स्कूल की 20 शाखाओं में वर्तमान में साढ़े चार हज़ार से अधिक स्टाफ 58 हज़ार से अधिक शिक्षार्थियों के अध्यापन कार्य में लगे हैं. डा. जगदीश गाँधी और डा. भारती गाँधी द्वारा साल 1959 में 5 विद्यार्थियों के साथ शिक्षा के क्षेत्र में उच्च आदर्शों का प्रतिमान स्थापित करने, छात्रों को सामाजिक रूप से प्रेरित और जागरूक नागरिक बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया यह विद्यालय अब बाजारीकरण की अंधी दौड़ में शामिल होकर उच्च आदर्शों की बात तो भरपूर और निरंतर करता है पर धरातल पर इन आदर्शों का पालन करता नज़र नहीं आता है. बच्चों में नैतिक चरित्र निर्माण की बात करने वाला सिटी मोंटेसरी स्कूल स्वयं नैतिकता को ताक पर रखकर काम करता दिखाई दे रहा है.

 राजधानी लखनऊ निवासी  कंसलटेंट इंजीनियर संजय शर्मा ने एक प्रचलित लोकोक्ति “हाथी के दांत खाने के दांत और दिखाने के और” की बात कहते हुए जगदीश गाँधी और भारती गाँधी के सिटी मोंटेसरी स्कूल के प्रबंधन की कथनी करनी में जमीन आसमान का फर्क होने का आरोप लगाया है. संजय कहते हैं कि यूनाइटेड किंगडम का ग्लोबल पायनियर अवार्ड,क्वीन्स यूनिवर्सिटी बेलफ़ास्ट से मानद डॉक्टरेट डिग्री तथा यूपी सरकार के यश भारती पुरस्कार के साथ-साथ देश विदेश के सैकड़ों पुरस्कार और मानद उपाधियाँ प्राप्त करने वाले जगदीश गाँधी तथा उनकी पत्नी भारती गाँधी के साथ साथ सीएमएस प्रबंधन सार्वजनिक मंचों से हमेशा उच्च नैतिक आदर्शों की बात करते दिखाई देते हैं लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनका सीएमएस अब अपने छुद्र निजी लाभों के लिए अधिकांश विद्यालयों की ढांचागत सुरक्षा और अग्निशमन सुरक्षा के प्रति अगंभीर रुख अपनाकर विद्यालय में पढने वाले छात्रों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ कर रहा है.

 संजय बताते है कि हाल ही में उन्होंने सीएमएस की राजाजीपुरम की थाना तालकटोरा के सामने स्थित शाखा तथा राजाजीपुरम ई ब्लाक मार्किट के पास नाले किनारे बनी नई शाखा के अवैध निर्माणों के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतें कीं थीं जिनमें जांच के बाद शिकायतें सही पाई गईं और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने इन दोनों शाखाओं के खिलाफ उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की सुसंगत धाराओं में कार्यवाही शुरू कर दी है.

 संजय बताते हैं कि सीएमएस की अधिकांश शाखाओं में ढांचागत सुरक्षा, अग्निशमन सुरक्षा तथा अन्य सरकारी नियम-कानूनों के अनुपालन में कमी हैं जिनमें अपेक्षित सुधार करना सीएमएस प्रबंधन का नैतिक दायित्य है. संजय ने सभी राजनेताओं,पत्रकारों,धर्मगुरुओं, शिक्षाविदों और समाजसेवियों से सार्वजनिक रूप से अपील की है कि वे अपने-अपने निहित स्वार्थों को त्यागकर तब तक सीएमएस के कार्यक्रमों का बहिष्कार करें जब तक यह विद्यालय अपनी सभी शाखाओं में ढांचागत सुरक्षा, अग्निशमन सुरक्षा तथा अन्य सरकारी नियम-कानूनों का अनुपालन शत-प्रतिशत मानकों के हिसाब से नहीं कर लेता है.

 संजय ने बताया कि सीएमएस द्वारा आगामी नवम्बर माह में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 के विषय पर विश्व भर के मुख्य न्यायाधीशों की 23वीं इंटरनेशनल कांफ्रेंस में शिरकत करने वाले सभी संभाव्य व्यक्तियों को वे सीएमएस द्वारा ढांचागत सुरक्षा, अग्निशमन सुरक्षा तथा अन्य सरकारी नियम-कानूनों के अनुपालन में कमी के साथ विद्यालय चलाने के सरकारी दस्तावेजी प्रमाण ई मेल से भेजते हुए सभी से इस कार्यक्रम का बहिष्कार करने की नैतिक अपील इस आशय से करेंगे कि वे सब सीएमएस के कैम्पसों में पढने वाले आधा लाख से अधिक छात्रों व हज़ारों स्टाफ का जीवन पूर्णरूपेण सुरक्षित करने की उनकी इस मुहिम में सहभागी बनें और इस विद्यालय द्वारा अपनी सभी शाखाओं में ढांचागत सुरक्षा, अग्निशमन सुरक्षा तथा अन्य सरकारी नियम-कानूनों का अनुपालन शत-प्रतिशत मानकों के हिसाब से कर लेना स्वयं के स्तर से सुनिश्चित कर लेने के बाद ही इस विद्यालय के कार्यक्रमों में प्रतिभाग करें. संजय ने विश्वास जताया है कि निजी जीवन में नैतिकता का पालन करने वाले सभी जिम्मेदार व्यक्ति उनकी इस नैतिक अपील को अवश्य मानेंगे.

 नोट : सम्बंधित प्रपत्र वेबलिंक https://tahririndia.blogspot.com/2022/07/blog-post_24.html   से निःशुल्क डाउनलोड कर निःशुल्क प्रयोग किये जा सकते हैं.

 

 

 

 

Sunday, July 24, 2022

जगदीश गाँधी के सिटी मोंटेसरी स्कूल के खाने के दांत और दिखाने के और !

लखनऊ/ सोमवार, 25 जुलाई 2022…………………..

 

विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर साल 2019 में गिनीज बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में जगह बनाने वाले और साल 2002 में पीस एजुकेशन के लिए यूनेस्को प्राइज जीतने वाले यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित सिटी मोंटेसरी स्कूल की 20 शाखाओं में वर्तमान में साढ़े चार हज़ार से अधिक स्टाफ 58 हज़ार से अधिक शिक्षार्थियों के अध्यापन कार्य में लगे हैं. डा. जगदीश गाँधी और डा. भारती गाँधी द्वारा साल 1959 में 5 विद्यार्थियों के साथ शिक्षा के क्षेत्र में उच्च आदर्शों का प्रतिमान स्थापित करने, छात्रों को सामाजिक रूप से प्रेरित और जागरूक नागरिक बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया यह विद्यालय अब बाजारीकरण की अंधी दौड़ में शामिल होकर उच्च आदर्शों की बात तो भरपूर और निरंतर करता है पर धरातल पर इन आदर्शों का पालन करता नज़र नहीं आता है. बच्चों में नैतिक चरित्र निर्माण की बात करने वाला सिटी मोंटेसरी स्कूल स्वयं नैतिकता को ताक पर रखकर काम करता दिखाई दे रहा है.

 


राजधानी लखनऊ निवासी कंसलटेंट इंजीनियर संजय शर्मा ने एक प्रचलित लोकोक्ति “हाथी के दांत खाने के दांत और दिखाने के और” की बात कहते हुए जगदीश गाँधी और भारती गाँधी के सिटी मोंटेसरी स्कूल के प्रबंधन की कथनी करनी में जमीन आसमान का फर्क होने का आरोप लगाया है. संजय कहते हैं कि यूनाइटेड किंगडम का ग्लोबल पायनियर अवार्ड,क्वीन्स यूनिवर्सिटी बेलफ़ास्ट से मानद डॉक्टरेट डिग्री तथा यूपी सरकार के यश भारती पुरस्कार के साथ-साथ देश विदेश के सैकड़ों पुरस्कार और मानद उपाधियाँ प्राप्त करने वाले जगदीश गाँधी तथा उनकी पत्नी भारती गाँधी के साथ साथ सीएमएस प्रबंधन सार्वजनिक मंचों से हमेशा उच्च नैतिक आदर्शों की बात करते दिखाई देते हैं लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनका सीएमएस अब अपने छुद्र निजी लाभों के लिए अधिकांश विद्यालयों की ढांचागत सुरक्षा और अग्निशमन सुरक्षा के प्रति अगंभीर रुख अपनाकर विद्यालय में पढने वाले छात्रों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ कर रहा है.

 

संजय बताते है कि हाल ही में उन्होंने सीएमएस की राजाजीपुरम की थाना तालकटोरा के सामने स्थित शाखा तथा राजाजीपुरम ई ब्लाक मार्किट के पास नाले किनारे बनी नई शाखा के अवैध निर्माणों के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतें कीं थीं जिनमें जांच के बाद शिकायतें सही पाई गईं और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने इन दोनों शाखाओं के खिलाफ उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की सुसंगत धाराओं में कार्यवाही शुरू कर दी है.

 

संजय बताते हैं कि सीएमएस की अधिकांश शाखाओं में ढांचागत सुरक्षा, अग्निशमन सुरक्षा तथा अन्य सरकारी नियम-कानूनों के अनुपालन में कमी हैं जिनमें अपेक्षित सुधार करना सीएमएस प्रबंधन का नैतिक दायित्य है. संजय ने सभी राजनेताओं, पत्रकारों, धर्मगुरुओं, शिक्षाविदों और समाजसेवियों से सार्वजनिक रूप से अपील की है कि वे अपने-अपने निहित स्वार्थों को त्यागकर तब तक सीएमएस के कार्यक्रमों का बहिष्कार करें जब तक यह विद्यालय अपनी सभी शाखाओं में ढांचागत सुरक्षा, अग्निशमन सुरक्षा तथा अन्य सरकारी नियम-कानूनों का अनुपालन शत-प्रतिशत मानकों के हिसाब से नहीं कर लेता है.

 

संजय ने बताया कि सीएमएस द्वारा आगामी नवम्बर माह में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 के विषय पर विश्व भर के मुख्य न्यायाधीशों की 23वीं इंटरनेशनल कांफ्रेंस में शिरकत करने वाले सभी संभाव्य व्यक्तियों को वे सीएमएस द्वारा ढांचागत सुरक्षा, अग्निशमन सुरक्षा तथा अन्य सरकारी नियम-कानूनों के अनुपालन में कमी के साथ विद्यालय चलाने के सरकारी दस्तावेजी प्रमाण ई मेल से भेजते हुए सभी से इस कार्यक्रम का बहिष्कार करने की नैतिक अपील इस आशय से करेंगे कि वे सब सीएमएस के कैम्पसों में पढने वाले आधा लाख से अधिक छात्रों व हज़ारों स्टाफ का जीवन पूर्णरूपेण सुरक्षित करने की उनकी इस मुहिम में सहभागी बनें और इस विद्यालय द्वारा अपनी सभी शाखाओं में ढांचागत सुरक्षा, अग्निशमन सुरक्षा तथा अन्य सरकारी नियम-कानूनों का अनुपालन शत-प्रतिशत मानकों के हिसाब से कर लेना स्वयं के स्तर से सुनिश्चित कर लेने के बाद ही इस विद्यालय के कार्यक्रमों में प्रतिभाग करें. संजय ने विश्वास जताया है कि निजी जीवन में नैतिकता का पालन करने वाले सभी जिम्मेदार व्यक्ति उनकी इस नैतिक अपील को अवश्य मानेंगे.

 

 


 

 

 

Tuesday, July 19, 2022

होटल सौभाग्य इन नाम से एलडीए में जमा नहीं है कोई नक्शा : आरटीआई खुलासा.

 


लखनऊ / 20 जुलाई 2022 ……………….

लखनऊ विकास प्राधिकरण के रिकॉर्ड के अनुसार लखनऊ की स्टेशन रोड पर छितवापुर पुलिस चौकी के पास स्थित होटल सौभाग्य इन के नाम से कोई भी मानचित्र कभी जमा ही नहीं किया गया है तो ऐसी स्थिति में होटल सौभाग्य इन के नाम से एलडीए से मानचित्र पास होने का तो सवाल ही खड़ा नहीं होता है. यह खुलासा लखनऊ निवासी इंजीनियर संजय शर्मा की एक आरटीआई अर्जी पर लखनऊ विकास प्राधिकरण के मानचित्र सेल के अधिशासी अभियंता द्वारा बीती 13 जुलाई को संजय को जारी किये गए एक पत्र से हुआ है.

 

संजय ने बताया कि इस मामले की आरटीआई अर्जी उनके रिकॉर्ड में नहीं है लेकिन लखनऊ विकास प्राधिकरण के मानचित्र सेल के अधिशासी अभियंता के पत्र में यह मामला सूचना आयोग में वाद संख्या एस-3-450/सी/2021 पर दर्ज होना बताया गया है. संजय ने बताया कि वे मामले की अगली सुनवाई में सूचना आयोग जाकर इस मामले की आरटीआई अर्जी को आयोग के रिकॉर्ड से प्राप्त करके आगे की कार्यवाही करेंगे.

 

संजय ने बताया कि फिलहाल वे एलडीए के इस पत्र को सूबे के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और लखनऊ के जिलाधिकारी को भेजकर जनहित के दृष्टिगत इस होटल का लाइसेंस निरस्त कराने की मांग उठाने जा रहे हैं.

 


 

Thursday, July 14, 2022

LDA के रिकॉर्ड में नहीं हैं BJP MLC पवन सिंह चौहान के शिक्षण संस्थानों की बिल्डिंग्स के नक़्शे.

 लखनऊ / शुक्रवार, 15 जुलाई 2022 ……………

उत्तर प्रदेश के सीतापुर से भाजपा के विधान परिषद सदस्य और समाजसेवी तथा शिक्षाविद के रूप में अपनी पहचान बना चुके पवन सिंह चौहान के राजधानी लखनऊ के बक्शी का तालाब क्षेत्र स्थित चार शिक्षण संस्थाओं की बिल्डिंग्स के  स्वीकृत मैप लखनऊ विकास प्राधिकरण के रिकॉर्ड में नहीं है. लखनऊ निवासी इंजीनियर संजय शर्मा द्वारा  इस सम्बन्ध में की गई एक जनसुनवाई शिकायत पर लखनऊ विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन जोन – पांच के सहायक अभियंता राहुल वर्मा ने स्थलीय निरीक्षण के बाद भवन स्वामी से सभी चार बिल्डिंग्स के एलडीए द्वारा स्वीकृत मानचित्रों की मांग कर ली है.

 


 

दरअसल संजय ने मुख्यमंत्री के ऑनलाइन जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करके लखनऊ के एन.एच. 24, सीतापुर रोड, बक्शी का तालाब स्थित कैंपस में चल रहे चार व्यवसायिक संस्थानों क्रमशः एस.आर. इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, एस.आर.एम. बिज़नस स्कूल, एस.आर. ग्लोबल स्कूल तथा एस.आर. इंटरनेशनल स्कूल एंड स्पोर्ट्स अकादमी की बिल्डिंग्स में अब तक हुए वास्तविक निर्माणों की एलडीए कार्यालय में उपलब्ध इन बिल्डिंग्स के स्वीकृत मानचित्रों के सापेक्ष जांच कराने तथा विचलन की स्थिति में नियमानुसार सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्यवाही कराने की मांग की थी.

 

 


राहुल ने अपनी जांच रिपोर्ट में लिखा है कि वर्णित निर्माण लगभग 10 वर्ष पूर्व का है और वर्तमान में कोई निर्माण होते हुए नहीं पाया गया है. राहुल ने संजय को बताया है कि एस आर ग्रुप के मालिकों द्वारा बिल्डिंग्स के स्वीकृत मानचित्र उपलब्ध करा पाने अथवा न करा पाने के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट होने के बाद जांचोपरांत इन बिल्डिंग्स के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कार्यवाही की जायेगी.

 


 

संजय का कहना है कि राजनीति में आने से पहले पवन सिंह चौहान की पहचान एक समाजसेवी  और शिक्षाविद की रही है और मौका मिलने पर उन्होंने सार्वजनिक मंचों से सदैव ही उच्च आदर्शों की बात की है इसीलिए सार्वजनिक जीवन में अब इस मामले में उनसे भी आदर्शों के उन्हीं उच्च मानकों का पालन अपेक्षित है जिनकी बात वे अब तक सार्वजनिक मंचों से करते आये हैं. 

 

 


बकौल संजय, उनको उम्मीद है कि पवन सिंह चौहान का एस.आर. ग्रुप जल्द ही एलडीए द्वारा मांगे गए नक्शों के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर देगा. संजय ने बताया कि यदि एलडीए ने इस मामले में एक महीने में कार्यवाही नहीं की तो वे इस मामले को यूपी के आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव के सामने रखेंगे.

 

 



Friday, July 8, 2022

BOB MD के एडवाइजर अखिल हांडा की सूचना सार्वजनिक करने से अपराधियों के अन्वेषण, पकड़े जाने या अभियोजन की प्रक्रिया में पड़ेगी अड़चन : आरटीआई खुलासा !

 लखनऊ / शनिवार, 09 जुलाई 2022 ……………

अखिल हांडा वह नाम है जो 110 साल पुराने देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक यानि कि बैंक ऑफ़ बड़ोदा के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की अगुआई कर रहा है. अखिल इससे पहले फिनटेक उधमी, उद्योग विश्लेषक और निवेश बैंकर के साथ साथ चर्चित एनजीओ सिटीजन्स फॉर एकाउंटेबिल गवर्नेंस के संस्थापक सदस्य भी रह चुके हैं. हालिया समय में अखिल बैंक ऑफ़ बड़ोदा के प्रबंध निदेशक और सीईओ के सलाहकार होने के साथ साथ फिनटेक के मुखिया और बैंक के न्यू बिज़नेस इनिशिएटिव के मुखिया भी है जो बैंक ऑफ़ बड़ोदा को डिजिटल बैंक में बदलने को संभव और मुमकिन बनाने की जिम्मेवारी निभा रहे हैं. जब समाजसेवी इंजीनियर संजय शर्मा ने अखिल हांडा के प्रोफेशनल क्रियाकलापों के सम्बन्ध में आरटीआई से सूचना मांगीं तो बैंक ऑफ़ बड़ोदा के केन्द्रीय जन सूचना अधिकारी ने एक बेहद चौंकाने वाला उत्तर दिया है.

 


बीती 17 जून को संजय ने अखिल की जॉइनिंग,चयन, डेट ऑफ़ बर्थ,एजुकेशन क्वालिफिकेशन, बैंकिंग एक्सपीरियंस,सेवा शर्तों,सेवा के लाभों,ली गई छुट्टियों, सेवा के अधिकारों और चयन में राजनैतिक दखल होने अथवा नहीं होने के सम्बन्ध में 18 बिन्दुओं पर सूचना मांगी थी.

 

 


मुंबई स्थित बड़ोदा कॉर्पोरेट सेंटर के उप महाप्रबंधक ( आरबीएस ) एवं जन सूचना अधिकारी बिपिन चन्द्र खन्ना ने बीती 5 जुलाई को पत्र जारी करके संजय को जो जानकारी दी है वह बेहद चौंकाने वाली है. संजय की आरटीआई अर्जी के सभी 18 बिन्दुओं पर बिपिन ने लिखा है कि “मांगी गई सूचना तृतीय पक्ष से सम्बंधित है जो व्यक्ति की गोपनीयता पर अवांछित आक्रमण का कारण बनेगी इसलिए हम आपको मांगी गई सूचना आरटीआई कानून की धारा 8(1)(ज) के अंतर्गत प्रदान करने में असमर्थ हैं.

 


 

 

संजय कहते हैं कि आरटीआई कानून की धारा 8(1)(ज) के अंतर्गत किसी नागरिक को ऐसी सूचना देने की बाध्यता नहीं होगी जिससे अपराधियों के अन्वेषणपकड़े जाने या अभियोजन की प्रक्रिया में अड़चन पड़ेगी. 

 

संजय ने बताया कि बिपिन के इस उत्तर के आधार पर वे लोकपाल में शिकायत दर्ज करके अखिल की जॉइनिंग,चयन, डेट ऑफ़ बर्थ,एजुकेशन क्वालिफिकेशन, बैंकिंग एक्सपीरियंस,सेवा शर्तों,सेवा के लाभों,ली गई छुट्टियों, सेवा के अधिकारों और चयन में राजनैतिक दखल होने अथवा नहीं होने के सम्बन्ध में जांच करने की मांग करने जा रहे हैं.

 

 

 

बिपिन ने संजय को प्रथम अपीलीय अधिकारी का विवरण देते हुए लिखा है कि यदि वे उत्तर से संतुष्ट नहीं हैं तो 30 दिन के अन्दर अपील दायर कर सकते हैं. संजय ने कहा है कि सूचना लेने के लिए वे प्रथम अपील दायर करेंगे और यदि आवश्यक हुआ तो बाद में आवश्यकतानुसार केन्द्रीय सूचना आयोग और उच्च न्यायालय की भी शरण लेंगे.