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Tuesday, October 27, 2015

'पारदर्शिता और जबाबदेही' पर अमिताभ ठाकुर का जबरदस्त बेशर्म ढोंग

यहाँ देखें आईएएस सूर्य प्रताप द्वारा बनाई जा रही पार्टी में कथित रूप से शामिल होने जा रहे निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर का 'पारदर्शिता और जबाबदेही' के मुद्दे पर जबरदस्त बेशर्म ढोंग l

एक खबर के मुताबिक वर्तमान में निलंबित चल रहे आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि उनका पहला मुद्दा गवर्नेंस में पारदर्शिता और जवाबदेही का है और इसके बिना जनता का भला होने वाला नहीं है। अब जरा नज़र डालिए अमिताभ के सम्बन्ध में मेरे द्वारा दायर इन 4 आरटीआई अर्जियों और इन पर सूचना देने से मना करते अमिताभ ठाकुर के पत्र पर l 


अमिताभ की पारदर्शिता और जबाबदेही की नसीहत दूसरों के लिए है, खुद के लिए नहीं l इन सबूतों से आपको पता चल जाएगा कि अमिताभ का पारदर्शिता और जबाबदेही से कोई दूर दूर तक का कोई भी रिश्ता नहीं है और मीडिया के माध्यम से अमिताभ की ऐसी बयानबाजी एक जबरदस्त बेशर्म ढोंग मात्र है l

राजनेता तो राजनीति में आने के बाद ढोंगी बनते पर यह कथित सामाजिक कार्यकर्ता तो .............................................. l 

क्या विचार है आपका अमिताभ के इस ढोंग के बारे में ?




अमिताभ ठाकुर का 'पारदर्शिता और जबाबदेही' के मुद्दे पर जबरदस्त बेशर्म ढोंग उजागर

यहाँ देखें आईएएस सूर्य प्रताप द्वारा बनाई जा रही पार्टी में कथित रूप से शामिल होने जा रहे निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर का 'पारदर्शिता और जबाबदेही' के मुद्दे पर जबरदस्त बेशर्म ढोंग l








एक खबर के मुताबिक वर्तमान में निलंबित चल रहे आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि उनका पहला मुद्दा गवर्नेंस में पारदर्शिता और जवाबदेही का है और इसके बिना जनता का भला होने वाला नहीं है। अब जरा नज़र डालिए अमिताभ के सम्बन्ध में मेरे द्वारा दायर इन 4 आरटीआई अर्जियों और इन पर सूचना देने से मना करते अमिताभ ठाकुर के पत्र पर l 

अमिताभ की पारदर्शिता और जबाबदेही की नसीहत दूसरों के लिए है, खुद के लिए नहीं l इन सबूतों से आपको पता चल जाएगा कि अमिताभ का पारदर्शिता और जबाबदेही से कोई दूर दूर तक का कोई भी रिश्ता नहीं है और मीडिया के माध्यम से अमिताभ की ऐसी बयानबाजी एक जबरदस्त बेशर्म ढोंग मात्र है l

राजनेता तो राजनीति में आने के बाद ढोंगी बनते पर यह कथित सामाजिक कार्यकर्ता तो .............................................. l
क्या विचार है आपका अमिताभ के इस ढोंग के बारे में ?

Wednesday, August 26, 2015

यूपी लोकायुक्त ने सही पायीं निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर के खिलाफ समाजसेवी संजय शर्मा द्वारा की गयीं शिकायतें l


निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर के विरुद्ध तहरीर के संस्थापक और अध्यक्ष सामजिक कार्यकर्ता इंजीनियर संजय शर्मा  द्वारा की गयी शिकायत पर यूपी लोकायुक्त ने  उत्तर प्रदेश सरकार को प्रेषित कीं 5 संस्तुतियाँ  

Friday, May 29, 2015

यूपी के आईपीएस अमिताभ ठाकुर पर अब सरकारी संसाधनों के बलात्कार का आरोप !

Sanjay Sharma

<tahririndia@gmail.com>
Sat, May 30, 2015 at 10:25 AM
To: cmup <cmup@nic.in>, cmup <cmup@up.nic.in>
Cc: hshso <hshso@nic.in>, hgovup <hgovup@up.nic.in>, hgovup <hgovup@gov.in>, hgovup <hgovup@nic.in>, csup <csup@up.nic.in>, csup <csup@nic.in>, dgp@up.nic.in, uppcc-up@nic.in, uppcc <uppcc@up.nic.in>, igkarmik-up@nic.in

Letter No. : TAHRIR/2015-16/150530/7                                                   Date : 30-05-2015

सेवा में,
अखिलेश यादव
माननीय मुख्यमंत्री,उत्तर प्रदेश,लखनऊ।  cmup@nic.in , cmup@up.nic.in

विषय : अमिताभ ठाकुर ( आईपीएस ) संयुक्त निदेशक नागरिक सुरक्षा द्वारा
कार्यालय समय में अपने और अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के एनजीओ 'नेशनल आरटीआई
फोरम','पीपल्स फोरम'के कार्य कर , उच्च न्यायलय की याचिकाएं तैयार
कर,आरटीआई का कार्य कर तथा बिना अवकाश लिए सूचना आयोगों एवं न्यायालयों
की सुनवाइयों, सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होकर सरकारी संसाधनों एवं
पद का दुरुपयोग करने की जांच और दंडात्मक कार्यवाही  करने   के सम्बन्ध
में ।

महोदय,
विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है क़ि अमिताभ ठाकुर ( आईपीएस ) संयुक्त
निदेशक नागरिक सुरक्षा द्वारा कार्यालय समय में अपने और अपनी पत्नी नूतन
ठाकुर के एनजीओ 'नेशनल आरटीआई फोरम','पीपल्स फोरम'के कार्य किये जाते
हैं,उच्च न्यायलय की याचिकाएं तैयार की जाती हैं,आरटीआई का कार्य किया
जाता है तथा अमिताभ ठाकुर प्रायः ही बिना अवकाश लिए सूचना आयोगों एवं
न्यायालयों की सुनवाइयों में शामिल होकर सरकारी संसाधनों एवं पद का जमकर
दुरुपयोग कर रहे हैं।अमिताभ ठाकुर द्वारा कार्यालय समय में कार्यालय के
और अपने निजी इंटरनेट कनेक्शन के द्वारा अपने,अपनी पत्नी अधिवक्ता नूतन
ठाकुर के और कई एनजीओ के कार्य किए जाते हैं जिनमें ई-मेल भेजना,सोशल
मीडीया पर पोस्ट डालना,ब्लॉग लिखना,व्यक्तिगत रिट,पीआईएल,आरटीआई आदि टाइप
करना शामिल हैं ।

समाचार पत्रों के माध्यम से सामाजिक संगठन 'तहरीर'  संज्ञान में यह
अनियमितता भी आयी है कि अमिताभ ठाकुर द्वारा कार्यालय समय में  और बिना
अवकाश लिए हुए ही सामाजिक कार्यक्रमों में शिरकत की जाती है  और इस
प्रकार जनता के पैसों से वेतन लेने बाला ये लोकसेवक सरकारी समय में
व्यक्तिगत कार्य करता है और इस प्रकार पद का दुरुपयोग भी करता है। महोदय
सहमत होंगे कि यदि सभी लोकसेवक अमिताभ  ठाकुर की मानिंद व्यवहार करने
लगें तो  निश्चित ही सभी सरकारी व्यवस्थाएं नष्ट  हो जाएंगी और जनमानस
त्राहि-त्राहि करने लगेगा ।

आपसे अनुरोध है कि उपरोक्त के संबंध में विभागीय जाँच और यूपी पुलिस की
साइबर-सेल द्वारा  सभी कंप्यूटर की हार्ड-डिस्क, कार्यालय में बैठकर
इंटरनेट से किए गये कम्यूनिकेशन्स, इनके ई-मेल ,सोशल मीडीया और ब्लॉग  की
पोस्ट की फोरेन्सिक जाँच कराकर जाँच रिपोर्ट के आधार पर सरकारी संसाधनों
की दिनदहाड़े डकैती डालने बाले इस आईपीएस लोकसेवक को नियमानुसार विभागीय
नियमों एवं आईपीसी के तहत क़ानूनी कार्यवाही कराकर दंडित करायें ।

प्रतिलिपि : आवश्यक कार्यवाही हेतु सादर ई-मेल द्वारा प्रेषित।
1- राजनाथ सिंह, माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार द्वारा गृह सचिव, भारत
सरकार।  hshso@nic.in
2- राम नाइक, माननीय राज्यपाल,उत्तर प्रदेश,लखनऊ। hgovup@nic.in ,
hgovup@up.nic.in , hgovup@gov.in
3- अलोक रंजन, मुख्य सचिव,उत्तर प्रदेश,लखनऊ।  csup@up.nic.in , csup@nic.in
4- अरविन्द कुमार जैन,उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक,उत्तर प्रदेश,लखनऊ।
dgp@up.nic.in , uppcc-up@nic.in , uppcc@up.nic.in
5-तनूजा श्रीवास्तव - आईजी ( कार्मिक ) उत्तर प्रदेश पुलिस
महानिदेशक,उत्तर प्रदेश,लखनऊ।  igkarmik-up@nic.in
6-महानिदेशक - उत्तर प्रदेश नागरिक सुरक्षा निदेशालय ,पंचम तल,जवाहर
भवन,अशोक मार्ग,लखनऊ , पिन कोड-२२६००१


भवदीय

Sanjay Sharma سنجے شرما संजय शर्मा
( Founder & Chairman)
Transparency, Accountability & Human Rights Initiative for Revolution
( TAHRIR )
101,Narain Tower,F Block, Rajajipuram
Lucknow,Uttar Pradesh-226017
https://www.facebook.com/sanjay.sharma.tahrir.india
Website :http://tahririndia.blogspot.in/
E-mail : tahririndia@gmail.com
Twitter Handle : @tahririndia
Mobile : +91 - 8081898081


 TAHRIR ( Transparency, Accountability & Human Rights initiative for
revolution ) is a Bareilly/Lucknow based Social Organization, working
at grass-root level by taking up & solving issues related to
strengthening transparency & accountability in public life and
protection of Human Rights in India.   तहरीर (पारदर्शिता, जवाबदेही और
मानवाधिकार क्रांति के लिए पहल  )  भारत में लोक जीवन में पारदर्शिता
संवर्धन, जबाबदेही निर्धारण और आमजन के मानवाधिकारों के संरक्षण के
हितार्थ  जमीनी स्तर पर कार्यशील संस्था  है  l

Tuesday, May 26, 2015

सामाजिक संगठन 'तहरीर' ने उठायी यूपी फीरोजाबाद थाना एका गाव जेड़ा सामूहिक दुष्कर्म की जांच रेप आरोपी और फीरोजाबाद थाना एका के प्रति पूर्वाग्रही आईपीएस अमिताभ ठाकुर (संयुक्त निदेशक नागरिक सुरक्षा) से न कराकर किसी बेदाग़ और निष्पक्ष अधिकारी से कराने की मांग ।

यूपी के जिले फीरोजाबाद के थाना एका के गाव जेड़ा के सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता की मांग पर मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा अमिताभ ठाकुर ( आईपीएस ) संयुक्त निदेशक नागरिक सुरक्षा को जांच दिए जाने सम्बन्धी आदेश को रद्द कर जांच किसी बेदाग़ और निष्पक्ष अधिकारी से कराने के सम्बन्ध में ।

 

 

Sanjay Sharma

<tahririndia@gmail.com>
AttachmentMon, May 25, 2015 at 7:11 PM
To: cmup <cmup@nic.in>, cmup <cmup@up.nic.in>
Cc: hshso <hshso@nic.in>, hgovup <hgovup@up.nic.in>, hgovup <hgovup@gov.in>, hgovup <hgovup@nic.in>, csup <csup@up.nic.in>, csup <csup@nic.in>, dgp@up.nic.in, uppcc-up@nic.in, uppcc <uppcc@up.nic.in>, igkarmik-up@nic.in

सेवा में,
अखिलेश यादव
माननीय मुख्यमंत्री,उत्तर प्रदेश,लखनऊ।  cmup@nic.in , cmup@up.nic.in

विषय : यूपी के जिले फीरोजाबाद के थाना एका के गाव जेड़ा के सामूहिक
दुष्कर्म  की पीड़िता की मांग पर  मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा  अमिताभ
ठाकुर ( आईपीएस ) संयुक्त निदेशक नागरिक सुरक्षा को जांच दिए जाने
सम्बन्धी आदेश को रद्द कर जांच किसी बेदाग़ और निष्पक्ष अधिकारी से कराने
के सम्बन्ध में  ।

Letter No. : TAHRIR/2015-16/150522/7
Date : 25-05-2015

महोदय भिज्ञ होंगे कि बीते जनवरी माह में गाजियाबाद की एक महिला ने
आईपीएस और नागरिक सुरक्षा निदेशालय में  संयुक्त निदेशक नागरिक सुरक्षा
के पद पर कार्यरत अमिताभ ठाकुर पर इनकी पत्नी नूतन ठाकुर के सहयोग से
अपने  आवास पर जबरन रेप करने  का आरोप लगाया है। इनकी पत्नी नूतन पर
नौकरी का लालच देकर उस महिला को  लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अपने आवास पर
बुलाने का आरोप भी है। हाल ही में गाजियाबाद की महिला ने  अमिताभ ठाकुर
पर केस वापस लेने के लिए मोबाइल से धमकी देने का आरोप भी लगाया है जिसके
सम्बन्ध में पीड़िता  न्यायालय भी गयी है। अमिताभ ठाकुर ने अपनी पत्नी
नूतन ठाकुर के माध्यम से इस नए धमकी मामले में पुलिस महानिदेशक से जांच
की मांग कराने  की बात भी कही है lस्वयं को समाजसेवी कहने बाले आईपीएस
अमिताभ ने नवम्बर २०१४ में कानपुर के एक  यौन उत्पीडन मामले की  जाँच में
अनेकों अनियमितताओं के बीच पीड़िता को ही दोषी ठहरा दिया था।

सामाजिक संगठन तहरीर को पता चला है कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने यूपी के
जिले फीरोजाबाद के थाना एका के गाव जेड़ा के सामूहिक दुष्कर्म  की पीड़िता
की मांग पर  इस रेप कांड की जांच  अमिताभ ठाकुर ( आईपीएस ) संयुक्त
निदेशक नागरिक सुरक्षा को  दिए जाने सम्बन्धी आदेश किये हैं।

हमें मालूम चला है कि फीरोजाबाद मामले में स्थानीय पुलिस ने अंतिम
रिपोर्ट लगा दी है और हम यहाँ दावा कर रहे हैं कि अमिताभ ठाकुर अंतिम
रिपोर्ट को ही अंतिम सत्य मानने की मानसिकता से ग्रसित अधिकारी है जिसके
प्रमाण हम मांगे जाने पर प्रस्तुत करने में समर्थ हैं, ऐसे में पीड़िता को
अमिताभ ठाकुर से न्याय मिलने में संशय है ।

सामाजिक संगठन तहरीर को यह भी पता चला है साल २००६ में फीरोजाबाद में
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  रहने के दौरान अमिताभ ठाकुर को पीटे जाने की घटना
हो गयी थी जिसके अनुक्रम में ठाकुर की थाना एका के ही कुछ पुलिसकर्मियों
से अनबन भी हुई थी और अमिताभ ने  कुछ पुलिसकर्मियों पर  अनुशासनात्मक
कार्यवाही भी की थी।  ऐसे में अमिताभ ठाकुर थाना एका के प्रति किसी
मानसिक पूर्वाग्रह का शिकार भी हो सकते हैं और ऐसे में अमिताभ इस जांच
में इन  पुलिस कर्मियों के साथ भी न्याय नहीं कर पाएंगे।

यद्यपि स्वयं को समाजसेवी  कहने बाले अमिताभ ठाकुर को उनके ऊपर रेप समेत
अन्य  महिला अपराधों के आरोप लगे होने और फीरोजाबाद के थाना  एका से उनका
पुराना रिश्ता होने के कारण अंतरात्मा की आवाज पर और एथिकल ग्राउंड्स पर
स्वतः ही इस जांच को करने से मना करना  चाहिए था किन्तु क्योंकि उनके
द्वारा ऐसा नहीं किया गया है अतः हमारा आपसे निवेदन है कि यूपी के जिले
फीरोजाबाद के थाना एका के गाव जेड़ा के सामूहिक दुष्कर्म  की जांच अमिताभ
ठाकुर ( आईपीएस ) संयुक्त निदेशक नागरिक सुरक्षा को दिए जाने सम्बन्धी
आदेश को रद्द कर जांच किसी बेदाग़ और निष्पक्ष अधिकारी से कराना चाहें
ताकि प्रकरण में निष्पक्ष निष्कर्ष सामने आ सके ।


प्रतिलिपि : आवश्यक कार्यवाही हेतु सादर ई-मेल द्वारा प्रेषित।
१- राजनाथ सिंह, माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार द्वारा गृह सचिव, भारत
सरकार।  hshso@nic.in
२- राम नाइक, माननीय राज्यपाल,उत्तर प्रदेश,लखनऊ। hgovup@nic.in ,
hgovup@up.nic.in , hgovup@gov.in
३- अलोक रंजन, मुख्य सचिव,उत्तर प्रदेश,लखनऊ।  csup@up.nic.in , csup@nic.in
४- अरविन्द कुमार जैन,उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक,उत्तर प्रदेश,लखनऊ।
dgp@up.nic.in , uppcc-up@nic.in , uppcc@up.nic.in
५-तनूजा श्रीवास्तव - आईजी ( कार्मिक ) उत्तर प्रदेश पुलिस
महानिदेशक,उत्तर प्रदेश,लखनऊ।  igkarmik-up@nic.in
६-महानिदेशक - उत्तर प्रदेश नागरिक सुरक्षा निदेशालय ,पंचम तल,जवाहर
भवन,अशोक मार्ग,लखनऊ , पिन कोड-२२६००१

भवदीय

Sanjay Sharma سنجے شرما संजय शर्मा
( Founder & Chairman)
Transparency, Accountability & Human Rights Initiative for Revolution
( TAHRIR )
101,Narain Tower,F Block, Rajajipuram
Lucknow,Uttar Pradesh-226017
https://www.facebook.com/sanjay.sharma.tahrir.india
Website :http://tahririndia.blogspot.in/
E-mail : tahririndia@gmail.com
Twitter Handle : @tahririndia
Mobile : +91 - 8081898081


 TAHRIR ( Transparency, Accountability & Human Rights initiative for
revolution ) is a Bareilly/Lucknow based Social Organization, working
at grass-root level by taking up & solving issues related to
strengthening transparency & accountability in public life and
protection of Human Rights in India.   तहरीर (पारदर्शिता, जवाबदेही और
मानवाधिकार क्रांति के लिए पहल  )  भारत में लोक जीवन में पारदर्शिता
संवर्धन, जबाबदेही निर्धारण और आमजन के मानवाधिकारों के संरक्षण के
हितार्थ  जमीनी स्तर पर कार्यशील संस्था  है  l


yss amitabh complaint 250515.docx
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Friday, February 27, 2015

यूपी आईपीएस अमिताभ ठाकुर & फ्रॉड .



आपस में क़ानूनी नोटिस-जबाब का खेल खेलकर अख़बारों की सुर्खियाँ बटोरने बाली ठाकुर दंपत्ति के  अमिताभ ठाकुर के विरुद्ध सिद्ध हो रहे छल,कूट रचना और लेखों का मिथ्याकरण के अपराध के लिए अमिताभ ठाकुर की पत्नी पत्रकार, वकील और आरटीआई एक्टिविस्ट  नूतन ठाकुर अमिताभ को सज़ा दिलाने को आगे आएँगी या आपराधिक कृत्य के  इस मामले में अमिताभ का ही साथ देंगीं?

आरटीआई से उजागर यूपी सिविल डिफेन्स संयुक्त सचिव आईजी आईपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा किया गया छल,कूट रचना और लेखों का मिथ्याकरण.

यदि मैं कहूँ कि यूपी के सिविल डिफेन्स के संयुक्त सचिव और आईजी आईपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा सरकार से छल करके कूट रचना द्वारा लेखों का मिथ्याकरण कर व्यक्तिगत लाभ लेने के दुरूद्देश्य से राजकीय कोष को क्षति पंहुचाई गयी है तो क्या आप मानेंगे ? शायद नहीं. पर मेरे द्वारा आरटीआई एक्ट के तहत सिविल डिफेन्स के निदेशालय से प्राप्त दस्तावेज़ों को देखने के बाद आपको मानना ही होगा कि अमिताभ ठाकुर द्वारा सरकार से छल करके कूट रचना द्वारा लेखों का मिथ्याकरण कर व्यक्तिगत लाभ लेने के दुरूद्देश्य से राजकीय कोष को क्षति पंहुचाने का आपराधिक कृत्य किया गया है.

दरअसल मैने दिनांक 26-08-14 को एक आरटीआई दायर कर यूपी के सिविल डिफेन्स के संयुक्त सचिव और आईजी आईपीएस अमिताभ ठाकुर के अवकाश प्रार्थना पत्रों और इनके सरकारी वाहनों की लॉग-बुक की सत्यापित प्रतियाँ माँगी थीं. दिनांक 30-01-15 को सिविल डिफेन्स के निदेशालय के जन सूचना अधिकारी सुरेंद्र सिंह नेगी ने जो सूचना दी है वह स्थापित कर रही है कि अमिताभ ठाकुर द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार से छल करके कूट रचना द्वारा सरकारी वाहन की लॉग-बुक के लेखों का मिथ्याकरण कर व्यक्तिगत लाभ लेने के दुरूद्देश्य से राजकीय कोष को क्षति पंहुचाने का आपराधिक कृत्य किया गया है.

सिविल डिफेन्स के निदेशालय के जन सूचना अधिकारी सुरेंद्र सिंह नेगी द्वारा सत्यापित कर दी गयी सूचना से स्पष्ट हो रहा है कि :
1-  अमिताभ ठाकुर के अवकाश प्रार्थना पत्र दिनांक 10-04-14 के अनुसार दिनांक 15-04-14, 16-04-14    और 17-04-14 को अमिताभ अवकाश पर थे और उच्च्तम न्यायालय में एक व्यक्तिगत विशेष अनुमति याचिका दायर करने और अन्य व्यक्तिगत कार्यों से भारत की राजधानी नई दिल्ली में थे.
2-  अमिताभ ठाकुर के सरकारी वाहन के ड्राइवर हेमचंद और अमिताभ ठाकुर द्वारा हस्ताक्षरित वाहन लॉग-बुक के अनुसार दिनांक 15-04-14, 16-04-14  और 17-04-14 को अमिताभ ने इन तीनों दिनों में अपने आवास से वाहन पर सवार होकर सरकारी वाहन का सरकारी कार्य से उपयोग किया और इन तिथियों में यह सरकारी गाड़ी क्रमशः 76 किलोमीटर, 56 किलोमीटर और 61 किलोमीटर चली जबकि इन तिथियों में अमिताभ अवकाश पर थे और उच्च्तम न्यायालय में एक व्यक्तिगत विशेष अनुमति याचिका दायर करने और अन्य व्यक्तिगत कार्यों से लखनऊ से 500 किलोमीटर से भी अधिक दूर भारत  की राजधानी नई दिल्ली में थे.

यह तो आप भी मानेंगे कि अवकाश पर लखनऊ से 500 किलोमीटर से भी अधिक दूर भारत  की राजधानी नई दिल्ली में बैठा आदमी किसी भी तरह इन तीनों दिनों में अपने आवास से वाहन पर सवार होकर सरकारी वाहन का सरकारी कार्य से उपयोग नहीं कर सकता है और यह अभिलेख स्वतः ही  स्थापित कर रहा है कि अमिताभ ठाकुर द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार से छल करके कूट रचना द्वारा सरकारी वाहन की लॉग-बुक के लेखों का मिथ्याकरण कर व्यक्तिगत लाभ लेने के दुरूद्देश्य से राजकीय कोष को क्षति पंहुचाने का आपराधिक कृत्य किया गया है.

यह खुलासे से वह कहावत एक बार फिर चरितार्थ हो रही है जो कहती है "चोर चोरी से जाए , हेराफेरी से नहीं." और यह भी कि "चोर कितना भी शातिर को कुछ सुराग तो छोड़ ही जाता है".

बड़ा सबाल यह भी है कि एक  दूसरे को क़ानूनी नोटिस-जबाब भेजकर अख़बारों की सुर्खियाँ बटोरने बाली सामाजिक रूप से सक्रिय  ठाकुर दंपत्ति के  एक सदस्य अमिताभ ठाकुर के विरुद्ध सिद्ध हो रहे इस अपराध के लिए अमिताभ ठाकुर की पत्नी पत्रकार, वकील और आरटीआई एक्टिविस्ट  नूतन ठाकुर अमिताभ को सज़ा दिलाने को आगे आएँगी या आपराधिक कृत्य के  इस मामले में अमिताभ का ही साथ देंगीं.

आरटीआई जबाब, अमिताभ के अवकाश प्रार्थना पत्र और वाहन लॉग बुक के तीन स्क़ेंड पेज यहाँ पायें http://tahririndia.blogspot.in/2015/02/rti-reveals-forgery-for-purpose-of.html