Sunday, April 22, 2018

TAHRIR's All India Anti Corruption Helpline 7991479999 inauguration program












































































































































































































































































































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Er. Sanjay Sharma سنجے شرما संजय शर्मा
Founder & Chairman - TAHRIR
( Transparency,Accountability & Human Rights' Initiative for Revolution )
( Registered Trust )
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Mobile/Whatsapp 7991479999  

Thursday, February 15, 2018

UP IPS अमिताभ ठाकुर के सरकारी कार्यों की सूचना RTI में देने से इनकार l


Lucknow/15-02-2018…………………यूपी कैडर के आई.पी.एस. अधिकारी अमिताभ ठाकुर खुद को पारदर्शिता और जबाबदेही के क्षेत्र में कार्यशील बताते हैं l  ठाकुर जब-तब अन्य लोकसेवकों और लोक प्राधिकरणों के क्रियाकलापों पर पारदर्शिता और जबाबदेही का पालन नहीं करने का आरोप मीडिया के माध्यम से लगाते रहते हैं पर अब   राजधानी निवासी आरटीआई कंसलटेंट और इंजीनियर संजय शर्मा ने उत्तर प्रदेश रूल्स एंड मैनुअल्स के महानिदेशक कार्यालय में दायर की गई अपनी आरटीआई अर्जी पर आये सरकारी जबाबों के आधार पर अमिताभ ठाकुर पर खुद पारदर्शिता और जबाबदेही के मानकों का पालन नहीं करने का आरोप लगाते हुए इस मुद्दे पर अमिताभ को कटघरे में खड़ा कर दिया है l




संजय बताते हैं कि उन्होंने बीते 15 अप्रैल को उत्तर प्रदेश रूल्स एंड मैनुअल्स के महानिदेशक कार्यालय में एक आरटीआई अर्जी देकर अमिताभ ठाकुर द्वारा आईजी रूल्स एंड मैनुअल्स के पद पर काम करते हुए ली गई छुट्टियों,ली गईं सरकारी सुविधाओं, किये गए सराहनीय कार्यों, पुलिस रेगुलेशन में सुधार के लिए किये गए कार्यों आदि के सम्बन्ध में 15 बिन्दुओं पर सूचना माँगी थी l संजय ने बताया कि अमिताभ ठाकुर  इस आरटीआई अर्जी  को एक्ट की धारा 6(3) में निर्धारित 5 दिनों की अधिकतम में अंतरित नहीं   कर पाए जिसके कारण उनको अमिताभ की शिकायत सूचना आयोग से करनी पड़ी जो आयोग में लंबित है l अमिताभ ने संजय को बताया कि संजय द्वारा माँगी गईं सूचना रूल्स एंड मैनुअल्स के महानिदेशक कार्यालय में उपलब्ध नहीं है और संजय की इस अर्जी को बीते 25 अप्रैल को मुख्यालय पुलिस  महानिदेशक को ट्रान्सफर कर दिया l मुख्यालय पुलिस महानिदेशक कार्यालय के जन सूचना अधिकारी ने  पुलिस महानिरीक्षक ( कार्मिक ) पद्मजा चौहान के पत्र द्वारा सूचना दी है l



पद्मजा ने संजय को बताया है कि क्योंकि अमिताभ ठाकुर ने  उनको लिखकर दिया है कि आईजी रूल्स एंड मैनुअल्स के पद पर काम करते हुए उनके द्वारा ली गई छुट्टियों,ली गईं सरकारी सुविधाओं, किये गए सराहनीय कार्यों, पुलिस रेगुलेशन में सुधार के लिए किये गए कार्यों आदि के सम्बन्ध में संजय द्वारा माँगी गई 15 बिन्दुओं की  सूचना में से किसी भी बिंदु की सूचना सार्वजनिक नहीं कीं जाएँ  और इसीलिये पद्मजा ने धारा 11 की बात लिखते हुए माँगी गई सूचना में से कोई भी सूचना नहीं दी है l



अमिताभ ठाकुर द्वारा अन्य लोकसेवकों और लोक प्राधिकरणों के इसी प्रकार के क्रियाकलापों की सूचना RTI में खुद तो मांगने लेकिन खुद की सूचना देने से मना करने के आधार पर संजय ने ठाकुर पर पारदर्शिता और जबाबदेही के मुद्दे पर दोहरे मापदंड रखने का आरोप लगाया है l



आरटीआई विशेषज्ञ संजय ने बताया कि किसी लोकसेवक द्वारा ली गई छुट्टियों,ली गईं सरकारी सुविधाओं, किये गए सराहनीय कार्यों, पदीय दायित्वों के निर्वहन के लिए किये गए कार्यों की सूचनाएं व्यक्तिगत सूचना नहीं हैं और पारदर्शी और जबाबदेह तंत्र की स्थापना के लिए लोकसेवकों की ये सूचनाएं सार्वजनिक होना विस्तृत लोकहित की बात है और इसी आधार पर पद्मजा चौहान के निर्णय के खिलाफ आयोग में अपील करके सूचना सार्वजनिक कराने की बात कही है l 

Wednesday, February 7, 2018

UP:CM योगी तक पंहुंची फेसबुक कविताओं द्वारा शासन-प्रशासन पर उंगली उठाने वाले IPS अमिताभ ठाकुर की शिकायत l

लखनऊ/08 फरवरी 2018......................
यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर पर अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर सरकार की प्रचलित नीतियों की सार्वजनिक निंदा करने, पुलिस प्रशासन का मनोबल तोड़कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने, अधिकारी आचरण नियमावली का उल्लंघन करने और सोशल मीडिया द्वारा लोगों को सरकार के खिलाफ भड़काकर आईपीसी के अंतर्गत अपराध करने का आरोप लग रहा है l राजधानी लखनऊ निवासी आरटीआई कंसलटेंट इंजीनियर संजय शर्मा ने लोकसेवक अमिताभ पर यह आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ को भेजी है और अमिताभ को तत्काल निलंबित कर सेवा नियमों के तहत जांच संस्थित करने और प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर ठाकुर का लैपटॉप और मोबाइल जप्त कराते हुए फेसबुक अकाउंट की पोस्ट और उस पर आये कमेंट्स के आधार पर जांचोपरांत  कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है  l




संजय ने बताया कि विभिन्न न्यूज़ वेबसाइट्स पर पोस्ट की गई ख़बरों  से उन्हें पता चला कि  आईजी अमिताभ ठाकुर ने लोकसेवक होते हुए भी अपने फेसबुक पर दो कवितायें लिखकर योगी सरकार की कार्यप्रणाली पर सबालिया निशान लगाते हुए सरकार और पुलिस का मनोबल तोड़ने का काम किया l बकौल संजय लोकसेवक होने के नाते अमिताभ अपने सुझाव अपने उच्चधिकारी के माध्यम से तो सरकार को भेज सकते हैं पर सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार की नीतियों पर सबाल नहीं उठा सकते हैं l  

 

 

संजय ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि अमिताभ ने फेसबुक पर सरकार की नीतियों के विरोध में न केवल अपने फेसबुक पर कवितायें  पोस्ट की बल्कि इन कविताओं पर अनेकों लोगों  को सरकार और पुलिस का मनोबल तोड़ने वाले कमेंट करने के लिए उकसाते हुए राष्ट्र विरोधी कथन करने वाले लोगों का समर्थन भी किया l संजय ने  अमिताभ ठाकुर के इन कृत्यों को  अपराधियों के हौसले बुलंद  करने वाले  ,पुलिस और सरकार का मनोबल तोड़ने वाले  और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले बताते हुए  अमिताभ ठाकुर पर लोगों को सरकार के खिलाफ विद्रोह करने के लिए भड़काकर  राजद्रोह करने का आपराधिक आरोप भी लगाया है l


अमिताभ पर अखिल भारतीय अधिकारी आचरण नियमावली का उल्लंघन करने और सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत अपराध करने का आरोप लगाते हुए संजय ने योगी आदित्यनाथ समेत यूपी के मुख्य सचिव,डीजीपी और लखनऊ के एसएसपी को शिकायत भेजकर ठाकुर को   निलंबित कर विभागीय कार्यवाही और आईटी एक्ट और राजद्रोह की धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर ठाकुर का लैपटॉप,मोबाइल जप्त कराके फेसबुक की पोस्ट और  कमेंट्स के आधार पर जांचोपरांत कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है  l 


संजय ने बताया कि उन्हें विश्वास है कि योगी सरकार द्वारा बरेली के डीएम के खिलाफ चल रही कार्यवाही की तर्ज पर ही अमिताभ के खिलाफ भी कार्यवाही शुरू की जायेगी और अमिताभ ठाकुर की राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से नजदीकी और ठाकुर की पत्नी आरटीआई एक्टिविस्ट डा. नूतन ठाकुर की भाजपा से नजदीकी की बजह से अमिताभ को कोई नियम विरुद्ध राहत नहीं दी जायेगी l 

Tuesday, January 30, 2018

आधार-वोटर आईडी लिंकिंग पर कुम्भकरणी नींद सो रही है केंद्र सरकार - एक्टिविस्ट संजय शर्मा का RTI खुलासा l

  
लखनऊ / 30 January 2018 / मंगलवार  ............
समाचार लेखिका - उर्वशी शर्मा  ( स्वतंत्र पत्रकार )
Exclusive News by YAISHWARYAJ ©yaishwaryaj


वोटर आईडी कार्ड के साथ आधार कार्ड को जोड़ने से फर्जी आईडी वालों के नाम वोटर लिस्ट से हटाकर चुनावों को पारदर्शी बनाने के साथ-साथ  इस मुहिम के 100 पर्सेंट परिणाम हासिल करने के बाद वोटरों को बायोमेट्रिक प्रणाली का इस्तेमाल कर भविष्य में ऑनलाइन मतदान करने का विकल्प भी मिल सकता है पर लखनऊ निवासी फायरब्रांड आरटीआई कंसलटेंट और इंजीनियर संजय शर्मा की एक आरटीआई पर आये सरकारी जबाब से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सरकारी योजनाओं को पारदर्शी बनाकर फर्जीबाड़ा रोकने की बात कहकर आधार कार्ड को हर सरकारी योजना के साथ जोड़ने की कबयद में जमीन आसमान एक कर देने वाली केंद्र की सरकार ने आज तक वोटर आईडी कार्ड को आधार से जोड़ने के लिए अपनी तरफ से पहल करके न तो कभी कोई प्रस्ताव ही पारित किया है और न ही कभी कोई कार्यवाही ही की है l


बताते चलें लोकजीवन में पारदर्शिता,जबाबदेही और मानवाधिकार संरक्षण के लिए काम कर रहे देश के नामचीन कार्यकर्ताओं में शुमार होने वाले ई. संजय शर्मा ने बीते 27 नवम्बर को भारत के राष्ट्रपति के कार्यालय में आरटीआई अर्जी देकर आधार-वोटर आईडी लिंकिंग पर भारत सरकार द्वारा की गई कार्यवाही आदि के सम्बन्ध में 5 बिन्दुओं पर सूचना माँगी थी l राष्ट्रपति कार्यालय के उपसचिव और केन्द्रीय जन सूचना अधिकारी जे. जी. सुब्रमनियम ने माँगी गई सूचना अपने कार्यालय में नहीं होने की बात कही और संजय का आवेदन बीते 18 दिसम्बर को आरटीआई एक्ट की धारा 6(3) के तहत भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के केन्द्रीय जन सूचना अधिकारी को अंतरित किया l भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के केन्द्रीय जन सूचना अधिकारी और उपनिदेशक गौरव शुक्ला ने माँगी गई सूचना अपने कार्यालय में नहीं होने की बात कही और बीते 27 दिसम्बर को संजय के आवेदन को आरटीआई एक्ट की धारा 6(3) के तहत भारत के निर्वाचन आयोग को ट्रान्सफर किया l इस आरटीआई अर्जी पर अब भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के अवर सचिव और केन्द्रीय जन सूचना अधिकारी रितेश सिंह ने बीते 22 जनवरी को पत्र जारी करके एक्टिविस्ट संजय शर्मा को जो सूचना दी है वह बाकई चौंकाने वाली है l


समाजसेवी संजय शर्मा को बताया गया है वोटर आईडी कार्ड यानी मतदाता पहचान पत्र को आधार नंबर से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा की गई कार्यवाही की कोई भी सूचना भौतिक रूप में आयोग में उपलब्ध नहीं है l आधार-वोटर आईडी लिंकिंग के सम्बन्ध में केंद्र सरकार द्वारा कभी कोई प्रस्ताव करने की कोई भी सूचना भौतिक रूप में आयोग में उपलब्ध नहीं होने की बात बताने के साथ-साथ इस सम्बन्ध में चलाई गई पत्रावलियों की कोई भी सूचना भौतिक रूप में आयोग में उपलब्ध नहीं होने की बात भी रितेश ने संजय को बताई है l आधार-वोटर आईडी लिंकिंग के सम्बन्ध में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किये गए आदेशों और भारत सरकार द्वारा आहूत बैठकों के सम्बन्ध में रितेश ने संजय को बताया है कि इस सम्बन्ध में सरकार द्वारा दिया गया कोई प्रस्ताव या उनके द्वारा पारित किसी आदेश के सम्बन्ध में कोई सूचना आयोग के रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है l सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय बेबाकी से रखने के लिए विश्वविख्यात संजय कहते हैं कि इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार ने आज तक आधार-वोटर आईडी लिंकिंग के सम्बन्ध में अपनी तरफ से कोई कार्यवाही नहीं की है l


रितेश ने संजय को बताया है कि जहाँ तक भारत निर्वाचन आयोग का सम्बन्ध है,आधार के साथ निर्वाचक डाटाबेस को लिंक करने के लिए आयोग ने मार्च 2015 में सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में  नेशनल इलेक्ट्रोरल रोल प्यूरीफिकेशन एंड आथेंटिकेशन प्रोग्राम (एनईआरपीएपी) के नाम से एक कार्यक्रम शुरू किया था जिसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका संख्या (सी) 2012 का 494 में अगस्त 2015 में पारित आदेश के बाद अगस्त 2015 में ही रोक दिया गया है l रितेश ने संजय को आयोग के आदेश और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति भी भेजी है l

  

आम जनता से जुडी योजनाओं को आधार कार्ड से जोड़ने की अनिवार्यता को लागू कराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाने वाली केंद्र सरकार द्वारा आधार-वोटर आईडी लिंकिंग पर कोई कार्यवाही नहीं करने के खुलासे के आधार पर देश के प्रतिष्ठित समाजसेवी संजय ने केंद्र सरकार पर फर्जी वोटिंग बनाये रखने के लिए राजनैतिक पार्टियों के हितों को पोषित करने का गंभीर आरोप लगाया है l

  
मानवाधिकार कार्यकर्ता संजय शर्मा ने चाय बेचने वाले से पीएम बने नरेंद्र मोदी से उच्च अपेक्षाओं की बात कहते हुए अपने अपंजीकृत संगठन ‘तहरीर’ की ओर से मोदी को पत्र लिखकर राजनीतिक फायदे की दीवारों से ऊचा उठते हुए आधार कार्ड को वोटर कार्ड के साथ जोड़ने की पहल करने की मांग रखने की बात इस स्वतंत्र पत्रकार उर्वशी शर्मा से की गई एक एक्सक्लूसिव वार्ता में कही है l


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News written by freelance journalist Urvashi Sharma  

Exclusive News by YAISHWARYAJ ©yaishwaryaj

( This news item can be copy pasted free of charge if used without editing. This news item can be used free of charge with edits either with proper reference of both of yaishwaryaj & name of this freelance journalist or with prior permission of news author, i.e. a telephonic permission taken on her mobile number 8081898081)



Monday, January 29, 2018

UP : अनैतिक देह व्यापार में दूसरे स्थान पर है योगी आदित्यनाथ का कार्यक्षेत्र गोरखपुर - एक्टिविस्ट संजय शर्मा का RTI खुलासा l



लखनऊ / 29 January 2018 / सोमवार  ............
समाचार लेखिका - उर्वशी शर्मा  ( स्वतंत्र पत्रकार )
Exclusive News by YAISHWARYAJ ©yaishwaryaj

यूपी का सीएम बनने से पहले योगी आदित्यनाथ और गोरखपुर एक दूसरे के पर्याय जैसे रहे हैं l गोरखपुर क्षेत्र योगी का गृह जनपद और संसदीय क्षेत्र होने के साथ-साथ उनका कार्यक्षेत्र भी रहा है l शायद यही कारण रहा कि पिछले साल सत्तापलट होने के बाद यूपी के संस्कृति विभाग के नौकरशाहों ने अपना गिरगिटी रंग दिखाते हुए अखिलेश यादव के सैफई महोत्सव के तरफ खुलने वाला सरकारी खजाने का मुहाना बंद किया और गोरखपुर महोत्सव की तरफ एक नया मुहाना खोलकर योगी के लिए गोरखपुर का महत्व प्रत्यक्ष रूप से सारे संसार को बता दिया l पर अब CM  योगी आदित्यनाथ का यही गोरखपुर अनैतिक देह व्यापार को लेकर चर्चा में आ रहा है l लखनऊ निवासी फायरब्रांड आरटीआई कंसलटेंट और इंजीनियर संजय शर्मा की एक आरटीआई पर राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो से आये जबाब से खुलासा हुआ है कि यूपी के 9 मंडलों में अनैतिक देह व्यापार के अभियुक्तों की संख्या के मामले में गोरखपुर मंडल आगरा मंडल के बाद दूसरे स्थान पर है l


लोकजीवन में पारदर्शिता,जबाबदेही और मानवाधिकार संरक्षण के लिए काम कर रहे देश के नामचीन  कार्यकर्ताओं में शुमार होने वाले संजय शर्मा ने बीते 14 सितम्बर  को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के कार्यालय में मुख्य सचिव के कार्यालय में आरटीआई अर्जी देकर इस सम्बन्ध में सूचना माँगी थी l मुख्य सचिव कार्यालय ने संजय की अर्जी शासन के गृह विभाग को अंतरित की जहाँ से यह अर्जी पुनः अंतरित होकर लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के पुलिस अधीक्षक ( अपराध ) के कार्यालय में पंहुची l इस आरटीआई अर्जी पर राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो के जन सूचना अधिकारी ने जो सूचना दी है वह बाकई चौंकाने वाली है l
समाजसेवी संजय शर्मा को बताया गया है कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार साल 2017 के सितम्बर महीने की 30 तारीख तक के 9 महीनों में यूपी के 9 मंडलों में अनैतिक देह व्यापार के अपराधों में सर्वाधिक 48 अभियुक्त आगरा मंडल, दूसरे नम्बर पर 36 अभियुक्त गोरखपुर मंडल, तीसरे नम्बर पर 29 अभियुक्त लखनऊ मंडल,चौथे नम्बर पर 26 अभियुक्त बरेली मंडल,पांचवें नंबर पर 24-24 अभियुक्त मेरठ और वाराणसी मंडल और छठे नंबर पर 16 अभियुक्त इलाहाबाद मंडल के रहे तो वहीं इस अपराध के पंजीकृत अभियोगों में सर्वाधिक  9 मामले आगरा मंडल, दूसरे नम्बर पर 8-8 मामले बरेली और मेरठ मंडल,तीसरे नम्बर पर 7 मामले लखनऊ मंडल,चौथे नम्बर पर 6 मामले गोरखपुर मंडल,पांचवें नंबर पर 4 मामले वाराणसी मंडल और छठे नंबर पर 3 मामले इलाहाबाद मंडल के थे l कानपुर मंडल सूबे का एकमात्र ऐसा मंडल रहा जहाँ अनैतिक देह व्यापार की कोई घटना नहीं हुई l जीआरपी मंडल में भी ऐसा कोई अपराध नहीं होने की बात भी संजय को बताई गई है l     

अनैतिक देह व्यापार को सभ्य समाज के लिए कलंक बताते हुए मानवाधिकार कार्यकर्ता संजय शर्मा ने संत से सीएम बने योगी आदित्यनाथ से उच्च अपेक्षाओं की बात कहते हुए अपने अपंजीकृत संगठन ‘तहरीर’ की ओर से योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अनैतिक देह व्यापार में लगे लोगों के पुनर्वास के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग करने की बात इस स्वतंत्र पत्रकार उर्वशी शर्मा से की गई एक एक्सक्लूसिव वार्ता में कही है l 




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News written by freelance journalist Urvashi Sharma  

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