Sunday, November 27, 2022

  झूंठे घोषणा पत्र पर लखनऊ के नाका हिंडोला में श्री बालाजी प्रकाशन प्रिंटर्स चला रहे डा. संपत लाल साहू.

 

लखनऊ/सोमवार,28 नवम्बर 2022 ………………………………..

 

लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाने वाले मीडिया के प्रमुख अंग के रूप में समाचार पत्र लम्बे समय से देश और समाज को आईना दिखाकर लोकशाही को स्थापित करने में अग्रणी भूमिका निभाते चले आये हैं. हम सभी जानते हैं कि समाचार पत्रों की उत्पत्ति प्रिंटिंग प्रेसों में होती हैं इसीलिए अखबार छापने वाली प्रिंटिंग प्रेसों को भी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का एक हिस्सा ही माना जाता है लेकिन अब लोकतंत्र का यह चौथा स्तंभ खुद ही दागदार होता जा रहा है. बहुतायत समाचार पत्रों द्वारा घोषित प्रसार संख्या में फर्जीबाड़ा करके कुछेक प्रतियाँ छापने के मामले सामने आने के साथ ही अब इन अखबारों को छापने वाली प्रिंटिंग प्रेसों द्वारा फर्जीबाड़ा किये जाने के मामले भी सामने आने लगे हैं. ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के थाना कृष्णानगर क्षेत्र स्थित कानपुर रोड एलडीए कॉलोनी के सेक्टर D-1 के आवास संख्या SS-2 बटा 1654 निवासी डा. संपत लाल साहू द्वारा नगर मजिस्ट्रेट लखनऊ के समक्ष झूंठा शपथपत्र देकर धोखाधड़ी और फ्रॉड से श्री बालाजी प्रकाशन प्रिंटर्स नाम की प्रिंटिंग प्रेस का पंजीकरण करा लेने का है जो राजधानी निवासी कंसलटेंट इंजीनियर संजय शर्मा की शिकायतों पर आई सरकारी रिपोर्टों से उजागर हुआ है.

 

 

 

संजय बताते हैं कि लखनऊ के नाका हिंडोला क्षेत्र में राधिका धर्मशाला के पास चकमाकी दुगावा स्थित आवासीय प्लाट संख्या 274 बटा 31 पर चल रहे श्री बालाजी प्रकाशन प्रिंटर्स के स्वामी डा. संपत लाल साहू ने नगर मजिस्ट्रेट लखनऊ कार्यालय से प्रिंटिंग प्रेस का पंजीकरण प्राप्त करने के लिए बीते साल के मार्च महीने की 8 तारीख को एक घोषणा शपथ पत्र दिया था जिसकी प्रति लखनऊ के नगर मजिस्ट्रेट ने लखनऊ के जनपद न्यायाधीश और पुलिस कमिश्नर को भी भेजी थी. इस घोषणा शपथ पत्र में डा. संपत लाल साहू ने श्री बालाजी प्रकाशन प्रिंटर्स में 5 किलोवाट की विद्युत क्षमता स्वीकृत होने की बात कही थी जिसके आधार पर नगर मजिस्ट्रेट लखनऊ से बालाजी प्रिंटिंग प्रेस का पंजीकरण कराया गया था.

 

 


 

संजय बताते हैं कि उन्होंने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत भेजकर श्री बालाजी प्रकाशन प्रिंटर्स को बिजली विभाग द्वारा दिए गए व्यवसायिक कनेक्शन के स्वीकृत लोड, प्रतिष्ठान के वास्तविक लोड और प्रतिष्ठान द्वारा बिजली चोरी किये जाने की जांच कराने की मांग की थी. संजय ने बताया कि उनकी शिकायत पर विद्युत वितरण नगरीय खंड रेजीडेंसी, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड,लेसा लखनऊ के अधिशासी अभियंता ने जांच रिपोर्ट संलग्न करके उनको बताया है कि उक्त स्थल पर मात्र 3 किलोवाट का व्यवसायिक कनेक्शन चल रहा है.

 

 

बकौल संजय इस रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया यह बात सीधे-सीधे सामने आ रही है कि  श्री बालाजी प्रकाशन प्रिंटर्स के स्वामी डा. एस. एल. साहू ने निजी लाभ अर्जित करने के लिए नगर मजिस्ट्रेट लखनऊ के समक्ष जानबूझकर झूंठा धोषणा शपथपत्र देकर धोखाधड़ी और फ्रॉड से प्रिंटिंग प्रेस का पंजीकरण करा लिया है. संजय ने बताया कि वे इस सम्बन्ध में प्रधानमन्त्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर श्री बालाजी प्रकाशन प्रिंटर्स में छपने वाले सभी अखबारों की घोषित प्रसार संख्या और प्रिंटिंग प्रेसों में छपने वाली वास्तविक संख्या की जांच कराने की मांग करने जा रहे हैं.

 

 

 


 

 

 

Tuesday, November 22, 2022

अग्निशमन अनापत्ति लिए बिना नाका हिंडोला में चल रही डा. संपत लाल साहू की बालाजी प्रिंटिंग प्रेस को लखनऊ पुलिस की कड़ी फटकार.

 लखनऊ / बुधवार, 23 नवम्बर 2022 ………………

 

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके स्थित होटल लेवाना में पिछले दिनों हुए भयंकर अग्निकांड में कई मासूमों की जान जाने के बाद भी राजधानी के व्यवसायी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. ताजा मामला राजधानी के नाका हिंडोला क्षेत्र में राधिका धर्मशाला के पास चकमाकी दुगावा में स्थित आवासीय प्लाट संख्या 274 बटा 31 पर लखनऊ विकास प्राधिकरण की मिलीभगत से अवैध रूप से व्यवसायिक निर्माण करके डा. संपत लाल साहू द्वारा अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था किये बिना ही श्री बालाजी प्रकाशन प्रिंटर्स नाम की प्रिंटिंग प्रेस को चलाये जाने का है जो राजधानी के राजाजीपुरम क्षेत्र निवासी कंसलटेंट इंजीनियर संजय शर्मा की शिकायतों के बाद सामने आया है.

 

 

संजय बताते हैं कि ‘तहरीर नामक सामाजिक संस्था की भ्रष्टाचार विरोधी मोबाइल हेल्पलाइन 7991479999 पर श्री बालाजी प्रकाशन प्रिंटर्स की अनेकों अनियमितताओं की शिकायतें की गईं थीं जिसके बाद उन्होंने सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर जांच कराने का अनुरोध किया है. संजय बताते हैं कि इन शिकायतों में आवासीय इलाके में अवैध रूप से बिल्डिंग बनाकर बिना अग्निशमन और प्रदूषण महकमों से अनापत्ति लिए बिना ही प्रिंटिंग प्रेस चलाने, प्रिंटिंग प्रेस में कम विद्युत लोड का बिजली कनेक्शन लेकर बिजली चोरी करने, प्रेस में श्रम कानूनों का उल्लंघन कर श्रमिकों का उत्पीडन करने, प्रेस में छपने वाले अखबारों की मात्र कुछ प्रतियाँ ही छापकर उनको बड़ी संख्या में प्रतियाँ छापने की रसीदें देने जैसी अनियमितताएं उन्होंने मुख्य रूप से उठाई है.

 

 

संजय बताते हैं कि इस मामले में जब पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने थाना नाका के मार्फत जांच कराई है तो सामने आया है कि डा. संपत लाल साहू द्वारा रिहायशी इलाके में बिना अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था किये ही श्री बालाजी प्रकाशन प्रिंटर्स नाम की इस प्रिंटिंग प्रेस को चलाया जा रहा है और इस प्रकार अपने लिए लाभ कमाने के लिए प्रिंटिंग प्रेस में काम कर रहे श्रमिकों और आस-पास रह रहे नागरिकों के जीवन और सुरक्षा तक को जानबूझकर खतरे में डाला जा रहा है जिसकी जितनी भर्त्सना की जाए वह कम है.  

 

 

संजय की शिकायत पर थाना नाका के प्रभारी निरीक्षक ने उप निरीक्षक दिलीप कुमार से जांच कराई है और मामले की रिपोर्ट लखनऊ के पुलिस कमिश्नर को भी भेजी है. जांच में दिलीप ने पाया है कि डा. संपत लाल साहू द्वारा श्री बालाजी प्रकाशन प्रिंटर्स नाम की प्रिंटिंग प्रेस का पंजीकरण कराकर इस प्रेस को बिना अग्निशमन अनापत्ति लिए ही अवैध रूप से चलाया जा रहा है और इसीलिए पुलिस महकमे ने साहू को प्रिंटिंग प्रेस का कार्य तत्काल रोक देने और अग्निशमन मानक पूरे करने के बाद  अग्निशमन विभाग की अनापत्ति मिल जाने के बाद ही प्रिंटिंग प्रेस चलाने की सख्त हिदायत दी है.

 

संजय ने उम्मीद जताई है कि डा. संपत लाल साहू लेवाना अग्निकांड की घटना से सबक लेकर अपने सामाजिक दायित्वों को समझेंगे और एक जिम्मेदार व्यवसायी की तरह व्यवहार करते हुए अपनी प्रिंटिंग प्रेस को तत्काल बंद करते हुए प्रेस की सभी खामियों को दूर करने के बाद ही इस प्रिंटिंग प्रेस को फिर से शुरू करेंगे.


 

Thursday, November 17, 2022

नियम कानून धता-बता चल रहे जगदीश गाँधी के सीएमएस स्कूल के प्रोग्राम में भाग न लें जन-प्रतिनिधि : इंo संजय शर्मा ने फिर की सार्वजनिक अपील.

 लखनऊ / शुक्रवार, 18 नवम्बर 2022 ……………………

जगदीश गाँधी के सिटी मोंटेसरी स्कूल ( सी.एम.एस. ) के तत्वावधान में ‘भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51’ के हवाले से विश्व शांति,एकता और विश्व के ढाई अरब से अधिक बच्चों के सुन्दर एवं सुरक्षित भविष्य के प्रति चिंतित होने की खोखली बात कहते हुए लखनऊ में आज से शुरु होने जा रहे 23वें अंतरराष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन कार्यक्रम में शिरकत नहीं करने की अपील करते हुए देश के रक्षा मंत्री, केन्द्रीय मंत्रियों,सांसदों,सूबे के उप मुख्यमंत्रियों,लखनऊ की मेयर और अन्य देशी-विदेशी मेहमानों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव, यूनेस्को के महानिदेशक, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के अध्यक्ष,देश के राष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश,प्रधानमंत्री और सूबे के राज्यपाल, मुख्य न्यायाधीश और मुख्यमंत्री को पत्र लिखने वाले  स्थानीय राजाजीपुरम निवासी कंसलटेंट इंजीनियर संजय शर्मा ने एक बार फिर इन सभी मंत्रियों,सांसदों,विधायकों और आम जनता द्वारा चुने गए अपने नुमाइन्दों  से नियम कानून धता-बता चल रहे जगदीश गाँधी के सीएमएस स्कूल के प्रोग्राम में अपने नैतिक और सामाजिक दायित्यों के मद्देनज़र भाग नहीं लेने की सार्वजनिक अपील की है.

 

संजय बताते हैं कि उनकी आरटीआई और शिकायतों पर सरकारी कार्यालयों द्वारा दी गई सूचनाओं के आधार पर अब यह बात सार्वजनिक हो चुकी है कि जगदीश गाँधी द्वारा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चलाये जा रहे सी.एम.एस. समूह की अनेकों शाखाओं के भवन अनेकों अवैध निर्माणों के साथ निर्मित हैं, इन शाखाओं में से अनेकों शाखाओं के भवनों में अग्निशमन मानक पूरे नहीं हैं और ढांचागत और अग्निशमन रूप से असुरक्षित इन बिल्डिंग्स में कभी भी लखनऊ के हजरतगंज में हाल ही में हुए होटल लेवाना अग्निकांड जैसी दुर्घटना की सम्भावना होने के कारण ऐसी शाखाओं में पढ़ रहे बच्चों का जीवन हरदम खतरे में हैं इसीलिए देश के रक्षा मंत्री, केन्द्रीय मंत्रियों,सांसदों,सूबे के उप मुख्यमंत्रियों,लखनऊ की मेयर जैसे सभी जन प्रतिनिधियों का यह नैतिक,पदीय और सामाजिक दायित्व है कि वे जगदीश गाँधी के कार्यक्रमों में तब तक शिरकत न करें जब तक जब तक जगदीश गाँधी का सिटी मोंटेसरी स्कूल अपनी कथनी और करनी के अंतर को मिटा नहीं देते हैं.

 

 

विश्व भर में अभी पैदा भी न हुए बच्चों के लिए चिंतित होने जैसी अतीव उच्च श्रेणी की आदर्शवादी बातें कहते हुए सीएमएस के छात्रों से ली गई ऊंची फीसों के पैसों से इस प्रकार के कार्यक्रम को आयोजित करने के पीछे सिटी मोंटेसरी स्कूल समूह के संस्थापक जगदीश गाँधी द्वारा नोबेल पुरस्कार और मैगसेसे पुरस्कार जैसे अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार पाने के लिए अपनी छवि बनाने का एजेंडे छिपा होने की सम्भावना भी संजय ने व्यक्त की हैं.

 

गरीब बच्चों के लिए शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश न देने और अपने आप को सूचना का अधिकार कानून से बाहर रखने के लिए बात-बात पर अदालत पंहुच जाने,अभिभावकों का आर्थिक उत्पीडन कर नई नई शाखाएं खोलने, सस्ती लोकप्रियता पाने के प्रचार  अभियान के तहत इस प्रकार के आयोजन करने के लिए छात्रों के अभिभावकों से उनके बच्चों की पढ़ाई पर आने वाले वास्तविक खर्चों से बहुत अधिक रकम फीस के रूप में बसूलने के आरोप लगाते हुए संजय ने कहा है कि  जगदीश गाँधी को बड़ी-बड़ी आदर्शवादी बातें कहते हुए इस प्रकार के आयोजन करने का तब तक कोई नैतिक अधिकार नहीं है जब तक वे अपने विद्यालयों की व्यवहारिक कार्यप्रणाली को अपने इस कार्यक्रम की आदर्शवादी थीम के अनुसार नहीं कर लेते हैं.  

 

 

संजय ने कार्यक्रम में आने वाले जन प्रतिनिधियों से एक बार फिर सार्वजनिक अपील की है कि भारत के साथ-साथ सकल विश्व को उन सबसे अतीव उच्च श्रेणी की नैतिक और सामाजिक अपेक्षाएं हैं और इसीलिए उनके द्वारा इस कार्यक्रम में  शिरकत करना नैतिक आधार पर तब तक उचित नहीं है जब तक सिटी मोंटेसरी स्कूल समूह प्रबंधन और जगदीश गाँधी अपनी कथनी और करनी के अंतर को मिटा नहीं देते हैं.

 

 

 

नोट : पत्र पब्लिक डोमेन में वेबलिंक https://tahririndia.blogspot.com/2022/11/o.html पर निःशुल्क प्रयोग हेतु उपलब्ध है .

 


Sunday, November 6, 2022

सिटी मोन्टेसरी स्कूल के अंतरराष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन में भाग नहीं लें अतिथि : इंo संजय शर्मा ने पत्र भेज नैतिक आधार पर लगाईं गुहार.

 


लखनऊ / सोमवार, 7 नवम्बर 2022 ……………………

लखनऊ के सिटी मोंटेसरी स्कूल ( सी.एम.एस. ) समूह का प्रबंधन आगामी 18 से  22 नवम्बर तक कानपुर रोड शाखा में ‘भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51’ के हवाले से विश्व शांति,एकता और विश्व के ढाई अरब से अधिक बच्चों के सुन्दर एवं सुरक्षित भविष्य के प्रति चिंतित होने की बात करते हुए 23वां अंतरराष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है. इसी बीच स्थानीय राजाजीपुरम निवासी कंसलटेंट इंजीनियर संजय शर्मा ने अपनी आरटीआई और शिकायतों पर सरकारी कार्यालयों द्वारा दी गई सूचनाओं के आधार पर जगदीश गाँधी द्वारा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चलाये जा रहे सी.एम.एस. समूह की अनेकों शाखाओं के भवन अनेकों अवैध निर्माणों के साथ निर्मित किये जाने, इन शाखाओं में से अनेकों शाखाओं के भवनों में अग्निशमन मानक पूरे नहीं होने और ढांचागत और अग्निशमन रूप से असुरक्षित इन बिल्डिंग्स में कभी भी लखनऊ के हजरतगंज में हाल ही में हुए होटल लेवाना अग्निकांड जैसी दुर्घटना की सम्भावना व्यक्त करते हुए ऐसी शाखाओं में पढ़ रहे बच्चों का जीवन हरदम खतरे में होने जैसी बातें  कहते हुए कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए आने वाले देश के रक्षा मंत्री, केन्द्रीय मंत्रियों,सांसदों,सूबे के उप मुख्यमंत्रियों,लखनऊ की मेयर और अन्य देशी-विदेशी मेहमानों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव, यूनेस्को के महानिदेशक, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के अध्यक्ष,देश के राष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश,प्रधानमंत्री और सूबे के राज्यपाल, मुख्य न्यायाधीश और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नैतिक आधार पर कार्यक्रम में शिरकत नहीं करने की गुहार लगाईं है.

 


संजय ने अपने पत्र में लिखा है जगदीश गाँधी अभी पैदा न हुए बच्चों के लिए तो चिंतित होने की बात करते हैं लेकिन अपने स्वयं के विद्यालयों में शिक्षारत बच्चों की सुरक्षा तथा उनके अभिभावकों के शोषण के प्रति नितांत अगंभीर रवैया रखते हैं.

 


संजय ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि यह विडम्बनापूर्ण है कि गरीब बच्चों के लिए शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश न देने और अपने आप को पारदर्शिता कानून से बाहर रखने जैसे मुद्दों पर अदालती लड़ाई लड़ने वाला,नई नई शाखाएं खोलने और सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए इस प्रकार के आयोजन करने के लिए छात्रों के अभिभावकों से उनके बच्चों की पढ़ाई पर आने वाले वास्तविक खर्चों से बहुत अधिक रकम फीस के रूप में बसूलने वाला सी.एम.एस. प्रबंधन बड़ी-बड़ी आदर्शवादी बातें कहते हुए ये आयोजन कर रहा है.

 

 


 

भारत में शिक्षा को एक अत्यंत पवित्र क्षेत्र बताते हुए संजय ने प्राचीन भारत के गुरुकुलों का उदहारण देते हुए पत्र में लिखा है कि उनके विचार से सी.एम.एस. प्रबंधन और जगदीश गाँधी को ऐसे कार्यक्रम करने का तब तक कोई नैतिक अधिकार नहीं है जब तक वे अपने विद्यालयों की व्यवहारिक कार्यप्रणाली को अपने इस कार्यक्रम की आदर्शवादी थीम के अनुसार नहीं कर लेते हैं  और इस कार्यक्रम को  सिटी मोंटेसरी स्कूल समूह के संस्थापक जगदीश गाँधी द्वारा नोबेल पुरस्कार और मैगसेसे पुरस्कार जैसे अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार पाने के लिए अपनी छवि बनाने के छिपे एजेंडे के तहत आयोजित किये जाने की सम्भावना व्यक्त की हैं.

 

 


संजय ने पत्र में लिखा है कि कार्यक्रम में आने वाले आगंतुकों से भारत के साथ-साथ सकल विश्व को अतीव उच्च श्रेणी की नैतिक अपेक्षाएं हैं और इसीलिए उनके द्वारा इस कार्यक्रम में  शिरकत करना नैतिक आधार पर तब तक उचित नहीं है जब तक सिटी मोंटेसरी स्कूल समूह प्रबंधन और जगदीश गाँधी अपनी कथनी और करनी के अंतर को मिटा नहीं देते हैं.