Monday, December 11, 2023

यूपी : 812 दागी पत्रकारों की सरकारी मान्यता समाप्त कराने;आवास,सचिवालय-लोकभवन-विधानसभा प्रवेश पास,यात्रा,इलाज जैसी सरकारी सुविधाएं बापस लेने की सीएम योगी से मांग.

 लखनऊ/सोमवार,11 दिसम्बर 2023 ....................

मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के पुलिस अधीक्षक ( अपराध ) उत्तर प्रदेश संतोष कुमार मिश्रा द्वारा प्रमुख सचिव विधान सभा उत्तर प्रदेश लखनऊ को संबोधित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मानवाधिकार उत्तर प्रदेश को पृष्ठांकित कर प्रेषित किये गए पत्र संख्या पत्रांक : डीजी – सात – एस – 4 – नियम – 51(09) / 2023 दिनांक 09 अगस्त, 2023 को आधार बनाकर राजधानी के राजाजीपुरम क्षेत्र निवासी कंसलटेंट इंजीनियर संजय शर्मा ने यूपी के  812 दागी पत्रकारों की सरकारी मान्यता समाप्त कराने;आवास,सचिवालय-लोकभवन-विधानसभा प्रवेश पास,यात्रा,इलाज जैसी सरकारी सुविधाएं बापस लेने की मांग सीएम योगी को पत्र लिखकर की है.

 


बताते चलें कि मुख्यालय पुलिस महानिदेशक के इस पत्र के अनुसार उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से 2022 तक कुल 812 पत्रकारों के खिलाफ 612 अभियोग पंजीकृत हुए हैं, जिसमें 211 पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है  तथा   5 पत्रकार अभी जेल में बंद हैं.

 

बकौल संजय उनको भ्रष्टाचार विरोधी मोबाइल फ़ोन हेल्पलाइन 7991479999 पर कुछ पत्रकारों ने ही बताया है कि आपराधिक मामलों के अभियुक्त उत्तर प्रदेश के इन 812 दागी पत्रकारों में से कई के सम्बन्ध में एल.आई.यू. विभाग ने कतिपय कारणों से आपराधिक मामलों को छुपाकर रिपोर्ट दी हैं जिसके आधार पर कई पत्रकारों को उत्तर प्रदेश के सूचना विभाग द्वारा सरकारी मान्यता प्रदान कर दी गई है, परिवहन विभाग द्वारा फ्री बस की सुविधा दी जा रही है ,स्वास्थ्य विभाग द्वारा फ्री इलाज की सुविधा दी जा रही है,राज्य संपत्ति विभाग द्वारा सरकारी आवास आबंटित हैं ,सचिवालय प्रशासन विभाग द्वारा सचिवालय स्थाई प्रवेश पास और स्थाई वाहन पास निर्गत हैं,विधान सभा सचिवालय द्वारा स्थाई पास निर्गत हैं और लोकभवन तक के स्थाई प्रवेश पास  निर्गत हैं जिसके कारण सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग तो हो ही रहा है साथ ही गैर आपराधिक पृष्ठभूमि के अर्थात स्वच्छ छवि के पत्रकारों के अधिकारों का हनन भी हो रहा है.  

 

संजय ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में लिखा है कि इस प्रकार की आपराधिक पृष्ठभूमि के पत्रकारों के लोकभवन,सचिवालय और विधानसभा के स्थाई सरकारी प्रवेश पास और वाहन पास से निर्बाध प्रवेश से इन अति महत्वपूर्ण और प्रदेश की सर्वोच्च संस्थाओं के भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को भी खतरा उत्पन्न हो रहा है जिसके सम्बन्ध में गहन जांच और कड़ी कार्यवाही शीघ्रता से किया जाना समय की मांग है.

 

संजय ने बताया कि सुशासन के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान बना रहे योगी आदित्यनाथ  आपराधिक मामलों के अभियुक्त उत्तर प्रदेश के 812 दागी पत्रकारों की सरकारी मान्यता समाप्त कराने, आपराधिक मामला लंबित रहने तक भविष्य में मान्यता का नवीनीकरण नहीं होने देने, इन पत्रकारों को मिल रही समस्त प्रकार की सरकारी सुविधाओं को तत्काल रोककर आपराधिक मामला लंबित रहने तक भविष्य में किसी भी प्रकार की सरकारी सुविधा अनुमन्य नहीं होने देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के एल.आई.यू. विभाग,सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, सचिवालय प्रशासन विभाग,विधान सभा सचिवालय, लोक भवन सचिवालय, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग,स्वास्थ्य विभाग,राज्य संपत्ति विभाग समेत अन्य सम्बंधित विभागों को तत्काल निर्देशित कर जनहित और पत्रकार हित के इस मामले में प्रभावी कार्यवाही शीघ्रता से अवश्य ही करायेंगे.

 

सेवा में,

माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश

लखनऊ cmup@nic.in

 

विषय : आपराधिक मामलों के अभियुक्त उत्तर प्रदेश के 812 दागी पत्रकारों की सरकारी मान्यता समाप्त कराने, आपराधिक मामला लंबित रहने तक भविष्य में मान्यता का नवीनीकरण नहीं होने देने, इन पत्रकारों को मिल रही समस्त प्रकार की सरकारी सुविधाओं को तत्काल रोककर आपराधिक मामला लंबित रहने तक भविष्य में किसी भी प्रकार की सरकारी सुविधा अनुमन्य नहीं होने देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के एल.आई.यू. विभाग,सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, सचिवालय प्रशासन विभाग,विधान सभा सचिवालय, लोक भवन सचिवालय, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग,स्वास्थ्य विभाग,राज्य संपत्ति विभाग समेत अन्य सम्बंधित विभागों को तत्काल निर्देशित कर प्रभावी कार्यवाही शीघ्रता से कराने की मांग विषयक l

 

महोदय,  

कृपया मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के पुलिस अधीक्षक ( अपराध ) उत्तर प्रदेश श्री संतोष कुमार मिश्रा द्वारा प्रमुख सचिव विधान सभा उत्तर प्रदेश लखनऊ को संबोधित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मानवाधिकार उत्तर प्रदेश को पृष्ठांकित कर प्रेषित किये गए पत्र संख्या पत्रांक : डीजी – सात – एस – 4 – नियम – 51(09) / 2023 दिनांक 09 अगस्त, 2023 ( प्रति शिकायत के साथ संलग्न है ), के सन्दर्भ से अवगत कराना है कि मुख्यालय पुलिस महानिदेशक के इस पत्र के अनुसार उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से 2022 तक कुल 812 पत्रकारों के खिलाफ 612 अभियोग पंजीकृत हुए हैं, जिसमें 211 पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है  तथा   5 पत्रकार अभी जेल में बंद हैं l

 

मुझे भ्रष्टाचार विरोधी मोबाइल फ़ोन हेल्पलाइन
7991479999 पर बताया गया है कि आपराधिक मामलों के अभियुक्त उत्तर प्रदेश के इन 812 दागी पत्रकारों में से कई के सम्बन्ध में एल.आई.यू. विभाग ने कतिपय कारणों से आपराधिक मामलों को छुपाकर रिपोर्ट दी हैं जिसके आधार पर कई पत्रकारों को उत्तर प्रदेश के सूचना विभाग द्वारा सरकारी मान्यता प्रदान कर दी गई है, परिवहन विभाग द्वारा फ्री बस की सुविधा दी जा रही है ,स्वास्थ्य विभाग द्वारा फ्री इलाज की सुविधा दी जा रही है,राज्य संपत्ति विभाग द्वारा सरकारी आवास आबंटित हैं ,सचिवालय प्रशासन विभाग द्वारा सचिवालय प्रवेश पास और वाहन पास निर्गत हैं,विधान सभा सचिवालय द्वारा पास निर्गत हैं जिसके कारण सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग तो हो ही रहा है साथ ही गैर आपराधिक पृष्ठभूमि के अर्थात स्वच्छ छवि के पत्रकारों के अधिकारों का हनन भी हो रहा है l यही नहीं, इस प्रकार की आपराधिक पृष्ठभूमि के पत्रकारों के लोकभवन,सचिवालय और विधानसभा के स्थाई सरकारी प्रवेश पास और वाहन पास से निर्बाध प्रवेश से इन अति महत्वपूर्ण और प्रदेश की सर्वोच्च संस्थाओं के भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को भी खतरा उत्पन्न हो रहा है जिसके सम्बन्ध में गहन जांच और कड़ी कार्यवाही शीघ्रता से किया जाना समय की मांग है l

 

अस्तु आपसे अनुरोध है कि आपराधिक मामलों के अभियुक्त उत्तर प्रदेश के 812 दागी पत्रकारों की सरकारी मान्यता समाप्त कराने, आपराधिक मामला लंबित रहने तक भविष्य में मान्यता का नवीनीकरण नहीं होने देने, इन पत्रकारों को मिल रही समस्त प्रकार की सरकारी सुविधाओं को तत्काल रोककर आपराधिक मामला लंबित रहने तक भविष्य में किसी भी प्रकार की सरकारी सुविधा अनुमन्य नहीं होने देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के एल.आई.यू. विभाग,सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, सचिवालय प्रशासन विभाग,विधान सभा सचिवालय, लोक भवन सचिवालय, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग,स्वास्थ्य विभाग,राज्य संपत्ति विभाग समेत अन्य सम्बंधित विभागों को तत्काल निर्देशित कर प्रभावी कार्यवाही शीघ्रता से कराने की कृपा करें l

 

भवदीय

( इं. संजय शर्मा )
कंसलटेंट
राष्ट्रीय अध्यक्ष
ट्रांसपेरेंसी एकाउंटेबिलिटी एंड ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव फॉर रेवोलुशन ( पंजीकृत सामाजिक संस्था )
मोबाइल 9565247365,9454461111,7991479999
ई मेल sanjaysharmalkoATicloudDOTcom , tahrirhelpATgmailDOTcom
पत्राचार का पता
- 102,नारायण टावर,ऍफ़ ब्लाक, राजाजीपुरम,त्रिमूर्ति मैरिज हॉल के पास, लखनऊ -
226017

 



Wednesday, July 26, 2023

न्यायालय में दर्ज हुआ कोहिनूर पैलेस मैरिज हॉल के स्वामी नफीस अहमद के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 133 का मुकदमा.

 


लखनऊ/27 जुलाई 2023 ....................

 

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के अपर पुलिस उपायुक्त मध्य और कार्यपालक मजिस्ट्रेट चिरंजीव नाथ सिन्हा के न्यायालय  ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी हजरतगंज रामकुमार रावत द्वारा बीती 6 जुलाई को काटी गई चालानी रिपोर्ट के आधार पर राजधानी की कैंट रोड स्थित कोहिनूर पैलेस मैरिज हॉल के स्वामी/प्रबंधक नफीस अहमद पुत्र नियाज अहमद निवासी मकान नंबर 432 बटा 4बी याफिसगंज कैम्पल रोड थाना ठाकुरगंज के खिलाफ न्यायालय में सीआरपीसी की धारा 133 का वाद दर्ज करके कार्यवाही शुरू कर दी है. न्यायालय  ने नफीस के खिलाफ ये कार्यवाही राजधानी के राजाजीपुरम क्षेत्र निवासी कंसलटेंट इंजीनियर और ट्रांसपेरेंसी, एकाउंटेबिलिटी एंड ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव फॉर रेवोल्युशन  नाम की पंजीकृत संस्था के संस्थापक अध्यक्ष संजय शर्मा द्वारा सीएम योगी से की गई शिकायतों के बाद की हैं.

 

 

बताते चलें कि दंड प्रक्रिया संहिता (Code of Criminal Procedure 1973) की धारा 133 (Section 133) में कोई उपद्रव दूर करने का सशर्त आदेश परिभाषित किया गया है. CrPC की धारा 133 के मुताबिक  जब किसी जिला मजिस्ट्रेट या उपखंड मजिस्ट्रेट का या राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त विशेषतया सशक्त किसी अन्य कार्यपालक मजिस्ट्रेट का किसी पुलिस अधिकारी से रिपोर्ट या अन्य इत्तिला प्राप्त होने पर और ऐसा साक्ष्य (यदि कोई हो) लेने पर, जैसा वह ठीक समझे, यह विचार है कि किसी व्यापार या उपजीविका को चलाना समाज के स्वास्थ्य या शारीरिक सुख के लिए हानिकर है और परिणामतः ऐसा व्यापार या उपजीविका प्रतिषिद्ध या विनियमित की जानी चाहिए, तब ऐसा मजिस्ट्रेट ऐसा व्यापार या उपजीविका चलाने वाले व्यक्ति से यह अपेक्षा करते हुए सशर्त आदेश दे सकता है कि उतने समय के अंदर, जितना उस आदेश में नियत किया जाएगा, वह ऐसा व्यापार या उपजीविका चलाना छोड़ दे या उसे ऐसीरीति से बंद कर दे या विनियमित करे, जैसी निर्दिष्ट की जाए. 

 

पुलिस महकमे द्वारा उनकी शिकायतों पर वांक्षित कार्यवाही कर दिए जाने से संतुष्ट संजय ने बताया कि वे अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में पैरवी कराकर नफीस के खिलाफ चल रहे इस मुक़दमे को शीघ्रता से फाइनल करायेंगे.

 


Friday, July 21, 2023

यूपी : राजधानी के कोहिनूर पैलेस मैरिज हॉल पर कसा सरकारी विभागों का शिकंजा - संजय शर्मा द्वारा सीएम योगी से की गई शिकायतों पर हुई कार्यवाही.

लखनऊ / शनिवार, 22 जुलाई 2023........................

उत्तर प्रदेश के सरकारी महकमों ने राजधानी लखनऊ की कैसरबाग बर्लिंगटन कैंट रोड पर ओडियन सिनेमा के सामने स्थित प्लाट संख्या 31 C पर अवैधानिक रूप से घोर अनियमितताओं के साथ चल रहे कोहिनूर पैलेस मैरिज हॉल के खिलाफ कार्यवाहियों का शिकंजा कस दिया है. सरकारी विभागों के ये कार्यवाहियां राजधानी के राजाजीपुरम क्षेत्र निवासी कंसलटेंट इंजीनियर और ट्रांसपेरेंसी, एकाउंटेबिलिटी एंड ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव फॉर रेवोल्युशन  नाम की पंजीकृत संस्था के संस्थापक अध्यक्ष संजय शर्मा द्वारा सीएम योगी से की गई शिकायतों के बाद की हैं.

 

विभागों की कार्यवाहियों की बात करें तो जहाँ एक तरफ लखनऊ विकास प्राधिकरण ने मैरिज हॉल के खिलाफ साल 2018 से चल रहे केस के साथ-साथ संजय की शिकायत पर साल 2023 में विहित प्राधिकारी न्यायालय में दूसरा नया केस दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है तो वहीँ  लखनऊ के मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने कोहिनूर पैलेस की बिल्डिंग के जीने और सेट बैक्स  को मानकों के अनुसार करने के आलावा  पंप हाउस सहित एक लाख लीटर का टैंक और स्मोक डिटेक्शन सिस्टम बनाने का आदेश दिया है और ऐसा न करने पर कोहिनूर के मालिकों के खिलाफ सी.आर.पी.सी. की धारा 133 के तहत कार्यवाही करने का नोटिस दिया है.

 

भ्रष्टाचार विरोधी मोबाइल हेल्पलाइन 7991479999 पर प्राप्त शिकायतों के बाद लम्बे समय से कोहिनूर पैलेस की अनियमितताओं के खिलाफ मुहिम चला रहे संजय की शिकायतों पर श्रम विभाग के शिकंजे के बाद कोहिनूर के मालिकों को श्रम विभाग में अपना पंजीकरण कराना पड़ा है,पर्यटन विभाग ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कोहिनूर पैलेस को बंद करने की शिफारिश की है,यातायात महकमे ने यातायात अनापत्ति लिए बिना मैरिज हॉल का सञ्चालन नहीं करने का आदेश दिया है और जिलाधिकारी कार्यालय ने बिना सराय एक्ट में पंजीकरण कराये ही मैरिज हॉल चलाये जाने का संज्ञान ले लिया है.

 

संजय की शिकायतों के बाद एक तरफ बिजली विभाग ने कोहिनूर पैलेस को व्यवसायिक कनेक्शन देने में की गई अनियमितताओं के सम्बन्ध में जांच बैठाई है तो वहीँ दूसरी तरफ राज्य कर विभाग ने रेकी कर जांच करने पर कोहिनूर की लेखा पुस्तकों में अनियमिततायें पाते हुए सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर और 18 अन्य संकेतों में रिकॉर्ड जप्त करके जांच बैठा दी है.

 

बताते चलें कि संजय की शिकायतों और साक्ष्यों की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग भी कोहिनूर पैलेस की अनियमितताओं की जांच कर रहा है.

 

 

 

 

संजय बताते हैं कि हेल्पलाइन पर कई पीड़ितों ने उनको बताया था कि कोहिनूर पैलेस मैरिज हॉल के मालिकों द्वारा कच्चे पर्चों पर बुकिंग की जाती है और पक्की रसीद मांगने पर झगडा किया जाता है, कैटरिंग में अधोमानक खाध्य पदार्थ देने पर भी मनमाना पैसा लिया जाता है और कोहिनूर की कैटरिंग की अधोमानक खाध्य सामग्री के कारण लोगों को फ़ूड पाइजनिंग होने से इलाज़ में उनका अच्छा खासा पैसा खर्च हो जाता है और बुकिंग की पक्की रसीद नहीं होने की बजह से लोग मुआवजे के लिए न्यायालय भी नहीं जा पाते  हैं और और इस प्रकार कोहिनूर द्वारा बुकिंग कराने वालों को लाखों रुपयों का व्यक्तिगत नुकसान करने के साथ-साथ लाखों रुपयों की राज्यकर की चोरी भी की जा रही थी. हेल्पलाइन पर ही कोहिनूर पैलेस की अन्य अनियमितताओं की शिकायतें भी मिलीं थीं जिनके आधार पर उन्होंने सीएम योगी से कई शिकायतें कीं जो सभी सत्य पाई गईं है और अब सभी सरकारी विभागों ने कोहिनूर पैलेस मैरिज हॉल के खिलाफ नियम-कानूनों का शिकंजा कस दिया  है.

 

संजय ने बताया कि कोहिनूर पैलेस के खिलाफ चलाई गई इस लम्बे मुहिम में कई बार उनको धमकियाँ मिलीं और कई बार कुछ पत्रकारों के मार्फत मैरिज हॉल के खिलाफ कार्यवाहियां रोकने की शिफारिशें की गईं लेकिन उन्होंने सभी को  इस मामले में सरकारी नियम कानूनों के उल्लंघन, लाखों रुपयों की टैक्स चोरी और पीड़ितों के लाखों रुपयों के नुक्सान की बात बताते  हुए जनहित के इस मुद्दे को अंत तक चलाने की बात कही और इस मुद्दे को अंजाम तक पंहुचा दिया है.  

 

सभी सरकारी विभागों द्वारा शिकायतों पर गंभीरता से कार्यवाही हो जाने पर योगी सरकार को सार्वजनिक धन्यवाद ज्ञापित करते हुए संजय ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही कोहिनूर पैलेस मैरिज हॉल को सील कर बंद किया जाएगा और सभी विभागों के मानक पूरे होने के बाद ही मैरिज हाल का सञ्चालन शुरू किया जाएगा.

 

 

 












 

 

 

 

Tuesday, June 6, 2023

CMS स्कूल थप्पड़ काण्ड में NHRC ने दर्ज किया संस्थापक जगदीश गाँधी की पत्नी भारती गाँधी के खिलाफ केस.

 

लखनऊ............06 जून 2023..............

आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित और गिनीज बुक  ऑफ़ रिकार्ड्स में विश्व में सर्वाधिक छात्र संख्या के लिए दर्ज सिटी मोंटेसरी स्कूल समूह के संस्थापक जगदीश गाँधी की पत्नी भारती गाँधी द्वारा बीती 15 मई को सीएमएस की महानगर शाखा के छात्र अरफान हसन खान को गोमती नगर विस्तार शाखा में कई बार थप्पड़ मारने और पुलिस के नाम पर धमकाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ( NHRC ) ने बीते कल भारती गाँधी के खिलाफ केस नंबर 12662/24/48/2023 दर्ज कर लिया है.

 

आयोग ने यह कार्यवाही लखनऊ स्थित पंजीकृत सामाजिक संस्था ‘पारदर्शिता, जबाबदेही और मानवाधिकार क्रांति के लिए एक पहल’ ( तहरीर ) Transparency, Accountability & Human Rights’ Initiative for Revolution ( T.A.H.R.I.R. ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और इंजीनियर संजय शर्मा की शिकायत पर की है.  

 

संजय ने बताया कि भारती गाँधी द्वारा सरेआम छात्र को पीटने और इस पिटाई से छात्र के सदमे में चले जाने के आरोपों वाले छात्र के माता-पिता के ऑडियो-वीडियो संज्ञान में आने पर उन्होंने बीती 1 जून को यह मामला मानवाधिकार आयोग को भेजा था जिसके बाद मानवाधिकार ने प्राथमिक जांच के बाद भारती गाँधी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.

 

संजय बताते हैं कि सिटी मांटेसरी स्कूल के संस्थापक डॉ जगदीश गांधी की पत्नी भारती के ऊपर 12वीं के छात्र को पीटने के आरोप हैं. पीड़ित छात्र अरफान हसन खान को विगत 15 मई 2023 को को सम्मानित करने के लिए गोमती नगर विस्तार शाखा में बुलाया गया था. पीड़ित ने इस साल सीएमएस महानगर से 12वीं की परीक्षा 93 प्रतिशत अंकों के साथ पास की है. छात्र की मां डा. राबिया के मुताबिक उनके बेटे को स्कूल प्रशासन ने गोमती नगर विस्तार सीएमएस वरदान खंड में मेडल देने के लिए बुलाया था.सुबह साढ़े नौ बजे के आसपास बेटे का फोन आया.उनसे रो-रोकर बताया कि उसे डा. जगदीश गांधी की पत्नी डा. भारती गांधी ने बिना वजह पीटा. दो बार मारने की वजह से वह बहुत डिप्रेशन में आ गया है जबकि उसकी कोई गलती नहीं थी. वह सिर्फ अपने दोस्त के साथ पास होने की खुशी साझा कर रहा था.ऐसी घटना होने पर वह बहुत परेशान है. उस सोमवार के दिन गोमती नगर विस्तार में आयोजित एक कार्यक्रम में छात्र को बुलाया गया था जहां पर अरफान अपने पीछे बैठे एक छात्र से बात कर रहा था और  इस दौरान वह मुस्कुरा रहा था. इसी बात से जगदीश गांधी की पत्नी नाराज हो उठी और उन्होंने छात्र को की पिटाई कर दी.

 

संजय के अनुसार भारती गाँधी का कथित कृत्य प्रथम दृष्टया अनुचित है और बाल उत्पीडन और मानवाधिकार हनन करने के साथ-साथ आपराधिक कृत्य भी है . आरोप यह भी है कि भारती गाँधी ने बालक को पुलिस का नाम लेकर डराया भी है.

 

संजय ने  बताया कि उन्होंने सिटी मोंटेसरी स्कूल के घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज लेकर बाल अधिकारों और मानवाधिकार के हनन के इस मामले की विधिवत जांच करके प्रकरण में विधि अनुसार कार्यवाही करने की मांग की है.

 

संजय ने कहा है कि उनकी संस्था पीड़ित छात्र को न्याय दिलाने के लिए हर फोरम पर उसकी और उसके परिवार की मदद करेगी.


 

 

Wednesday, May 10, 2023

यूपी के मान्यता प्राप्त पत्रकारों के खिलाफ हंसराज की शिकायत पर हुई कार्यवाहियों की सूचनाएं आरटीआई में उजागर करेगा सूचना निदेशालय.

लखनऊ / गुरूवार, 11 मई 2023 ........................


 

विगत वर्ष के अगस्त महीने में सूबे की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर इलाके के समाजसेवी हंसराज की एक शिकायत ने सूबे की टॉप पत्रकार बिरादरी में हडकंप मचा दिया था. हंसराज की शिकायत का संज्ञान लेकर शासन ने  सूबे के सूचना निदेशक से आख्या तलब कर ली थी. मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सूचना निदेशक शिशिर ने शासन का पत्र जारी होने के पांचवें दिन ही सूबे के कई टॉप मान्यता प्राप्त पत्रकारों को पत्र जारी करके 10 दिन के भीतर 100 रुपये के शपथ पत्र पर आख्या देने का नोटिस जारी कर दिया था.

 


शिशिर ने पत्रकारों को आदेशित किया था कि वे किसी भी समाचार पत्र के संपादक/स्वामी/प्रकाशक होने अथवा न होने, जिस संस्थान से मान्यता है उसके अतिरिक्त किसी अन्य भी संस्थान में कार्यरत होने अथवा न होने,पत्रकारिता के अतिरिक्त कोई अन्य कार्य न किये जाने के साथ ही यदि उनकी मान्यता उर्दू समाचार पत्र / उर्दू चैनल से हो तो उर्दू भाषा की जानकारी से सम्बंधित प्रमाण पत्र के सम्बन्ध में सूचनाएं 100/- के शपथ पत्र पर दें.

 


इसके बाद यूपी की राजधानी के राजाजीपुरम क्षेत्र निवासी कंसलटेंट इंजीनियर और ट्रांसपेरेंसी, एकाउंटेबिलिटी एंड ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव फॉर रेवोलुशन ( तहरीर ) नाम की पंजीकृत संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय शर्मा ने बीते साल के अगस्त महीने में ही सूचना निदेशालय में ऑनलाइन आरटीआई दायर करके इस सम्बन्ध में 8 बिन्दुओं पर सूचना मांगी थी.

 

संजय ने इस मामले के सम्बन्ध में शासन के सूचना विभाग द्वारा जारी पत्र और इसके संलग्नकों,शासन के इस पत्र पर निदेशालय द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट और इसके संलग्नकों के साथ-साथ इस विषय से सम्बंधित निदेशालय की सभी फाइलों के रिकॉर्ड और नोट-शीट्स  की सत्यापित प्रतियाँ मांगीं थीं.

 

निर्धारित समय में सूचना नहीं मिलने पर संजय ने सूचना निदेशालय में प्रथम अपील दायर की थी जिसके बाद सूचना निदेशालय के प्रेस उपनिदेशक ललित मोहन संजय को सूचना देने के लिए राजी हो गए हैं. ललित ने जनसूचना अधिकारी के माध्यम से पत्र जारी करके संजय को बताया है कि मांगी गई सूचनाएं काफी विस्तृत हैं. ललित ने संजय को कार्यालय दिवस में किसी भी समय कार्यालय आकर उनके समक्ष पत्रावली का अवलोकन करने की बात भी पत्र में लिखी है.

 

संजय ने बताया कि वे शीघ्र ही सूचना निदेशालय जाकर सम्बंधित पत्रावली का अवलोकन करके मांगी गई सूचनाएं प्राप्त करेंगे.

 

 


 

Wednesday, May 3, 2023

प्रिंटिंग प्रेसों और अखबारों का फ़र्जीबाड़ा उजागर करेगा कलेक्ट्रेट लखनऊ का आरटीआई जवाब.

 समाचार सार :   लखनऊ की प्रिंटिंग प्रेसों की सूचनाएं आरटीआई में उजागर करें प्रभारी अधिकारी प्रेस : मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश के बाद जिलाधिकारी लखनऊ का फरमान.

 




लखनऊ / बुधवार, 03 मई 2023 .......................

यूपी की राजधानी लखनऊ में अखबार छापने वाली प्रिंटिंग प्रेसों के गड़बड़झालों को उजागर करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में बीते साल 10 दिसम्बर को लखनऊ के राजाजीपुरम क्षेत्र निवासी कंसलटेंट इंजीनियर और ट्रांसपेरेंसी, एकाउंटेबिलिटी एंड ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव फॉर रेवोल्युशन  नाम की पंजीकृत संस्था के संस्थापक अध्यक्ष संजय शर्मा द्वारा  दायर की गई एक आरटीआई अर्जी पर सूबे के मुख्य सूचना आयुक्त भवेश कुमार सिंह के कड़े रुख के बाद सीएम कार्यालय से लेकर लखनऊ के जिलाधिकारी कार्यालय तक हडकंप मच गया है.

 

जहाँ एक तरफ मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुभाग 4 के अनुभाग अधिकारी और जनसूचना अधिकारी रमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने बीती 14 अप्रैल को सूचना आयोग के सचिव को पत्र लिखकर मामले को सूचना कानून की धारा 6 की उपधारा 3 के तहत लखनऊ के जिला मजिस्ट्रेट को ट्रान्सफर करने की बात कहते हुए उनको आयोग में उपस्थिति से छूट की गुहार लगाई है तो वहीँ दूसरी तरफ जिलाधिकारी लखनऊ ने आरटीआई अर्जी को सूचना कानून की धारा 5 की उपधारा 4 के तहत कलेक्ट्रेट लखनऊ के प्रभारी अधिकारी प्रेस को अंतरित करते हुए आदेशित किया है कि वे अपने पास रक्षित सूचना आरटीआई आवेदक संजय को उपलब्ध करायें.

 


संजय बताते हैं कि प्रिंटिंग प्रेसों को प्रेस एक्ट अधिनियम 25 सन 1968 ईस्वी के अंतर्गत लखनऊ के नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य है. बकौल संजय उनको भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन 7991479999 पर शिकायतें मिलीं थीं कि एक ही पते और एक ही प्रिंटिंग मशीन पर कई अलग-अलग नामों से प्रिंटिंग प्रेसों का पंजीकरण कराकर फर्जीबाड़ा किया जा रहा है जिसके बाद मामले की तह तक जाकर सच्चाई उजागर करने के लिए उन्होंने यह आरटीआई दायर करके लखनऊ में पंजीकृत मुद्रणालयों की कुल संख्या,पंजीकृत मुद्रणालयों के नामों और पतों की सूचना के साथ-साथ पंजीकृत मुद्रणालयों के स्वामियों द्वारा प्रेस एक्ट की धारा 4 अधिनियम 25 सन 1968 ईस्वी के तहत दिए गए घोषणा पत्रों की सत्यापित प्रतियाँ मांगीं थीं.

 

 

 

संजय का कहना है कि कलेक्ट्रेट लखनऊ के प्रभारी अधिकारी प्रेस द्वारा सूचनाएं सार्वजनिक करने के बाद प्रिंटिंग प्रेसों के फ़र्जीबाड़े के साथ-साथ  विज्ञापन व अन्य सरकारी लाभ लेने के लिए फर्जी प्रसार संख्या दिखाकर मात्र फाइल कॉपी छापने वाले जेबी अखबारों का फर्जीबाड़ा भी उजागर होगा.

 

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