Tuesday, March 28, 2023

केन्द्रीय मंत्री कौशल किशोर,एमएलसी पवन सिंह चौहान और पूर्व एमएलसी अरविन्द कुमार त्रिपाठी के हाथों विशिष्टजनों को मिला “भारत गर्व सम्मान’.

केन्द्रीय मंत्री कौशल किशोर,एमएलसी पवन सिंह चौहान और पूर्व एमएलसी अरविन्द कुमार त्रिपाठी के हाथों विशिष्टजनों को मिला “भारत गर्व सम्मान’.


 

लखनऊ / .....................

यूपी की राजधानी लखनऊ के एक निजी होटल में सामाजिक संस्था ‘पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवाधिकार क्रांति के लिए एक पहल’ ( तहरीर ) के बैनर तले संस्था के  ‘5वें  स्थापना दिवस’ एवं ‘अखिल भारतीय सम्मान समारोह 2023’ का आयोजन बीते रविवार, 26 मार्च 2023 को किया गया जिसमें शिरकत करते हुए केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री कौशल किशोर, सदस्य विधान परिषद उत्तर प्रदेश एवं चेयरमैन एस. आर. ग्रुप लखनऊ पवन सिंह चौहान, पूर्व सदस्य विधान परिषद उत्तर प्रदेश एवं जमीनी जननेता अरविन्द कुमार त्रिपाठी ( गुड्डू त्रिपाठी ), पूर्व न्यायाधीश एवं वरिष्ठ अधिवक्ता उच्च न्यायालय चन्द्र भूषण पाण्डेय, भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश की आरटीआई सेल की पूर्व प्रदेश उप प्रभारी उर्वशी शर्मा, पूर्व पार्षद सौरभ सिंह मोनू, और महताब आलम ने विधि,विज्ञान,प्रौधौगिकी ,समाजसेवा प्रबंध, ,पत्रकारिता,जनसंपर्क माध्यम, प्रशासन,आरटीआई,राजनीति,साहित्य,संस्कृति,कला आदि के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायक कार्य द्वारा नवीन भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान प्रदान करने वाले विशिष्टजनों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया.

 

 

सिद्धार्थनगर निवासी अधिवक्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट देवेश मणि त्रिपाठी के बड़े पुत्र उज्जवल मणि त्रिपाठी विगत दिनों होली पर्व पर एक दुर्घटना में असमय स्वर्गवासी हो गए थे. युवा हो रहे उज्जवल समाजसेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे. इसके अतिरिक्त  संस्था से जुड़े पत्रकार कैलाश नाथ सैनी की माता का विगत दिनों स्वर्गवास हो गया था. कार्यक्रम के आरम्भ में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए अतिथियों द्वारा पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई और  सभी आगंतुकों द्वारा खड़े होकर 2 मिनट का मौन रखा गया.

 

 

 

बताते चलें कि Transparency, Accountability & Human Rights Initiative for Revolution; ‘पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवाधिकार क्रांति के लिए एक पहल’ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित एक पंजीकृत सामाजिक संस्था है जो लोकजीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही की सुनिश्चितता स्थापित करने के साथ-साथ मानवाधिकारों के संरक्षण के क्षेत्रों में विगत कई वर्षों से राष्ट्रीय स्तर पर कार्यशील है. इस संस्था का शार्ट नाम ‘TAHRIR’ है.संस्था जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के विरुद्ध व्यापक स्वर मुखरण हेतु सतत संघर्षरत एवं कटिबद्ध है. संस्था द्वारा अखिल भारतीय भ्रष्टाचार विरोधी मोबाइल/व्हाट्सएप हेल्पलाइन 7991479999 संचालित है. इस हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक असंख्य पीड़ितजन  निःशुल्क राय लेकर अपनी समस्याओं का समाधान करा चुके हैं.  

 

कार्यक्रम में संस्था की लीगल मोबाइल हेल्पलाइन 9565247365 तथा लीगल ई-मेल हेल्पलाइन  sukaylegal@gmail.com का विमोचन किया गया तथा एंटी करप्शन मोबाइल हेल्पलाइन हेल्पलाइन 7991479999 में ईमेल sukayanticorruption@gmail.com को जोड़कर हेल्पलाइन का विस्तार किया गया.

 

कायक्रम में समाजसेवी शुभम त्यागी द्वारा तैयार किये गए नशा विरोधी कप और की-रिंग्स का अतिथियों ने  विमोचन किया. इन  कप और की-रिंग्स का सभागार में उपस्थित सभी व्यक्तियों को वितरण किया गया.कार्यक्रम में उपस्थित सभी सैकड़ों लोगों ने नशा विरोधी कप और की-रिंग्स को हाथ में लेकर नशा न करने की और अन्य लोगों को नशा करने से रोकने की शपथ भी ली. कार्यक्रम में कई लोगों ने नशा छोड़ने की सार्वजनिक घोषणा भी की.

 

कार्यक्रम में आये अतिथियों ने अपने उद्बोधनों में संस्था द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की और सभी को सफलता का आशीर्वाद दिया. सबसे पहले वरिष्ठ नागरिक सियाराम सैनी और आरटीआई एक्टिविस्ट देवेश मणि त्रिपाठी का सम्मान किया गया जिसके पश्चात भारत गर्व सम्मान 2023 के तहत उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं,डॉक्टर्स,महिलाओं,राजधानी से बाहर से आये विशिष्टजनों,पत्रकार संगठनों उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त एसोसिएशन के अब्दुल वहीद व अन्य सदस्यों, पत्रकार संगठन 'आईना' ( AAINA ) के कामरान अहमद व अन्य सदस्यों, पत्रकार संगठन 'प्रिंट मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन ' ( PMWJA ) के अज़ीज़ सिद्दीकी व अन्य सदस्यों ,लखनऊ के पत्रकारों,समाजसेवियों आदि का सम्मान किया गया.  

 

कार्यक्रम में अधिवक्ता रुवैद कमाल किदवई, सैयद शाहिद मुस्तफा,मोहम्मद शफीक, मह्फुजुर रहमान फैजी; मेडिकल क्षेत्र से डा. ज़ुहैर कमाल किदवई, डा. मुख्तार अहमद और यूनानी डॉक्टर शुजा उद्दीन अहमद को सम्मानित किया गया.

 

महिलाओं में पूर्व पार्षद एवं समाजसेविका संतोष तेवतिया, शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी गार्गी आर्या, समाजसेविका मीतू सिंह,डा. कल्पना आर्या, अपर्णा भारती, जय श्री और पत्रकारिता के क्षेत्र से नम्रता शुक्ला, ममता सिंह, तमन्ना अंजुम, रेनू निगम और गुरमीत कौर को सम्मानित किया गया.

 

लखनऊ से बाहर से आये विशिष्टजनों में हरिद्वार के सामाजिक कार्यकर्त्ता,गंगा प्रहरी,आरटीआई एक्टिविस्ट और डुबकी वाले बाबा के नाम से प्रसिद्ध युवा मनोज निषाद, शाहजहांपुर से आये मानवाधिकार कार्यकर्ता पी.सी.पाठक, फर्रुखाबाद के जीवट आरटीआई एक्टिविस्ट शिव नारायण श्रीवास्तव और मुरादाबाद निवासी और ‘साइबरमैन’ के नाम से विख्यात मनीष गोयल को सम्मानित किया गया.

 

समाजसेवा के कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने वाले ‘वाहिद बिरयानी’ प्रतिष्ठान के स्वामी आबिद अली कुरैशी; यू ट्यूबर ब्रिज भूषण दुबे; पायनियर मोंटेसरी स्कूल  के मैनेजर ब्रिजेन्द्र सिंह; वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर सार्थक वेलफेयर सामाजिक संस्था के संस्थापक अश्विनी जायसवाल; भारतीय पत्रकार एवं मानवाधिकार परिषद के जितेन्द्र बहादुर सिंह और एम. एल. त्रिपाठी; वरिष्ठ पत्रकार हेमंत कृष्णा, अनुपम चौहान, शेखर पंडित,आलोक कुमार रस्तोगी,हर्षित मिश्रा,शेखर श्रीवास्तव,डा. अभिजीत सिन्हा, कैलाश नाथ सैनी, ज़ैद अहमद फारुकी, शम्स तबरेज खान, सफीर सिद्दीकी,आशीष निगम, अजय कुमार वर्मा; स्टार एजुकेटर - अनएकेडेमी प्लस यूपीएससी कोच पोलिटिकल कंसलटेंट आशीष श्रीवास्तव; पूर्व में मुख्य सूचना आयुक्त के पद की अंतिम सूची में चयनित हो चुके आरटीआई एक्टिविस्ट और सूचना का अधिकार वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक शुक्ला; आरटीआई मामलों के अधिवक्ता अवधेश कुमार चतुर्वेदी; आरटीआई कार्यकर्ता आनंद प्रसाद और जीवट समाजसेवी प्रवीण अवस्थी, ज्ञान चन्द्र ज्ञानी, दिनेश सिंह,राम गोपाल सिंह,राहुल कुमार,मोहम्मद अमीन खान, मोहम्मद तारिक सिद्दीकी, मोईन कुरैशी, मुन्ना आदि को भी कार्यक्रम में सम्मानित किया गया.

 

कार्यक्रम में चन्द्र भूषण पाण्डेय ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया और कवि,लेखक और समाजसेवी ज्ञानेश पाण्डेय ने मंच सञ्चालन किया. इस अवसर पर ज्ञानेश पाण्डेय ने कौशल किशोर पर रचित अपने ह्रदय के उद्गारों को हस्तलिखित कर केन्द्रीय मंत्री को भेंट किया.

 

कार्यक्रम में आये विशिष्ट अतिथि सदस्य विधान परिषद उत्तर प्रदेश एवं चेयरमैन एस. आर. ग्रुप लखनऊ पवन सिंह चौहान ने सभागार में उपस्थित सभी व्यक्तियों को अपने एस. आर. ग्रुप की ओर से बैग भी भेंट किये.

 

कार्यक्रम के अंत में संस्था के अध्यक्ष संजय शर्मा ने सभी आगंतुकों को अपने ह्रदयतल की गहराइयों से धन्यवाद ज्ञापित किया.

 

*आयोजक*

इं. संजय शर्मा

Transparency, Accountability & Human Rights’ Initiative for Revolution ( T.A.H.R.I.R. )

‘पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवाधिकार क्रांति के लिए एक पहल’ ( पंजीकृत )

मोबाइल / व्हाट्सएप 8004560000, मोबाइल 9415007567

ईमेल sanjaysharmalko@icloud.com , aishrajyash@gmail.com

Legal Helpline - Mobile 9565247365 Email sukaylegal@gmail.com

Anti Corruption Helpline - Mobile 7991479999 E mail sukayanticorruption@gmail.com

 

 































































 


 































































































 

























































































 
































































































 
























































































































































































 




























































































 


 















Wednesday, February 1, 2023

आरटीआई कानून को हल्के में लेना मलिहाबाद तहसीलदार को पड़ा भारी,सूचना आयुक्त हर्षवर्धन शाही ने ठोंका 25 हज़ार का जुर्माना : राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत अतिक्रमण हटाने की सूचना नहीं देने पर हुई कार्यवाही.

लखनऊ / गुरूवार,02 फरवरी 2023 ..........................

 

सरकारी अमलों ने आरटीआई कानून का जैसा मज़ाक बना रखा है उसकी बानगी आपको इस मामले से मिल जायेगी. मामला काफी पुराना है और वर्ष 2016 का है. एक तरफ सूचना कानून 30 दिन में सूचना देने की बात करता है वहीँ दूसरी तरफ इस मामले में आरटीआई अर्जी को फुटबाल बनाकर लखनऊ का जिलाधिकारी कार्यालय, नगर निगम और विकास प्राधिकरण एक दूसरे के पाले में 6 साल तक धकेलते रहे. वह भी तब जबकि मागी गई सूचनाएं व्यापक लोकहित की सूचनाएं थीं और राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत अतिक्रमण हटाने से सम्बंधित थीं.

 

 


दरअसल राजधानी के राजाजीपुरम क्षेत्र निवासी कंसलटेंट इंजीनियर संजय शर्मा संजय ने यह आरटीआई अर्जी लखनऊ के जिलाधिकारी कार्यालय में दायर करके राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत अतिक्रमण हटाने से सम्बंधित 10 बिन्दुओं पर सूचना मांगी थी. संजय बताते हैं कि इस मामले में पूर्व सूचना आयुक्त अरविन्द सिंह बिष्ट और वर्तमान सूचना आयुक्त हर्षवर्धन शाही के पुरजोर प्रयासों के बाद भी उनको सूचना नहीं मिल पाई और जिले के प्रशासनिक अधिकारी आरटीआई कानून और सूचना आयोग को ठेंगे पर रखे रहे और तब हारकर शाही ने मलिहाबाद के तहसीलदार पर 25 हज़ार रुपयों का जुर्माना ठोंक दिया है और संजय की अपील को बिना सूचना पूरी दिलाये ही निस्तारित भी कर दिया है.

 

संजय बताते हैं कि सूचना आयुक्त अरविन्द सिंह बिष्ट ने साल 2017 में आयोग की सुनवाई में उपस्थित हुए जिलाधिकारी लखनऊ के प्रतिनिधि त्रिभुवन सिंह और नगर निगम लखनऊ के प्रतिनिधि सहायक अभियंता तकनीकी के सामने यह निर्धारित कर दिया था कि सूचनाएं जिलाधिकारी कार्यालय से ही सम्बंधित थीं और जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा संजय की आरटीआई को नगर निगम भेजना और नगर निगम द्वारा लखनऊ विकास प्राधिकरण को भेजना अकारण ही था जिससे श्रम,साधन और समय नष्ट हो रहे थे.बिष्ट ने जिलाधिकारी लखनऊ कार्यालय के जनसूचना अधिकारी को दोषी पाते हुए 25 हज़ार रुपयों का दंड लगाया था और स्पष्टीकरण तलब किया था.

 

बिष्ट के रिटायरमेंट के बाद यह मामला सुनवाई के लिए शाही के समक्ष आया. बीते साल हुए सुनवाई में लखनऊ के बी. के. टी. तहसील के लेखपाल विमल सिंह, सरोजिनीनगर तहसील के अजय कुमार शुक्ला, मोहनलाल गंज तहसील की नायब तहसीलदार प्राची त्रिपाठी और तहसील सदर के संग्रह सहायक बृजेश कुमार तिवारी ने आयोग के समक्ष आकर संजय को सूचना दे देने की बात कही लेकिन मलिहाबाद के तहसीलदार ने सूचना नहीं दीं. इस तरह मलिहाबाद तहसील के तहसीलदार द्वारा आरटीआई कानून और आयोग को हल्के में लेने पर शाही ने कड़ा रुख अख्तियार किया और तहसीलदार को साशय सूचनाएं न देने का दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के तहत 25 हज़ार रुपयों का अर्थदंड अधिरोपित करते हुए वसूली आदेश पारित किया.

 


बीती 19 जनवरी को सूचना आयोग के रजिस्ट्रार ने लखनऊ के जिलाधिकारी को आदेशित किया है कि वे सम्बंधित तहसीलदार के वेतन से 25 हज़ार रुपयों का जुर्माना बसूलकर ट्रेज़री में जमा करें. रजिस्ट्रार ने इस आदेश की प्रति संजय के साथ-साथ प्रमुख सचिव राजस्व और राजस्व परिषद के अध्यक्ष को भी स्पीड पोस्ट से भेजी है.

 


 


Monday, January 23, 2023

सेक्स रोगी सावधान ! स्वनिर्मित नहीं बल्कि ब्रांडेड दवाएं देते हैं डा. पी. के. जैनs क्लीनिक्स के पी. के. जैन,पियूष जैन और संचय जैन : आयुर्वेद विभाग के छापे से हुआ खुलासा.

 लखनऊ / मंगलवार, 24 जनवरी 2023 …………………..

 

 

यह खबर उन मरीजों के लिए काम की खबर हो सकती है जो सेक्स रोगों के इलाज के लिए विशेष प्राचीन आयुर्वेदिक नुस्खों वाली दवाओं से इलाज़ पाने की उम्मीद में यूपी के राजधानी लखनऊ स्थित पी. के. जैन क्लिनिक प्राइवेट लिमिटेड के मकड़जाल में फंसकर अपनी मोटी रकम इन डॉक्टर्स के हाथों गँवा बैठते हैं.ऐसे मरीज इस क्लिनिक में जाने से पहले यह समझ लें कि इस क्लीनिक में जाने पर उनको कोई विशेष दवा  नहीं मिलने वाली है बल्कि इस क्लीनिक के डॉक्टर अपने मरीजों को देश की नामी कंपनियों की रेडीमेड दवाएं ही देते हैं.

 

 


 

आजादी से पहले साल 1926 में डॉ. पी. के. जैन क्लिनिक प्राइवेट लिमिटेड स्थापित होने का झूंठा दावा करते हुए लखनऊ में गैरकानूनी रूप से स्वयंभू रूप से यौन रोग विशेषज्ञ बन बड़े-बड़े दावों के साथ झूंठा प्रचार करने वाले आयुर्वेदिक डॉक्टर पी. के. जैन,पियूष जैन और संचय जैन द्वारा लखनऊ की लाटूश रोड पर बांसमंडी चौराहे के आगे शिवपुरी में चला रहे बांसमंडी क्लीनिक और हुसैनगंज मेट्रो स्टेशन गेट संख्या 2 के सामने होटल मेरा मन के पास चला रहे महाराणा क्लीनिक के तथाकथित सेक्सोलोजिस्ट डॉक्टर्स द्वारा इलाज में कोई स्व निर्मित विशेष प्राचीन फार्मूले वाली दवाएं नहीं दी जाती हैं बल्कि ब्रांडेड आयुर्वेदिक दवाएं ही दी जाती हैं.

 

 


 

इस बात का खुलासा स्थानीय राजाजीपुरम निवासी कंसलटेंट इंजीनियर संजय शर्मा द्वारा की गई शिकायतों पर सूबे के आयुष विभाग के क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी कार्यालय के ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा डॉ. पी. के. जैन क्लिनिक प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिष्ठानों में मारे गए छापों के बाद हुआ है. इन छापों में ड्रग इंस्पेक्टर को इन दोनों क्लीनिक्स के डॉक्टर पी. के. जैन,पियूष जैन और संचय जैन द्वारा स्व निर्मित विशेष प्राचीन फार्मूले वाली कोई दवा नहीं मिली बल्कि ब्रांडेड आयुर्वेदिक दवाएं ही मिलीं.

 

 

 


संजय बताते हैं कि उन्हें मामले से सम्बंधित सैंपलिंग मैमोज़ शिकायतें और आरटीआई डालने के बाद मिले हैं जिन्हें वे जनहित में  सार्वजनिक कर रहे हैं.

 


 

आयुष विभाग के क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी कार्यालय के ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा डॉ. पी. के. जैन क्लिनिक प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिष्ठानों के निदेशक डॉक्टर संचय जैन और डॉक्टर पीयूष जैन द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित इन सैंपलिंग मैमोज़ से इस बात का खुलासा हो गया है कि इन क्लीनिक्स के ये डॉक्टर्स ऊंझा आयुर्वेदिक फार्मेसी द्वारा निर्मित शक्रा वल्लभ रस, डाबर इंडिया लिमिटेड द्वारा निर्मित स्वर्ण वंगा,  ऊंझा आयुर्वेदिक फार्मेसी द्वारा निर्मित मकरध्वज वटी और श्री वैद्यनाथ आयुर्वेद द्वारा निर्मित श्री गोपाल तेल से तमाम रोगियों का इलाज़ करते हैं.

 

 


 

गौरतलब है कि संजय की शिकायत के बाद सिसवारा राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के डा. शीलेन्द्र ने जांच के बाद इन डॉक्टर्स को अवैधानिक प्रचार करने का दोषी पाते हुए विज्ञापनों से यौन रोग विशेषज्ञ हटाने का आदेश देने के साथ-साथ भविष्य में विज्ञापन जारी करने से पहले विज्ञापन हेतु विभागीय अनुमति लेने तथा विज्ञापन शुल्क जमा कराने के निर्देश दिए थे.

 

 

 

संजय ने अब सूबे की राज्यपाल को पत्र लिखकर मांग की है कि सूबे में सेक्स एजुकेशन और साइको-सेक्शुअल अवेयरनेस को बढाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों को बढ़ाया जाए तथा साइको-सेक्शुअल काउंसलिंग के  विषय पर काम कर रहे गैर सरकारी संगठनों को बढ़ावा दिया जाए ताकि ऐसे मरीज़ पी. के. जैनs और इनके क्लीनिक्स के झूंठे विज्ञापनों के ज़रिए की जा रही धोखाधड़ी से बचे रहे.

 

 

 


 


 

 

Friday, December 9, 2022

  मोदी सरकार ने पेश की मितव्ययिता और पैसे के सदुपयोग की मिसाल : महज़ 1 करोड़ 2 लाख में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ और 9 करोड़ 48 लाख में कर दिखाए ‘हर घर तिरंगा अभियान’ जैसे देशव्यापी विशाल और भव्य आयोजन : आरटीआई खुलासा.

 लखनऊ/शनिवार,10 दिसम्बर 2022 …………………………………

देश भर को एकता के सूत्र में पिरोकर देश विदेश में रह रहे भारतीयों के मन मस्तिष्क में देशभक्ति की भावना का सैलाब लाने वाले ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ और ‘हर घर तिरंगा अभियान’ जैसे  देशव्यापी विशाल और भव्य आयोजनों को केंद्र सरकार ने जिस मितव्ययिता के साथ संपन्न किया है उसका कोई सानी नहीं है. मोदी सरकार द्वारा सरकारी खजाने का पूरा-पूरा सदुपयोग करने का खुलासा करने वाले यह बात यूपी की राजधानी लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी कंसलटेंट इंजीनियर संजय शर्मा द्वारा बीती 13 अक्टूबर को डाली गई एक आरटीआई अर्जी पर भारत सरकार के संस्कृति विभाग के अंडर सेक्रेटरी पप्पुन्जय कुमार द्वारा बीती 11 नवम्बर को दी गई सूचना से सामने आई है.


 

 

पप्पुन्जय ने संजय को बताया है कि आजादी का अमृत महोत्सव मनाने का निर्णय लेने सम्बन्धी कोई भी फाइल नहीं है. भारत के फ्लैग कोड के आदेश संस्कृति विभाग द्वारा जारी नहीं करने की बात बताते हुए पप्पुन्जय ने संजय को बताया है कि हर घर तिरंगा अभियान की फाइल  एक ई-फाइल है जिसका निरीक्षण संजय द्वारा अपनी सुविधानुसार कभी भी किया जा सकता है.

 


हर घर तिरंगा अभियान के लिए झंडे भारत सरकार की टेक्सटाइल मिनिस्ट्री द्वारा सप्लाई किये जाने की बात बताते हुए अभियान के बाद तिरंगे का सम्मान बनाए रखने के लिए भारत सरकार के गृह कार्य विभाग द्वारा आदेशिका जारी करने की बात भी पप्पुन्जय ने संजय को भेजे पत्र में लिखी है.

 

फ्लैग कोड के सम्बन्ध में जन-जागरूकता के लिए चलाये गए अभियानों पर अलग से फंड्स की व्यवस्था नहीं होने की बात भी  पप्पुन्जय ने संजय को बताई है.

 

इन कार्यक्रमों के आयोजनों में मोदी सरकार द्वारा सरकारी पैसे के पूरे-पूरे सदुपयोग के साथ-साथ अतिशय मितव्ययिता की मिसाल पेश करने की बात कहते हुए संजय ने मोदी सरकार की भूरि-भूरि प्रशंसा की है.

 


Tuesday, December 6, 2022

शुभ उपकार अखबार छापने वाली प्रिंटिंग प्रेसों पर भी कसा जांच का शिकंजा : हरदोई के डीएम ने जिला सूचना अधिकारी को सौंपी जांच.

 लखनऊ/बुधवार, 07 दिसम्बर, 2022 ………………………..

यूपी के जिले हरदोई जिले से प्रकाशित होने वाले डा. संपत लाल साहू के हिंदी दैनिक शुभ उपकार और उर्दू दैनिक शुभ उपकार समाचार पत्रों की आरएनआई जांच के बाद अब इन समाचार पत्रों की छपाई करने वाली प्रिंटिंग प्रेसें भी जांच की जद में आ गई हैं. इन अखबारों के मालिकों और इनकी छपाई करने वाली प्रिंटिंग प्रेसों पर घोषित प्रसार संख्या से कम संख्या में समाचार पत्रों की छपाई करके फर्जीबाड़ा करने का आरोप लगाते हुए राजधानी के राजाजीपुरम निवासी कंसलटेंट इंजीनियर संजय शर्मा द्वारा की गई एक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम हरदोई ने जिला सूचना अधिकारी को अखबारों और अखबारों को छापने वाली प्रिंटिंग प्रेसों की जांच करने का आदेश दिया है जिसके बाद जिला सूचना अधिकारी ने बीती 2 दिसम्बर को संपत लाल साहू से जवाब माँगा है और इसकी सूचना एक अलग पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी हरदोई को भी दी है.

 


संजय बताते हैं कि उनको हेल्पलाइन 7991479999 पर शिकायत मिली थी कि लखनऊ निवासी संपत लाल साहू ने हरदोई से निकलने वाले हिंदी समाचार पत्र , RNI पंजीकरण संख्या UPHIN/2003/12001RNI टाइटल कोड UPHIN32967 के लिए अपना पता सूरी हाउस,गाँधी भवन के सामने, हरदोई ई-मेल dainikshubhupkar04@gmail.com मोबाइल नंबर 8400606091 दिया है और इस समाचार पत्र की छपाई चार प्रिंटिंग प्रेसों क्रमशः प्रियदर्शिनी युवा कल्याण प्रिंटिंग प्रेस एलडीए कॉलोनी लखनऊ, पॉइंट ओफ़्सेट लखनऊ, शुभ उपकार प्रकाशन प्रिंटर्स लखनऊ और चकगति प्रेस हरदोई में होनी बताई है. इसी नाम के दूसरे उर्दू समाचार पत्र , RNI पंजीकरण संख्या UPURD/2010/33730, RNI टाइटल कोड UPURD04384 के लिए साहू ने अपना पता B-74, आवास विकास कॉलोनी हरदोई ई-मेल saurabh.258@rediffmail.com मोबाइल नंबर 9452275438 दिया है और इस समाचार पत्र की छपाई सात प्रिंटिंग प्रेसों रॉयल ऑफसेट प्रेस हुसैनगंज लखनऊ और अन्य 6 प्रेसों में होनी बताई गई है. 

 

संजय ने अपनी शिकायत में लिखा था कि साहू द्वारा उपरोक्त दोनों समाचार पत्रों की घोषित प्रसार संख्या के आधार पर समस्त सरकारी लाभ लिए जा रहे हैं किन्तु प्रिंटिंग प्रेसों के मालिकों और प्रबंधन के साथ मिलकर घोषित प्रसार संख्या से कम संख्या में समाचार पत्रों की छपाई करके अपने निजी लाभ के लिए सरकार के साथ धोखाधड़ी की जा रही है जिसकी जांच समाचार पत्रों के प्रसार के प्रमाणों, अखबार बेचने से प्राप्त धनराशि, प्रिंटिंग प्रेसों द्वारा छापे गए सभी अखबारों की संख्या के सापेक्ष प्रिंटिंग प्रेसों द्वारा खरीदे गए कच्चे माल, खर्ची गई बिजली, प्रिंटिंग मशीन की क्षमता, प्रिंटिंग प्रेस में काम करने वाले श्रमिकों की संख्या व अन्य स्टाफ की संख्या आदि की अभिलेखीय जांच से की जा सकती है जिस पर डीएम हरदोई ने जांच कराने का निर्णय लिया है.   

                                            

बकौल संजय क्योंकि पी.आर.बी. अधिनियम 1867 के तहत समाचार पत्रों के अनियमित कृत्यों के सम्बन्ध में जांच कराने के लिए जिलाधिकारी सक्षम प्राधिकारी हैं इसीलिए उन्होंने यह  अनुरोध किया है कि इन समाचार पत्रों और प्रिंटिंग प्रेसों द्वारा मिलकर किये जा रहे फर्जीबाड़े की जांच कराकर समाचार पत्रों और प्रिंटिंग प्रेसों के खिलाफ अग्रेत्तर प्रशासनिक एवं विधिक कार्यवाही कार्यवाही की जाए.

 

बकौल संजय पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए फर्जी प्रसार संख्या दर्शाने वाले समाचार पत्रों और इन समाचार पत्रों के फर्जीबाड़े में सहयोग करने वाली प्रिंटिंग प्रेसों पर लगाम कसना अब समय की आवश्यकता है और इसी मुहिम के तहत उन्होंने शुभ उपकार अखबार का मामला एक टेस्ट केस की तरह उठाया है.

 

Friday, December 2, 2022

  ‘शुभ उपकार’ अखबार के दिल्ली और यूपी के 4 एडिशनों के सर्कुलेशन की जांच कर CBC को रिपोर्ट दे RNI : भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का फरमान.


लखनऊ के थाना कृष्णानगर क्षेत्र स्थित कानपुर रोड एलडीए कॉलोनी के सेक्टर D-1 के आवास संख्या SS-2 बटा 1654 निवासी डा. संपत लाल साहू की प्रिंटिंग प्रेस और अखबारों पर सरकारी जांचों का शिकंजा कसता चला जा रहा है. जिलाधिकारी लखनऊ के कार्यालय के साथ धोखाधड़ी करके लखनऊ के नाका हिंडोला क्षेत्र में राधिका धर्मशाला के पास चकमाकी दुगावा स्थित आवासीय प्लाट संख्या 274 बटा 31 स्थित श्री बालाजी प्रकाशन प्रिंटर्स नाम की प्रिंटिंग प्रेस के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ही कई अन्य व्यक्तियों द्वारा कई अन्य नामों से प्रिंटिंग प्रेसों का पंजीकरण करा लेने का आरोप लगाकर राजधानी के राजाजीपुरम क्षेत्र निवासी कंसलटेंट इंजीनियर संजय शर्मा द्वारा की गई शिकायतों पर अभी जांच चल ही रही है कि इसी बीच संजय की एक और शिकायत को गंभीरता से लेते हुए भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के ब्यूरो ऑफ़ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन के उपनिदेशक डा. चिराग भोर्निया ने बीती 28 नवम्बर को पत्र जारी करके डा. संपत लाल साहू के दिल्ली और उत्तर प्रदेश से “शुभ उपकार” नाम से निकलने वाले 4 संस्करणों के सर्कुलेशन, पब्लिशरों के नाम, ओनर्स के नाम, अखबारों के प्रिंटर्स के नाम और इनके पतों का वेरिफिकेशन करके केन्द्रीय संचार ब्यूरो ( CBC ) को उपलब्ध कराने के लिए भारत के समाचार पत्रों के पंजीयक के कार्यालय ( RNI ) को आदेशित किया है. इस पत्र की प्रति शिकायतकर्ता संजय को भी भेजी गई है जिसमें RNI की रिपोर्ट के आधार पर भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा इन अखबारों के खिलाफ आगे की कार्यवाही करने की बात भी लिखी है.

संजय बताते हैं कि शुभ उपकार नाम से दिल्ली से निकलने वाले हिंदी दैनिक का सर्कुलेशन 17500; यूपी के हरदोई से निकलने वाले उर्दू दैनिक का सर्कुलेशन 16500; यूपी के हरदोई से निकलने वाले हिंदी दैनिक का सर्कुलेशन 25000 और लखनऊ से निकलने वाले साप्ताहिक हिंदी का सर्कुलेशन 15800 डिक्लेअर किया गया है जबकि वास्तव में इन अखबारों की नाम मात्र की प्रतियाँ छापी जा रही हैं और चार्टर्ड अकाउंटेंट की फर्जी रिपोर्ट और फर्जीबाड़ा कर चल रही बालाजी प्रिंटर्स जैसी प्रिंटिंग प्रेसों के नाम देकर फर्जी सर्कुलेशन के आधार पर विज्ञापन बटोरने का गोरखधंधा चलाया जा रहा है. संजय ने बताया कि वे इन अखबारों की वेरिफिकेशन रिपोर्ट देने वाले चार्टर्ड एकाउंटेंट्स के लाइसेंस रद्द कराने के लिए सक्षम फोरम पर अलग से शिकायत करने जा रहे हैं.

संजय का कहना है कि इन अखबारों ने छपाई के लिए जिन प्रिंटिंग प्रेसों के नाम दिए हैं उनके पास इतना इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं है कि वे उन सब अखबारों की घोषित प्रसार संख्या में छपाई कर सकें जिनसे इन प्रिंटिंग प्रेसों ने छपाई का करार किया हुआ है और उनकी शिकायत में यह भी एक प्रमुख बिंदु है जिसकी जांच अब भारत सरकार की संस्था RNI गहनता से करेगी.

संजय ने बताया कि ईमानदारी के साथ अखबार और प्रिंटिंग प्रेस चलाने वाले पत्रकारिता जगत के बहुतायत लोग फर्जी सर्कुलेशन दिखाकर चलने वाले चंद अखबारों और फर्जी छपाई दिखाने वाली चंद प्रिंटिंग प्रेसों के गोरखधंधों की बजह से जबरदस्त रूप से प्रताड़ित है और लगातार घाटा सहने के कारण शनैः शनैः उसी प्रकार कम होते जा रहे हैं जैसे एक खोटे सिक्के के बाज़ार में आ जाने से सभी खरे सिक्कों को बाज़ार से रुखसत होना पड़ जाता है.

संजय ने सार्वजनिक रूप से यह अपील भी की है कि अख़बारों और प्रिंटिंग प्रेसों के फर्जीबाड़े से पीड़ित व्यक्ति भ्रष्टाचार विरोधी व्हाट्सएप हेल्पलाइन 7991479999 पर प्रमाण भेजें ताकि देश में ईमानदार पत्रकारिता को बचाए रखा जा सके.